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कृष्णाराज धारा 171 से आरोप मुक्त, धारा 188 तहत सुनवाई 13 को
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शाहजहांपुर। आचार संहिता उल्लंधन के आरोपों से घिरी पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णाराज बुधवार को एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में हाजिर नहीं हुईं। उन्होंने हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दे दिया। वहीं कोर्ट ने पहले के प्रार्थना पत्र पर निर्णय सुनाते हुए उन्हें 171 से उन्मोचित कर दिया। उन पर धारा 144 का उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत सुनवाई को लेकर 13 फरवरी तारीख तय की गई है।
बता दें कि कृष्णाराज के खिलाफ वर्ष 2014 में तत्कालीन निगोही थानाध्यक्ष आशीष कुमार शुक्ला ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत धारा वर्ष 2014 को 188, 177 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि निगोही में दो अप्रैल 2014 को धारा 144 लागू होने के बाद भी बिना अनुमति के ब्लाक कार्यालय के सामने कृष्णाराज के स्टीकर, बैनर, पोस्टर लगाए जा रहे हैं। तत्कालीन निगोही थानाध्यक्ष ने आचार संहित उल्लंघन का मामला मानते हुए स्टीकर, बैनर जब्त किए थे और मामले की रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय भेज दिया था। मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एडीजे तृतीय की अदालत मे चल रहा है।
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बता दें कि कृष्णाराज के खिलाफ वर्ष 2014 में तत्कालीन निगोही थानाध्यक्ष आशीष कुमार शुक्ला ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत धारा वर्ष 2014 को 188, 177 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि निगोही में दो अप्रैल 2014 को धारा 144 लागू होने के बाद भी बिना अनुमति के ब्लाक कार्यालय के सामने कृष्णाराज के स्टीकर, बैनर, पोस्टर लगाए जा रहे हैं। तत्कालीन निगोही थानाध्यक्ष ने आचार संहित उल्लंघन का मामला मानते हुए स्टीकर, बैनर जब्त किए थे और मामले की रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय भेज दिया था। मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एडीजे तृतीय की अदालत मे चल रहा है।
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