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नगर निगम पहली बार कराएगा जीआईएस आधारित मैपिंग सर्वे

Wed, 24 Aug 2022 12:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 12:20 AM IST
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Corporation will conduct GIS survey, property will not be able to escape from tax
शाहजहांपुर। नगर निगम क्षेत्र में पहली बार आवासीय और अनावासीय संपत्तियों का जीआईएस (ग्लोबल इंफॉर्मेशन सिस्टम) पर आधारित सर्वे कराया जाएगा। सर्वे कंपनी का चयन शासन स्तर पर निविदा से होना है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम संपत्तियों पर टैक्स निर्धारित करेगा। इससे नगर निगम की आय में करोड़ों का इजाफा होगा, वहीं शहर वासियों पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है।
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टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कंपनी का चयन किए जाने को लेकर सोमवार को ऑनलाइन मीटिंग में नगर निगम के अधिकारियों ने प्रतिभाग भी किया था। सर्वे के बाद शहर और निगम में शामिल गांवों में भवनों की वास्तविक संख्या का ब्योरा निगम के पास होगा। नगर आयुक्त की ओर से पूर्व में ही जीआईएस आधारित सर्वे को लेकर कंपनी का चयन किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। कंपनी का चयन होने के बाद इस काम को शुरू किया जाएगा। वर्तमान समय में नगर निगम क्षेत्र में 55,475 संपत्तियां दर्ज हैं, इनमें 44,299 आवासीय और 11,176 अनावासीय संपत्ति शामिल हैं। इनसे टैक्स वसूला जा रहा है। जीआईएस से सर्वे कराने पर कोई संपत्ति नहीं बच पाएगी। इससे पूरे शहर का सर्वे आसानी से हो सकेगा।
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अभी पुरानी दरों पर हो रही टैक्स वसूली
साल 2018 में नगर निगम बनने के बाद संपत्ति कर की दरें तय की गईं थीं। इसके अनुसार अब तक टैक्स की वसूली की जा रही है। इसमें आने वाले दिनों में बदलाव होगा अब मौजूदा परिस्थिति के मुताबिक जीआईएस आधारित सर्वे होना है। इस सर्वे के मुताबिक हर संपत्ति का ब्योरा निगम के पास होगा। नए क्षेत्रों का संपत्ति कर सर्वे के बाद वसूला जाएगा। सर्वे के बाद इसे निगम की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके तहत भवन मालिक, भवन का खाता नंबर, प्लॉट नंबर, मालिक का नाम, फोन नंबर आदि जानकारी ऑनलाइन रहेगी। नगर निगम ने नागरिकों को कर के लिए सेल्फ असेसमेंट की सुविधा भी दी थी। इसका बाद में सत्यापन कराया जाता है। हालांकि यह सुविधा अपेक्षा के अनुसार उपयोगी नहीं साबित हुई। सर्वे के जरिये यह भी पता चलेगा कि कितने घर ऐसे हैं जिनका आकार अधिक है लेकिन टैक्स कम दे रहे हैं। ऐसे में गृह कर के साथ ही वाटर और सीवर टैक्स भी बढ़ेगा।
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हर संपत्ति की बनेगी यूनिक आईडी
नगर निगम एरिया की हर संपत्ति की एक यूनिक आईडी बनेगी। कंप्यूटर स्क्रीन पर एक क्लिक से पूरी आईडी का बायोडॉटा निकल आएगा। नगर निगम में ग्राम पंचायतें भी शामिल हुईं हैं। इसके चलते निगम की जनसंख्या करीब 3.5 लाख तक पहुंच गई है। जैसे-जैसे कॉलोनियों का विस्तार हो रहा है, संपत्ति धारकों की संख्या बढ़ रही है। लोग रिकॉर्ड में संपत्ति दर्ज कराने के लिए निगम के चक्कर लगाते रहते हैं।

यह है जीआईएस सर्वे
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर ने बताया कि जीआईएस एक भू-विज्ञान सूचना प्रणाली है। यह संरचनात्मक डाटाबेस पर आधारित है। यह भौगोलिक सूचनाओं के आधार पर जानकारी प्रदान करती है। संरचनात्मक डाटाबेस तैयार करने के लिए वीडियो, भौगोलिक फोटोग्राफ और जानकारियों के आधार का कार्य करती हैं। ड्रोन के जरिये भी नगर निगम क्षेत्र का सर्वे होगा। हालांकि नगर निगम के कर्मचारी संपत्तियों के सत्यापन का कार्य करते रहेंगे।
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