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नाव पलटी, बाल-बाल बचे 27 लोग
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शाहजहांपुर के जलालाबाद में इसी नाव पर सवार थे 27 लोग। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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जलालाबाद। बहगुल और रामगंगा की बाढ़ का पानी भरे खेत में होकर गुजरते समय सवारियों से भरी नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। नाव में पांच महिलाओं समेत 27 लोग सवार थे। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे दूसरी नाव के चालक ने अपने साथियों की मदद से सभी को बचा लिया। इस हादसे की सूचना पाकर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर जा पहुंचीं और सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
जलालाबाद इलाके में मंगलवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे चितरऊ गांव के पास बाढ़ का पानी भरे खेत में होकर गुजर रही नाव में पांच महिलाओं समेत 27 लोग सवार थे। इनमें सात ग्रामीण दूध लेकर बेचने के लिए जलालाबाद जा रहे थे। कई लोग अपना मेंथा ऑयल बेचने जा रहे थे। महिलाएं बाढ़ की वजह से अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जा रही थीं। नाव में सवार लोग ग्राम चितरऊ, कुंडरा और ढका डांडी गांव के निवासी हैं। ग्राम नगला किंशन गांव के एक खेत में होकर गुजरते नाव किसी कटे हुए पेड़ के ठूंठ से टकराकर असंतुलित होने के बाद पलट गई। नाव पलटते ही लोगों में चीखपुकार मच गई और लोग पानी मे डूबने लगे। घटनास्थल गांव से काफी दूर होने के कारण तत्काल वहां पहुंचना आसान नहीं था। गनीमत रही कि कुछ दूरी पर उसी गांव के रामनिवास अपनी बोट लेकर जा रहे थे। उनके साथ बोट पर दल सिंह व संजय भी मौजूद थे। रामनिवास व उनके साथी कुछ ही देर में मौके पर जा पहुंचे डूबते लोगों को बचाकर अपनी बोट में बैठा लिया।
इस हादसे की सूचना पाकर थाना प्रभारी कमल सिंह, राज्य आपदा मोचन बल के टीम प्रभारी महेंद्र नाथ मौके पर जा पहुंचे। उनकी सहायता से बोट को किनारे ले जाया गया। इससे सभी सुरक्षित बच गए। इस दौरान कई लीटर दूध, 40-50 किलो मेंथा ऑयल और घरेलू सामान पानी में समा गया।
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जलालाबाद इलाके में मंगलवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे चितरऊ गांव के पास बाढ़ का पानी भरे खेत में होकर गुजर रही नाव में पांच महिलाओं समेत 27 लोग सवार थे। इनमें सात ग्रामीण दूध लेकर बेचने के लिए जलालाबाद जा रहे थे। कई लोग अपना मेंथा ऑयल बेचने जा रहे थे। महिलाएं बाढ़ की वजह से अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जा रही थीं। नाव में सवार लोग ग्राम चितरऊ, कुंडरा और ढका डांडी गांव के निवासी हैं। ग्राम नगला किंशन गांव के एक खेत में होकर गुजरते नाव किसी कटे हुए पेड़ के ठूंठ से टकराकर असंतुलित होने के बाद पलट गई। नाव पलटते ही लोगों में चीखपुकार मच गई और लोग पानी मे डूबने लगे। घटनास्थल गांव से काफी दूर होने के कारण तत्काल वहां पहुंचना आसान नहीं था। गनीमत रही कि कुछ दूरी पर उसी गांव के रामनिवास अपनी बोट लेकर जा रहे थे। उनके साथ बोट पर दल सिंह व संजय भी मौजूद थे। रामनिवास व उनके साथी कुछ ही देर में मौके पर जा पहुंचे डूबते लोगों को बचाकर अपनी बोट में बैठा लिया।
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इस हादसे की सूचना पाकर थाना प्रभारी कमल सिंह, राज्य आपदा मोचन बल के टीम प्रभारी महेंद्र नाथ मौके पर जा पहुंचे। उनकी सहायता से बोट को किनारे ले जाया गया। इससे सभी सुरक्षित बच गए। इस दौरान कई लीटर दूध, 40-50 किलो मेंथा ऑयल और घरेलू सामान पानी में समा गया।
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