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शाहजहांपुर के शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष का संभल में अपहरण
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पुवायां (शाहजहांपुर)। बेसिक विद्यालय शिक्षक बेसिक संघ के शाहजहांपुर जिलाध्यक्ष मनोज यादव का संभल में अपहरण कर एक मकान में बंद कर दिया गया। उनके परिवार के लोगों से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। संभल की क्राइम ब्रांच टीम ने बदमाशों को गिरफ्तार कर मनोज यादव को मुक्त करा लिया है। पुलिस मंगलवार को घटना का खुलासा करेगी।
मनोज यादव के पुत्र निखिल यादव के अनुसार उसके पिता 30 अगस्त को सुबह छह बजे घर से मुरादाबाद जाने की बात कह कर निकले थे। शाम पांच बजे तक उसकी अपने पापा से बात होती रही। बाद में मनोज यादव के दोनों मोबाइल नंबर बंद हो गए। 31 अगस्त को सुबह 10 बजे निखिल के पास उसके पिता के एक नंबर से फोन आया कि उसे संभल में एक घर में बंधक बना लिया गया है और बहुत मारपीट की गई है। इसके बाद उसके पिता को बंधक बनाने वाले से उसकी बात हुई तो बदमाश ने उससे कहा कि यदि अपने पापा की जिंदगी चाहते हो तो पांच लाख रुपये लेकर संभल आ जाओ। इसके बाद से फोन नंबर फिर बंद हो गया।
31 अगस्त की रात एक बजे मनोज यादव का फोन एक अन्य नंबर से उनके शाहजहांपुर में रहने वाले मित्र रामसिंह के पास पहुंचा। बदमाश ने रामसिंह से कहा कि मनोज को ले जाना चाहते हो तो सुबह पांच बजे तक पांच लाख रुपये संभल पहुंच जाने चाहिए। इसके बाद कई बार फोन कर फिरौती मांगी गई। बदमाशों ने रामसिंह की मनोज यादव की बात भी कराई। इस दौरान ज्यादा बोलने पर मनोज को पीटा भी गया। निखिल ने मामले की तहरीर पुवायां पुलिस को देने के साथ ही संभल के एसपी को भी मामले की जानकारी दी।
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पुवायां पुलिस कोई कार्रवाई करती इससे पूर्व ही एसपी के निर्देश पर संभल की क्राइम ब्रांच ने निखिल के बताए मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर पूरी जानकारी हासिल की। सूचना पुष्ट होने के बाद संभल की क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ मनोज यादव को मुक्त करा लिया है। संभल के पुलिस सूत्रों ने बताया कि क्राइम ब्रांच मंगलवार को मामले का खुलासा कर बदमाशों को जेल भेजेगी।
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मनोज यादव के पुत्र निखिल यादव के अनुसार उसके पिता 30 अगस्त को सुबह छह बजे घर से मुरादाबाद जाने की बात कह कर निकले थे। शाम पांच बजे तक उसकी अपने पापा से बात होती रही। बाद में मनोज यादव के दोनों मोबाइल नंबर बंद हो गए। 31 अगस्त को सुबह 10 बजे निखिल के पास उसके पिता के एक नंबर से फोन आया कि उसे संभल में एक घर में बंधक बना लिया गया है और बहुत मारपीट की गई है। इसके बाद उसके पिता को बंधक बनाने वाले से उसकी बात हुई तो बदमाश ने उससे कहा कि यदि अपने पापा की जिंदगी चाहते हो तो पांच लाख रुपये लेकर संभल आ जाओ। इसके बाद से फोन नंबर फिर बंद हो गया।
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31 अगस्त की रात एक बजे मनोज यादव का फोन एक अन्य नंबर से उनके शाहजहांपुर में रहने वाले मित्र रामसिंह के पास पहुंचा। बदमाश ने रामसिंह से कहा कि मनोज को ले जाना चाहते हो तो सुबह पांच बजे तक पांच लाख रुपये संभल पहुंच जाने चाहिए। इसके बाद कई बार फोन कर फिरौती मांगी गई। बदमाशों ने रामसिंह की मनोज यादव की बात भी कराई। इस दौरान ज्यादा बोलने पर मनोज को पीटा भी गया। निखिल ने मामले की तहरीर पुवायां पुलिस को देने के साथ ही संभल के एसपी को भी मामले की जानकारी दी।
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पुवायां पुलिस कोई कार्रवाई करती इससे पूर्व ही एसपी के निर्देश पर संभल की क्राइम ब्रांच ने निखिल के बताए मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर पूरी जानकारी हासिल की। सूचना पुष्ट होने के बाद संभल की क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ मनोज यादव को मुक्त करा लिया है। संभल के पुलिस सूत्रों ने बताया कि क्राइम ब्रांच मंगलवार को मामले का खुलासा कर बदमाशों को जेल भेजेगी।