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कुपोषण के खिलाफ साक्षी ने लड़ी लड़ाई, मिला मुख्यमंत्री से सम्मान
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हरियाणा में साक्षी को पुरस्कृत करते हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। गरीब और बेसहारा बच्चों को प्राथमिक शिक्षा का हक तथा कुपोषण से मुक्ति दिलाने जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य को संस्था के जरिये अंजाम तक पहुंचाने वाली जलालाबाद की बेटी हरियाणा समेत कई प्रांतों में अपना और परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। अपने प्रयासों से अब तक सैकड़ों नौनिहालों की जिंदगी संवारने वाली इस बेटी को हरियाणा के मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है।
जलालाबाद के मोहल्ला आजादनगर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश श्रीवास्तव की बेटी साक्षी श्रीवास्तव ने हायर एजुकेशन के लिए दिल्ली का रुख किया। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से सोशल वर्क में एमए कर चुकी हैं। पढ़ाई के दौरान ही एक दिन घर लौटते समय दिल्ली में डस्टबिन से कुछ निकालकर बच्चे को खाते देखा। इस दृश्य ने साक्षी के जीवन के उद्देश्य को ही बदल दिया और उन्होंने समाज के उन गरीब व बेसहारा बच्चों की मदद करने का संकल्प लिया जो अभाव के कारण कुपोषण का शिकार हो चुके हैं या किसी अन्य समस्या के कारण प्राथमिक शिक्षा भी हासिल नहीं कर पा रहे। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ी साक्षी ने कुछ कर दिखाने का जज्बा लिए एक दर्जन युवाओं की टीम तैयार की और ‘अनुभूति’ संस्था का गठन किया।
जलालाबाद आईं साक्षी ने बताया कि उनकी टीम अभावग्रस्त बस्तियों से उन बच्चों को तलाशती हैं जो कुपोषित हैं या कभी स्कूल नहीं गए। शुरू में वे लोग उनके माता-पिता से मिलकर उन्हें प्रोत्साहित करते हैं। बाद में बच्चों को सरकारी स्कूल या सरकारी संस्थाओं तक पहुंचाते हैं। इस दौरान बच्चे के खाने-पीने से लेकर कई अन्य तरह की व्यवस्था का खर्च संस्था वहन करती है। इस कार्य में सरकार का भी सहयोग मिलता है। उनकी संस्था हरियाणा के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश तक अपने कार्य को विस्तार दे चुकी है।
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साक्षी के मुताबिक अकेले हरियाणा में 12 सौ से ज्यादा बच्चों को संस्था के माध्यम से सहायता पहुंचाई जा चुकी है।
साक्षी ने बताया कि बच्चों की मदद के अलावा कोविड काल में भी उनकी टीम ने जरूरतमंदों की सेवा की। बताया कि उन्हें इस कार्य के लिए सबसे ज्यादा प्रोत्साहन अपने पापा से मिला। संस्था अब उत्तर प्रदेश में कार्य करने की इच्छुक है। संवाद
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जलालाबाद के मोहल्ला आजादनगर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश श्रीवास्तव की बेटी साक्षी श्रीवास्तव ने हायर एजुकेशन के लिए दिल्ली का रुख किया। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से सोशल वर्क में एमए कर चुकी हैं। पढ़ाई के दौरान ही एक दिन घर लौटते समय दिल्ली में डस्टबिन से कुछ निकालकर बच्चे को खाते देखा। इस दृश्य ने साक्षी के जीवन के उद्देश्य को ही बदल दिया और उन्होंने समाज के उन गरीब व बेसहारा बच्चों की मदद करने का संकल्प लिया जो अभाव के कारण कुपोषण का शिकार हो चुके हैं या किसी अन्य समस्या के कारण प्राथमिक शिक्षा भी हासिल नहीं कर पा रहे। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ी साक्षी ने कुछ कर दिखाने का जज्बा लिए एक दर्जन युवाओं की टीम तैयार की और ‘अनुभूति’ संस्था का गठन किया।
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जलालाबाद आईं साक्षी ने बताया कि उनकी टीम अभावग्रस्त बस्तियों से उन बच्चों को तलाशती हैं जो कुपोषित हैं या कभी स्कूल नहीं गए। शुरू में वे लोग उनके माता-पिता से मिलकर उन्हें प्रोत्साहित करते हैं। बाद में बच्चों को सरकारी स्कूल या सरकारी संस्थाओं तक पहुंचाते हैं। इस दौरान बच्चे के खाने-पीने से लेकर कई अन्य तरह की व्यवस्था का खर्च संस्था वहन करती है। इस कार्य में सरकार का भी सहयोग मिलता है। उनकी संस्था हरियाणा के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश तक अपने कार्य को विस्तार दे चुकी है।
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साक्षी के मुताबिक अकेले हरियाणा में 12 सौ से ज्यादा बच्चों को संस्था के माध्यम से सहायता पहुंचाई जा चुकी है।
साक्षी ने बताया कि बच्चों की मदद के अलावा कोविड काल में भी उनकी टीम ने जरूरतमंदों की सेवा की। बताया कि उन्हें इस कार्य के लिए सबसे ज्यादा प्रोत्साहन अपने पापा से मिला। संस्था अब उत्तर प्रदेश में कार्य करने की इच्छुक है। संवाद