बरेली: बड़े अपराधियों पर रासुका के तहत करें कार्रवाई, डीआईजी ने चारों जिले के पुलिस अफसरों को दिए निर्देश
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने सोमवार को पुलिस अधीक्षकों संग अपराध समीक्षा बैठक की। उन्होंने बड़े अपराधियों पर रासुका लगाने, संपत्ति जब्त करने और अपराध नियंत्रण के निर्देश दिए। लंबित शिकायतों, विवेचनाओं, महिला सुरक्षा व साइबर अपराधों के निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
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बरेली के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने सोमवार को रेंज कार्यालय में चारों जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। इसमें अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था व यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की गई। डीआईजी ने निर्देश दिए कि गोकशी समेत अन्य अपराधों में लिप्त बड़े अपराधियों को रासुका के तहत निरुद्ध कराने की कार्रवाई करें, अपराध से अर्जित उनकी संपत्ति को जब्त करें।
डीआईजी ने आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया। लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निपटाने के निर्देश दिए। सीसीटीएनएस पर 60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ई-साक्ष्य एप का उपयोग कर वीडियोग्राफी बयान, फोटो और फॉरेंसिक रिपोर्ट को विवेचना में जोड़ने पर बल दिया गया।
न्यायालय से समन्वय कर ई-समन जारी करने और यक्ष एप पर शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान के तहत जागरूकता बढ़ाने को कहा गया। हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, दहेज हत्या और पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर फोकस
मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की गई। महिला बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। साइबर हेल्प-डेस्क के प्रभावी क्रियान्वयन और साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साइबर अपराधों से संबंधित लीन अमाउंट की स्थिति की समीक्षा कर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।