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पिता और भाई पर तरपाल में आग लगाने का आरोप
Updated Thu, 21 Dec 2017 06:21 PM IST
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पिता और भाई पर तिरपाल में आग लगाने का आरोप
- बाल-बाल बचा परिवार, पुलिस ने किया शांतिभंग की आशंका में चालान
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा।
आपसी विवाद में परिवार के लोगों ने ही एक युवक के तिरपाल की छत में आग लगा दी, जिससे तरपाल के नीचे सो रहा परिवार बाल बाल बचा। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर शांतिभंग की आशंका के तहत चालान कर दिया है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और पीड़ित परिवार की मदद कराई।
गांव पड़रिया दलेलपुर निवासी भंगड़ी के चार पुत्र हैं। तीन पुत्र उसके साथ रहते हैं, लेकिन एक पुत्र पल्लर से उसके संबंध ठीक नहीं हैं। पल्लर अपने आठ बच्चों और पत्नी के साथ अलग झोपड़ी में रहता है। आरोप है कि पिता और भाइयों ने कुछ दिन पूर्व पल्लर की झोपड़ी उजाड़ दी, इससे पल्लर का परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। पल्लर को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला था। जिसकी नींव भराई जा रही थी। 18 दिसंबर की रात पल्लर के पिता और भाइयों ने नींव को उखाड़कर फेंक दिया और तिरपाल में आग लगा दी, जिससे तिरपाल के नीचे लेटा पल्लर, उसकी पत्नी सूरजा और आठ बच्चे बाल-बाल बच गए।
19 दिसंबर को जानकारी पाकर भाकियू के जिला उपाध्यक्ष मंदीप सिंह कई कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और एसडीएम मोइनुल इस्लाम को मामले से अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार न्यायिक केएम दीक्षित पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने खुद मौके पर मौजूद रहकर पल्लर के घर की नींव भरवाई और उसके परिवार को चार कंबल मुहैया कराए। प्रधान वीरपाल ने गेहूं, चावल, एक हजार रुपये दिए। बंडा से समाजसेवी दिनेश जिंदल ने मौके पर पहुंचकर पल्लर और उसके परिवार को कपड़े मुहैया कराए। पल्लर की तहरीर पर पुलिस ने उसके पिता भंगड़ी को गिरफ्तार कर लिया। एसओ राहुल सिंह ने बताया कि कोई तहरीर नहीं मिलने के कारण भंगड़ी का शांतिभंग की आशंका के तहत चालान कर दिया गया है।
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पिता और भाई पर तिरपाल में आग लगाने का आरोप
- बाल-बाल बचा परिवार, पुलिस ने किया शांतिभंग की आशंका में चालान
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा।
आपसी विवाद में परिवार के लोगों ने ही एक युवक के तिरपाल की छत में आग लगा दी, जिससे तरपाल के नीचे सो रहा परिवार बाल बाल बचा। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर शांतिभंग की आशंका के तहत चालान कर दिया है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और पीड़ित परिवार की मदद कराई।
गांव पड़रिया दलेलपुर निवासी भंगड़ी के चार पुत्र हैं। तीन पुत्र उसके साथ रहते हैं, लेकिन एक पुत्र पल्लर से उसके संबंध ठीक नहीं हैं। पल्लर अपने आठ बच्चों और पत्नी के साथ अलग झोपड़ी में रहता है। आरोप है कि पिता और भाइयों ने कुछ दिन पूर्व पल्लर की झोपड़ी उजाड़ दी, इससे पल्लर का परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। पल्लर को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला था। जिसकी नींव भराई जा रही थी। 18 दिसंबर की रात पल्लर के पिता और भाइयों ने नींव को उखाड़कर फेंक दिया और तिरपाल में आग लगा दी, जिससे तिरपाल के नीचे लेटा पल्लर, उसकी पत्नी सूरजा और आठ बच्चे बाल-बाल बच गए।
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19 दिसंबर को जानकारी पाकर भाकियू के जिला उपाध्यक्ष मंदीप सिंह कई कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और एसडीएम मोइनुल इस्लाम को मामले से अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार न्यायिक केएम दीक्षित पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने खुद मौके पर मौजूद रहकर पल्लर के घर की नींव भरवाई और उसके परिवार को चार कंबल मुहैया कराए। प्रधान वीरपाल ने गेहूं, चावल, एक हजार रुपये दिए। बंडा से समाजसेवी दिनेश जिंदल ने मौके पर पहुंचकर पल्लर और उसके परिवार को कपड़े मुहैया कराए। पल्लर की तहरीर पर पुलिस ने उसके पिता भंगड़ी को गिरफ्तार कर लिया। एसओ राहुल सिंह ने बताया कि कोई तहरीर नहीं मिलने के कारण भंगड़ी का शांतिभंग की आशंका के तहत चालान कर दिया गया है।
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