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कोरोना ने रोकी चार हजार लाभार्थियों की आवासीय किस्त
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शाहजहांपुर। कोरोना महामारी ने सरकारी योजनाओं पर भी काफी असर डाला है। मुख्यमंत्री आवास योजना शहरी के तहत चार हजार लाभार्थियों को कोविड-19 की वजह से ही अभी तक आवासीय किस्त प्राप्त नहीं हो सकी है। जबकि मार्च में ही उनकी डीपीआर भेजी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री आवास योजना शहरी के तहत तीन लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले लाभार्थियों को अपने प्लाट पर मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत अब तक जिले के करीब 5100 लाभार्थियों को पक्की छत मिल चुकी है और 2000 लाभार्थियों को तीसरी किस्त प्राप्त हो गई है, जिससे वह अपने घर में फिनिशिंग का काम करा रहे हैं। लेकिन करीब 4000 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका इस योजना में चयन हो गया है, पर कोरोना महामारी फैलने के कारण उनको आर्थिक सहयोग के रूप में पहली किस्त भेजने की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। जिससे फिलहाल उनका अपना घर होने का सपना अधूरा ही है।
योजना के तहत मकान बनाने को मिलते हैं ढाई लाख
योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये अनुदान के रूप में दिया जाता है। जिससे अपनी जगह होने के बाद भी खुले आसमान के नीचे जीवनयापन करने वालों को पक्का मकान व छत मिल सके। मकान बनाने को तीन लेवल पर किस्त दी जाती है। पहली किस्त के रूप में 50 हजार मकान की नींव भराने को, दूसरी किस्त 1.50 लाख रुपये में पूरा मकान बनाना होता है। आखिरी किस्त 50 हजार रुपए फिनिशिंग के लिए दिए जाते हैं।
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12274 मकान चयनित, 7200 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
- जिले में 12274 मकान चयनित हैं, इनमें से 7200 लाभार्थियों को पहली किस्त जा चुकी है। दूसरी किस्त 5100 और तीसरी 2000 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। पांच स्तरों पर जियो टैगिंग होती है और तीन बार में मकान बनाने के लिए किस्त उपलब्ध कराई जाती है।
दिल्ली में हाउसिंग बोर्ड की बैठक नहीं हो पाई है, इसलिए मुख्यमंत्री आवास योजना शहरी के तहत के लाभार्थियों को किस्त का भुगतान नहीं हो पा रहा है। शासन की ओर से बहुत से लोगों को अपनी छत मिल चुकी है, अन्य लाभार्थियों को भी लाभ मिलेगा।
- अतुल कुमार पाठक, पीओ डूडा।
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मुख्यमंत्री आवास योजना शहरी के तहत तीन लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले लाभार्थियों को अपने प्लाट पर मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत अब तक जिले के करीब 5100 लाभार्थियों को पक्की छत मिल चुकी है और 2000 लाभार्थियों को तीसरी किस्त प्राप्त हो गई है, जिससे वह अपने घर में फिनिशिंग का काम करा रहे हैं। लेकिन करीब 4000 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका इस योजना में चयन हो गया है, पर कोरोना महामारी फैलने के कारण उनको आर्थिक सहयोग के रूप में पहली किस्त भेजने की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। जिससे फिलहाल उनका अपना घर होने का सपना अधूरा ही है।
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योजना के तहत मकान बनाने को मिलते हैं ढाई लाख
योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये अनुदान के रूप में दिया जाता है। जिससे अपनी जगह होने के बाद भी खुले आसमान के नीचे जीवनयापन करने वालों को पक्का मकान व छत मिल सके। मकान बनाने को तीन लेवल पर किस्त दी जाती है। पहली किस्त के रूप में 50 हजार मकान की नींव भराने को, दूसरी किस्त 1.50 लाख रुपये में पूरा मकान बनाना होता है। आखिरी किस्त 50 हजार रुपए फिनिशिंग के लिए दिए जाते हैं।
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12274 मकान चयनित, 7200 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
- जिले में 12274 मकान चयनित हैं, इनमें से 7200 लाभार्थियों को पहली किस्त जा चुकी है। दूसरी किस्त 5100 और तीसरी 2000 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। पांच स्तरों पर जियो टैगिंग होती है और तीन बार में मकान बनाने के लिए किस्त उपलब्ध कराई जाती है।
दिल्ली में हाउसिंग बोर्ड की बैठक नहीं हो पाई है, इसलिए मुख्यमंत्री आवास योजना शहरी के तहत के लाभार्थियों को किस्त का भुगतान नहीं हो पा रहा है। शासन की ओर से बहुत से लोगों को अपनी छत मिल चुकी है, अन्य लाभार्थियों को भी लाभ मिलेगा।
- अतुल कुमार पाठक, पीओ डूडा।