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17 साल बाद मिली उम्रकैद
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 10 Aug 2015 08:56 PM IST
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कोर्ट नंबर 25 के अपर सत्र न्यायाधीश भगवती प्रसाद सक्सेना ने 17 वर्ष पहले हुए हत्या के एक मुकदमे में तीन सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार तिलहर क्षेत्र के गांव बिलहरा निवासी रोशन लाल ने अपने पिता मेवाराम की हत्या करने में अपने गांव के रामनिवास, कृष्णपाल, सत्य प्रकाश (सगे भाई) एवं बनवारी के विरुद्ध रिपोर्ट सात जुलाई 1998 को थाना तिलहर में दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार छह जुलाई 1998 की रात जब वह उसके पिता मेवाराम (मृतक) अपनी चौपाल पर सोए थे, तभी उपरोक्त लोग उसकी चौपाल पर चढ़ गए। उसके पिता ने इन्हें देखकर शोर मचाया, तभी रामनिवास और बनवारी ने उसके पिता पर बंदूक तान दी। इसी दौरान कृष्णपाल ने उसके पिता की गर्दन पर चाकू से वार किए, जिससे उसके पिता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के मूल में दोनों पक्षों के बीच रास्ते को लेकर विवाद होना था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात तथा सरकारी वकील नत्थूलाल वर्मा के तर्कों को सुनने के बाद जज ने आरोपी रामनिवास, कृष्णपाल, सत्यपाल तथा बनवारी को हत्या का दोषी मानते हुए, उन्हें आजीवन कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार तिलहर क्षेत्र के गांव बिलहरा निवासी रोशन लाल ने अपने पिता मेवाराम की हत्या करने में अपने गांव के रामनिवास, कृष्णपाल, सत्य प्रकाश (सगे भाई) एवं बनवारी के विरुद्ध रिपोर्ट सात जुलाई 1998 को थाना तिलहर में दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार छह जुलाई 1998 की रात जब वह उसके पिता मेवाराम (मृतक) अपनी चौपाल पर सोए थे, तभी उपरोक्त लोग उसकी चौपाल पर चढ़ गए। उसके पिता ने इन्हें देखकर शोर मचाया, तभी रामनिवास और बनवारी ने उसके पिता पर बंदूक तान दी। इसी दौरान कृष्णपाल ने उसके पिता की गर्दन पर चाकू से वार किए, जिससे उसके पिता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के मूल में दोनों पक्षों के बीच रास्ते को लेकर विवाद होना था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात तथा सरकारी वकील नत्थूलाल वर्मा के तर्कों को सुनने के बाद जज ने आरोपी रामनिवास, कृष्णपाल, सत्यपाल तथा बनवारी को हत्या का दोषी मानते हुए, उन्हें आजीवन कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
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