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सफाई कर्मचारियों ने जुलूस निकाला, प्रदर्शन किया
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:40 PM IST
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उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े नगरपालिका परिषद के दिहाड़ी सफाई कर्मचारियों ने सेवा में स्थायी तौर पर लिए जाने को आरक्षण का लाभ देने की मांग को लेकर शनिवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व, उन्होंने नगरपालिका परिषद में धरना दिया और वहां से नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट जाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन में सफाई कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक दौलतराम ने कहा कि गत नौ जुलाई को लखनऊ में हुई समिति की प्रांतीय बैठक में शासनादेश के अनुरूप होने वाली सफाई कर्मचारियों की भर्ती में संविदा कर्मचारियों को आरक्षण आधार पर स्थायी सेवा में लिए जाने की मांग उठाई जा चुकीी है। इसके बावजूद शासन सफाई कर्मचारियों के लिए सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति आदि वर्गों से यह पद भरने की तैयारी कर रहा है।
कर्मचारी नेता मुरारी लाल भास्कर ने सफाई कर्मचारियों के पदों पर केवल वाल्मीकि समुदाय के लोगों को नियुक्ति दिए जाने की मांग दोहराई। बाद में कर्मचारी रिक्शे पर लाउडस्पीकर रखकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां भी प्रदर्शन किया। ज्ञापन में कहा गया है कि सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए अन्य जातियों के लोग झाड़ू लगाने से परहेज करते हैं। इसे देखते सफाई के पारंपरिक काम से जुड़े परिवारों के लोगों को ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
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प्रदर्शन में राधेश्याम इंकलाबी, सुरेंद्र नाथ, राजीव कुमार सिंह, रमेश चंद्र सेठ, अशोक महाजन, प्रेम शंकर, राम निवास, राम कृपाल, रामलाल तिलहरी, रामपाल, राजू आजाद, अमरदीप, नरेश सिद्धार्थ आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शन में सफाई कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक दौलतराम ने कहा कि गत नौ जुलाई को लखनऊ में हुई समिति की प्रांतीय बैठक में शासनादेश के अनुरूप होने वाली सफाई कर्मचारियों की भर्ती में संविदा कर्मचारियों को आरक्षण आधार पर स्थायी सेवा में लिए जाने की मांग उठाई जा चुकीी है। इसके बावजूद शासन सफाई कर्मचारियों के लिए सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति आदि वर्गों से यह पद भरने की तैयारी कर रहा है।
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कर्मचारी नेता मुरारी लाल भास्कर ने सफाई कर्मचारियों के पदों पर केवल वाल्मीकि समुदाय के लोगों को नियुक्ति दिए जाने की मांग दोहराई। बाद में कर्मचारी रिक्शे पर लाउडस्पीकर रखकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां भी प्रदर्शन किया। ज्ञापन में कहा गया है कि सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए अन्य जातियों के लोग झाड़ू लगाने से परहेज करते हैं। इसे देखते सफाई के पारंपरिक काम से जुड़े परिवारों के लोगों को ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
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प्रदर्शन में राधेश्याम इंकलाबी, सुरेंद्र नाथ, राजीव कुमार सिंह, रमेश चंद्र सेठ, अशोक महाजन, प्रेम शंकर, राम निवास, राम कृपाल, रामलाल तिलहरी, रामपाल, राजू आजाद, अमरदीप, नरेश सिद्धार्थ आदि शामिल रहे।