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चाइनीज मांझे का खंजर सा वार, गले पर आए तीन टांके

Sat, 23 Feb 2019 12:06 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sat, 23 Feb 2019 12:06 AM IST
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चाइनीज मांझे का खंजर सा वार, गले पर आए तीन टांके
शाहजहांपुर। चाइनीज मांझा से आए दिन हादसों के बावजूद इसकी बिक्री पर रोक नहीं लग रही। कहने को तो चाइनीज मांझा की बिक्री प्रतिबंधित है, लेकिन जिले में इसका बड़ा कारोबार हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी इस पर गौर नहीं कर रहे। शनिवार को एक युवक चाइनीज मांझा की चपेट में आकर गंभीर घायल हो गया। मांझा से उसका गला कट गया। तीन टांके आए हैं। अगर मांझा गले पर कुछ और अंदर बढ़ जाता तो जान पर बन सकती थी। चाइनीज मांझा से किसी के घायल होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे कुछ दिन पहले एसपी के पीआरओ इश्तियाक हुसैन चाइनीज मांझा की चपेट में आकर घायल हो गए थे। पशु-पक्षियों की तो चाइनीज मांझा से जान तक जा रही है। वसंत पंचमी के बाद से अब तक इस तरह के आधा दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार इस जानलेवा कारोबार को मौन स्वीकृति दिए हुए हैं।
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सदर बाजार कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जलालनगर के छुट्टन के 18 वर्षीय पुत्र रहमान की शनिवार को चाइनीज मांझा की चपेट में आने से जान जाते-जाते बची। हरहमान फर्नीचर का काम करता है। दोपहर के वक्त वह साइकिल से जा रहा था। इसी दौरान बिजली के पोल से लटक रहा चाइनीज मांझा उसके गले में फंस गया। कुछ ही सेकेंड में मांझा ने एक खंजर की तरह रहमान की गर्दन काट दी। अगर साइकिल की रफ्तार तेज होती तो जान तक जा सकती थी। हादसा लालइमली-घंटाघर रोड पर हुआ। रहमान के गले पर तीन टांके आए हैं। पिछले दिनों एसपी के पीआरओ इश्तियाक हुसैन भी चाइनीज मांझा की चपेट में आ गए थे। गनीमत रही कि वह हेलमेट पहने थे। इसके बावजूद मांझा ने उनकी गर्दन पर खंजर सा वार कर दिया था। पीआरओ बाल-बाल बचे, लेकिन चाइनीज मांझा की बिक्री करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। चाइनीज मांझा में फंसकर पक्षियों की जान जाना तो आम बात है। घुमंतू पशुओं को भी यह पैरों में उलझ कर जख्मी कर रहा है।
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एनजीटी की पाबंदी का भी कोई असर नहीं
चाइनीज मांझा पर (एनजीटी) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद बाजारों में चाइनीज मांझा की भरमार है। वसंत पंचमी को यहां पतंगों का त्योहार माना जाता है। इसके बाद से पतंग बाजार चाइनीज मांझा से पटे हुए हैं। चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई कारगर कार्रवाई नहीं की है। महानगर में चाइनीज मांझा की चपेट में आकर अक्सर लोग घायल हो रहे हैं। घायल होने वालों में साइकिल और दुपहिया वाहन सवार लोगों की तादाद ज्यादा होती है।
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साधारण मांझा से आधी कीमत पर मांझा
लालइमली चौराहे के पास पतंग और मांझा बेचने वाले एक दुकानदार की मानें तो खुदरा दुकानदारों को चाइनीज मांझा साधारण मांझा से आधी कीमत पर मिल जाता है। मांझा की बिक्री किलो से होती है। एक किलो साधारण मांझा की थोक कीमते 400 से 500 रुपये हैं, जबकि थोक में एक किलो चाइनीज मांझा 250 रुपये तक में मिल जाता है।


चाइनीज मांझा की बिक्री पर पाबंदी है। अगर इसकी बिक्री हो रही है तो यह गलत है। मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अमृत त्रिपाठी, डीएम
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