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कोर्ट में पेश नहीं हुईं कृष्णाराज, हाजिरी माफी का दिया प्रार्थना पत्र
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शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव 2014 में आचार संहिता उल्लंघन मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णा राज बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश नहीं हुईं। उन्होंने वकील के माध्यम से कोर्ट में हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दे दिया। वहीं, उनकी ओर से मुकदमे को समाप्त किए जाने को सात जनवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र पर बहस हुई, जिस पर कोई फैसला नहीं सुनाया गया। मुकदमे की अगली तारीख पांच फरवरी तय की गई है।
कृष्णा राज के खिलाफ तत्कालीन निगोही थानाध्यक्ष आशीष कुमार शुक्ला ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत धारा 188, 177 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कृष्णा राज पर आरोप था कि निगोही में दो अप्रैल 2014 को धारा 144 लागू होने के बाद भी बिना अनुमति के ब्लॉक कार्यालय के सामने उनके स्टीकर, बैनर, पोस्टर लगाए जा रहे थे। थानाध्यक्ष ने इसे आचार संहित उल्लंघन का मामला मानते हुए स्टीकर, बैनर जब्त करके रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय भेजी थी। बुधवार को उन्हें तय तारीख पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एडीजे तृतीय की अदालत में हाजिर होना था, लेकिन उन्होंने वकील के माध्यम से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दे दिया। वहीं, उनकी ओर से मुकदमे को समाप्त किए जाने को सात जनवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र पर बहस हुई। कृष्णाराज के पक्ष में उनके वकील नीरज पाठक और विपक्ष में सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ला ने दलीलें दीं। बहस पर कोई फैसला नहीं दिया गया। मुकदमे की अगली तारीख पांच फरवरी तय की गई है।
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कृष्णा राज के खिलाफ तत्कालीन निगोही थानाध्यक्ष आशीष कुमार शुक्ला ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत धारा 188, 177 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कृष्णा राज पर आरोप था कि निगोही में दो अप्रैल 2014 को धारा 144 लागू होने के बाद भी बिना अनुमति के ब्लॉक कार्यालय के सामने उनके स्टीकर, बैनर, पोस्टर लगाए जा रहे थे। थानाध्यक्ष ने इसे आचार संहित उल्लंघन का मामला मानते हुए स्टीकर, बैनर जब्त करके रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय भेजी थी। बुधवार को उन्हें तय तारीख पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एडीजे तृतीय की अदालत में हाजिर होना था, लेकिन उन्होंने वकील के माध्यम से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दे दिया। वहीं, उनकी ओर से मुकदमे को समाप्त किए जाने को सात जनवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र पर बहस हुई। कृष्णाराज के पक्ष में उनके वकील नीरज पाठक और विपक्ष में सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ला ने दलीलें दीं। बहस पर कोई फैसला नहीं दिया गया। मुकदमे की अगली तारीख पांच फरवरी तय की गई है।
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