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दोहरे हत्याकांड में छह मुजरिमो को आजीवन कारावास
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शाहजहांपुर। प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर मदनापुर इलाके के त्रिलोकपुर गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने दो सगे भाइयों समेत छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें चार आरोपियों पर 20-20 और दो पर 21-21 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला गया है।
यह खूनी खेल 18 मार्च 2006 को मदनापुर थाना क्षेत्र के गांव त्रिलोकपुर में हुआ था। प्रधानी के चुनाव में छोटे सिंह पुत्र मोहकम सिंह और मोरपाल पुत्र रघुनाथ ने अलग-अलग प्रत्याशियों की मदद की थी। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश पैदा हो गई थी। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट और फायरिंग हुई थी। इसमें गोली लगने से एक पक्ष के छोटे सिंह और दूसरे पक्ष के मोरपाल की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छोटे सिंह के भांजे संतोष सिंह की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट में बृजपाल, जगतपाल, मुनेश और राकेश को नामजद किया गया था। दूसरी पक्ष की ओर से मोरपाल के भाई बृजपाल ने लिखाई रिपोर्ट में राजपाल उर्फ राजू और नन्हेंलाल को नामजद कराया था। इस दोहरे हत्याकांड में षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने नामजद आरोपी सगे भाई ब्रजपाल और जगतपाल पुत्र रघुनाथ और मुनेश, उसके भाई राकेश पुत्र मेवाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि दूसरे पक्ष की ओर से नामजद कराए गए आरोपी राजपाल उर्फ राजू पुत्र कन्हईलाल और नन्हेंलाल पुत्र रामबाबू को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही ब्रजपाल और राकेश पर 21-21 हजार रुपये तथा जगतपाल और मुनेश पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड डाला गया है।
दूसरे पक्ष के दोनों आरोपियों राजपाल उर्फ राजू और नन्हेंलाल पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना डाला गया है। इस दोहरे हत्याकांड के अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील शशि मोहन सिंह और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने फैसला सुनाया।
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यह खूनी खेल 18 मार्च 2006 को मदनापुर थाना क्षेत्र के गांव त्रिलोकपुर में हुआ था। प्रधानी के चुनाव में छोटे सिंह पुत्र मोहकम सिंह और मोरपाल पुत्र रघुनाथ ने अलग-अलग प्रत्याशियों की मदद की थी। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश पैदा हो गई थी। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट और फायरिंग हुई थी। इसमें गोली लगने से एक पक्ष के छोटे सिंह और दूसरे पक्ष के मोरपाल की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छोटे सिंह के भांजे संतोष सिंह की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट में बृजपाल, जगतपाल, मुनेश और राकेश को नामजद किया गया था। दूसरी पक्ष की ओर से मोरपाल के भाई बृजपाल ने लिखाई रिपोर्ट में राजपाल उर्फ राजू और नन्हेंलाल को नामजद कराया था। इस दोहरे हत्याकांड में षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने नामजद आरोपी सगे भाई ब्रजपाल और जगतपाल पुत्र रघुनाथ और मुनेश, उसके भाई राकेश पुत्र मेवाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि दूसरे पक्ष की ओर से नामजद कराए गए आरोपी राजपाल उर्फ राजू पुत्र कन्हईलाल और नन्हेंलाल पुत्र रामबाबू को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही ब्रजपाल और राकेश पर 21-21 हजार रुपये तथा जगतपाल और मुनेश पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड डाला गया है।
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दूसरे पक्ष के दोनों आरोपियों राजपाल उर्फ राजू और नन्हेंलाल पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना डाला गया है। इस दोहरे हत्याकांड के अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील शशि मोहन सिंह और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने फैसला सुनाया।
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