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दूसरी दिन भी खराब रही शहर की हवा
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शाहजहांपुर। दीपावली से चरम पर पहुंचा वायु प्रदूषण शनिवार को भी सामान्य स्थिति में नहीं लौट सका। शनिवार को भी लोग आतिशबाजी चलाते रहे, जिससे वायु स्वच्छ नहीं हो पा रही है। शनिवार को शहर में औसतन एक्यूआई 98 रहा।
दीपावली पर सबसे अधिक एयर क्वालिटी इंडेक्स (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 594 तक पहुंच गया था। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। स्थिति यह थी कि कई लोगों ने बारूद के धुएं को घर में घुसने से रोकने के लिए खिड़की दरवाजे तक बंद कर लिए थे। प्रदूषित वायु के कारण लोग पिछले दो दिनों से मॉर्निंग वॉक पर निकलने से परहेज कर रहे हैं। वहीं ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ गया था। बृहस्पतिवार को ध्वनि प्रदूषण सौ डेसीबल के आसपास पहुंच गया था।
पर्यावरण के लिए समर्पित संस्था पृथ्वी के अध्यक्ष डॉ. विकास खुराना ने बताया कि शनिवार रात को एक्यूआई बढ़ने की संभावना है। इसका कारण है कि पुरवाई थम गई है। पछुआ हवाओं के आने में कुछ दिन हैं, जिस वजह से हवा की गति शून्य से दस किमी प्रति घंटे से ज्यादा नहीं है। इसकी वजह से प्रदूषक तत्व छितरा नहीं पाते। तापमान कम होने से हवा भारी एवं सतह के करीब ठंडी है। इसमें सघनता है। इस कारण गैस, पीएम पार्टिकल्स नमी से मिलकर धुंध बनाते हैं। शाहजहांपुर का औसत एक्यूआई 98 है। शहर में वाहनों के पॉल्युशन और धुएं से हालात चिंतनीय बनते है। 300 पार एक्यूआई वायु आपातकाल की स्थिति का घोतक होता है। जैसे-जैसे मौसम ठंडा होता जाता है एक्यूआई बढ़ता जाता है। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक तेज पछुआ पवनों के आने से ठंड तो बढ़ती है किंतु वातावरण में प्रदूषण कम हो जाता है। पिछले दो दिनों से चल रही आतिशबाजी के कारण हालात खराब होते जा रहे हैं। इसमें सुधार होने में हफ्ताभर लग सकता है।
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शनिवार को एक्यूूआई की स्थिति
सुबह 6:30 -142
11: 30 -183
4:30 -289
चेस्ट फिजीशियन डॉ. गेरा ने बताया कि प्रदूषित वायु से ब्रानकाइटिस बीमारी होने की संभावना होती है। इसमें सांस और खांसी की दिक्कत हो जाती है। ऐसे में सांस के मरीजों को धूल, गर्दा, धुआं जैसे प्रदूषित वातारण वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। सिगरेट न पिएं। अगर धूल वाली जगहों पर जाना पड़े तो मास्क लगाकर जाएं।
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दीपावली पर सबसे अधिक एयर क्वालिटी इंडेक्स (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 594 तक पहुंच गया था। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। स्थिति यह थी कि कई लोगों ने बारूद के धुएं को घर में घुसने से रोकने के लिए खिड़की दरवाजे तक बंद कर लिए थे। प्रदूषित वायु के कारण लोग पिछले दो दिनों से मॉर्निंग वॉक पर निकलने से परहेज कर रहे हैं। वहीं ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ गया था। बृहस्पतिवार को ध्वनि प्रदूषण सौ डेसीबल के आसपास पहुंच गया था।
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पर्यावरण के लिए समर्पित संस्था पृथ्वी के अध्यक्ष डॉ. विकास खुराना ने बताया कि शनिवार रात को एक्यूआई बढ़ने की संभावना है। इसका कारण है कि पुरवाई थम गई है। पछुआ हवाओं के आने में कुछ दिन हैं, जिस वजह से हवा की गति शून्य से दस किमी प्रति घंटे से ज्यादा नहीं है। इसकी वजह से प्रदूषक तत्व छितरा नहीं पाते। तापमान कम होने से हवा भारी एवं सतह के करीब ठंडी है। इसमें सघनता है। इस कारण गैस, पीएम पार्टिकल्स नमी से मिलकर धुंध बनाते हैं। शाहजहांपुर का औसत एक्यूआई 98 है। शहर में वाहनों के पॉल्युशन और धुएं से हालात चिंतनीय बनते है। 300 पार एक्यूआई वायु आपातकाल की स्थिति का घोतक होता है। जैसे-जैसे मौसम ठंडा होता जाता है एक्यूआई बढ़ता जाता है। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक तेज पछुआ पवनों के आने से ठंड तो बढ़ती है किंतु वातावरण में प्रदूषण कम हो जाता है। पिछले दो दिनों से चल रही आतिशबाजी के कारण हालात खराब होते जा रहे हैं। इसमें सुधार होने में हफ्ताभर लग सकता है।
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शनिवार को एक्यूूआई की स्थिति
सुबह 6:30 -142
11: 30 -183
4:30 -289
चेस्ट फिजीशियन डॉ. गेरा ने बताया कि प्रदूषित वायु से ब्रानकाइटिस बीमारी होने की संभावना होती है। इसमें सांस और खांसी की दिक्कत हो जाती है। ऐसे में सांस के मरीजों को धूल, गर्दा, धुआं जैसे प्रदूषित वातारण वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। सिगरेट न पिएं। अगर धूल वाली जगहों पर जाना पड़े तो मास्क लगाकर जाएं।