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गिलोय से भरी पिकअप को पुलिस और वनकर्मियों ने पकड़कर छोड़ा
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बंडा। गिलोय से भरी पिकअप को पुलिस ने पकड़ लिया। सूचना पाकर वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन एक नेता का फोन आने के बाद वाहन को बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया गया। मामले को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं।
गिलोय एक प्रकार की जड़ी बूटी है जो बुखार सहित तमाम रोगों में काम आती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मशहूर होने के कारण कोरोना संक्रमण के चलते गिलोय की भारी मांग है। मौके को देखते हुए तस्करों ने बड़े शहरों में गिलोय की सप्लाई शुरू कर दी है। गिलोय को वन विभाग की बिना अनुमति कहीं भी ले जाना अवैध है। बेशकीमती गिलोय की तस्करी का धंधा बंडा क्षेत्र में काफी समय से चल रहा है। जंगल और गांवों से गिलोय को एकत्र कर वाहनों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। देशी दवाएं बनाने वाली कंपनियां भी गिलोय को खरीदती हैं।
शुक्रवार दोपहर बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गांव पट्टी छज्जूपुर में गिलोय से भरी एक पिकअप को पकड़ लिया। गिलोय ले जा रहे लोग मौके से भाग निकले। सूचना पाकर वन विभाग के खुटार रेंज से वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी भी मौके पहुंचे, लेकिन बाद में पिकअप को बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया गया। अशोक चतुर्वेदी ने बताया कि गांव वालों से जानकारी हुई है कि गिलोय गांवों से एकत्र की गई है। गिलोय जंगल से नहीं लाई गई है। सिंधौली के रेंजर ने बताया कि गिलोय को नीलामी के जरिए भी लिया जाए, तब भी बाहर ले जाने के लिए रवन्ना बनवाना जरूरी है।
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मामले की पूरी जानकारी अभी नहीं है। गिलोय गांवों में नीम के पेड़ पर होती है। जंगल से कोई संबंध नहीं होता है। अगर गिलोय को बाहर ले जाया जा रहा था तो बिना अनुमति नहीं ले जाया जा सकता है। फिलहाल जानकारी कराई जा रही है।
- आदर्श कुमार, डीएफओ शाहजहांपुर
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गिलोय एक प्रकार की जड़ी बूटी है जो बुखार सहित तमाम रोगों में काम आती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मशहूर होने के कारण कोरोना संक्रमण के चलते गिलोय की भारी मांग है। मौके को देखते हुए तस्करों ने बड़े शहरों में गिलोय की सप्लाई शुरू कर दी है। गिलोय को वन विभाग की बिना अनुमति कहीं भी ले जाना अवैध है। बेशकीमती गिलोय की तस्करी का धंधा बंडा क्षेत्र में काफी समय से चल रहा है। जंगल और गांवों से गिलोय को एकत्र कर वाहनों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। देशी दवाएं बनाने वाली कंपनियां भी गिलोय को खरीदती हैं।
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शुक्रवार दोपहर बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गांव पट्टी छज्जूपुर में गिलोय से भरी एक पिकअप को पकड़ लिया। गिलोय ले जा रहे लोग मौके से भाग निकले। सूचना पाकर वन विभाग के खुटार रेंज से वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी भी मौके पहुंचे, लेकिन बाद में पिकअप को बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया गया। अशोक चतुर्वेदी ने बताया कि गांव वालों से जानकारी हुई है कि गिलोय गांवों से एकत्र की गई है। गिलोय जंगल से नहीं लाई गई है। सिंधौली के रेंजर ने बताया कि गिलोय को नीलामी के जरिए भी लिया जाए, तब भी बाहर ले जाने के लिए रवन्ना बनवाना जरूरी है।
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मामले की पूरी जानकारी अभी नहीं है। गिलोय गांवों में नीम के पेड़ पर होती है। जंगल से कोई संबंध नहीं होता है। अगर गिलोय को बाहर ले जाया जा रहा था तो बिना अनुमति नहीं ले जाया जा सकता है। फिलहाल जानकारी कराई जा रही है।
- आदर्श कुमार, डीएफओ शाहजहांपुर