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दुष्कर्म के दो मामलों में तीन दोषियों को बीस-बीस साल के कारावास की सजा
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शाहजहांपुर। प्रथम फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने सिंधौली क्षेत्र में दुष्कर्म के एक मामले में सगे भाइयों को 20-20 साल की सजा सुनाई है। इसी क्षेत्र में दुष्कर्म के एक अन्य मामले में दोषी को भी 20 साल की कैद का आदेश अदालत ने दिया है।
अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सिंधौली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति (वादी) ने एसपी को तहरीर दी थी कि 30 नवंबर 2012 की रात करीब आठ बजे उसकी बेटी शौच के लिए जा रही थी। तभी उसे जबरन घर में बंद कर दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने 24 दिसंबर 2012 को अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद पुलिस ने रामनिवास के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376 और उसके सगे भाई आदिराम के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 506 के तहत आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए। मामले में गवाहों के बयानात और सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह के तर्कों से सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी रामनिवास और आदिराम को दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के कारावास और 31-31 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।
दूसरा मामला 22 अक्टूबर 2017 का है। पुलिस में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक वादी वारदात के वक्त खेत पर गया हुआ था और उसकी बेटी घर में अकेली थी। उसी समय उसके गांव का रवि घर में घुस आया और उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की। वादी की तहरीर के आधार पर रवि के खिलाफ 452, 354 एवं पॉक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचक द्वारा पीड़िता का बयान, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर रवि के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप होना पाया गया। मामले में अदालत ने रवि को दोषी माना और 20 वर्ष के कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
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अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सिंधौली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति (वादी) ने एसपी को तहरीर दी थी कि 30 नवंबर 2012 की रात करीब आठ बजे उसकी बेटी शौच के लिए जा रही थी। तभी उसे जबरन घर में बंद कर दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने 24 दिसंबर 2012 को अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद पुलिस ने रामनिवास के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376 और उसके सगे भाई आदिराम के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 506 के तहत आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए। मामले में गवाहों के बयानात और सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह के तर्कों से सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी रामनिवास और आदिराम को दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के कारावास और 31-31 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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दूसरा मामला 22 अक्टूबर 2017 का है। पुलिस में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक वादी वारदात के वक्त खेत पर गया हुआ था और उसकी बेटी घर में अकेली थी। उसी समय उसके गांव का रवि घर में घुस आया और उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की। वादी की तहरीर के आधार पर रवि के खिलाफ 452, 354 एवं पॉक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचक द्वारा पीड़िता का बयान, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर रवि के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप होना पाया गया। मामले में अदालत ने रवि को दोषी माना और 20 वर्ष के कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
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