{"_id":"6303d253f4761452e2081157","slug":"caught-617-monkeys-in-two-months-then-the-team-went-on-leave-shahjahanpur-news-bly4951832197","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो महीने में 617 बंदर पकड़ने के बाद घर चला गया ठेकेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो महीने में 617 बंदर पकड़ने के बाद घर चला गया ठेकेदार
विज्ञापन
पिंजरे में बंद बंदरों की फाइल फोटो
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। शहर में बंदरों की बढ़ती संख्या से हर कोई परेशान है। नगर निगम कार्यालय में रोज ही बंदरों से होने वाली समस्या की शिकायतें आ रही हैं। इसका संज्ञान लेकर नगर निगम द्वारा बंदर पकड़ने वालों को बुलाया गया था। उन्होंने अब तक 617 बंदर पकड़े। अब बंदर पकड़ने वाले भी छुट्टी पर चले गए हैं।
नगर निगम ने विभिन्न वार्डों में लोगों के लिए सिरदर्द बने बंदरों को पकड़ने के लिए जून में टेंडर निकाला था। मथुरा के ठेकेदार शाहरुख ने 95 रुपये प्रति बंदर पकड़ने का ठेका लिया। 20 जून के बाद बंदरों को पकड़ने का कार्य भी शुरू कर दिया गया। पहले एक सप्ताह में ही शाहरुख और उनकी टीम ने करीब 250 बंदरों को पकड़ लिया। इसके बाद बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया धीमी हो गई। दो महीने में पकड़े गए बंदरों की संख्या 617 है।
जबकि शहरवासियों को उत्पाती बंदरों ने परेशान कर रखा है। बहादुरगंज, खिरनीबाग, इंदिरा नगर कॉलोनी, मोहम्मद जई, नूरी मस्जिद, चौक समेत तमाम वार्डों में इनका उत्पात है। ये बंदर लोगों की छतों से होकर घरों के अंदर घुसकर सामान उठा ले जाते हैं। भगाने का प्रयास करने पर यह हमला भी कर देते हैं जिससे कई लोग घायल हो चुके हैं।
विज्ञापन
12 दिनों से बंद है बंदर पकड़ने का काम
- बंदर पकड़ने के लिए जिस ठेकेदार को ठेका दिया गया है वह 12 दिनों से अपने घर चले गए हैं। नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि बंदरों को पकड़ने वाले ठेकेदार व उनके लोगों ने एक सप्ताह में वापस आने की बात कही है। जैसे ही वह आएंगे, बंदरों को जाल के अंदर करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जून में बंदरों को पकड़ने का काम शुरू हुआ था। अब तक 617 बंदर पकड़े जा चुके हैं। बंदरों को पकड़ने वाले ठेकेदार व उनकी टीम अभी बाहर है। उसके वापस आने पर दोबारा काम शुरू कराया जाएगा। - पवन कुमार, सफाई एवं स्वास्थ्य निरीक्षक, नगर निगम
विज्ञापन
नगर निगम ने विभिन्न वार्डों में लोगों के लिए सिरदर्द बने बंदरों को पकड़ने के लिए जून में टेंडर निकाला था। मथुरा के ठेकेदार शाहरुख ने 95 रुपये प्रति बंदर पकड़ने का ठेका लिया। 20 जून के बाद बंदरों को पकड़ने का कार्य भी शुरू कर दिया गया। पहले एक सप्ताह में ही शाहरुख और उनकी टीम ने करीब 250 बंदरों को पकड़ लिया। इसके बाद बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया धीमी हो गई। दो महीने में पकड़े गए बंदरों की संख्या 617 है।
विज्ञापन
जबकि शहरवासियों को उत्पाती बंदरों ने परेशान कर रखा है। बहादुरगंज, खिरनीबाग, इंदिरा नगर कॉलोनी, मोहम्मद जई, नूरी मस्जिद, चौक समेत तमाम वार्डों में इनका उत्पात है। ये बंदर लोगों की छतों से होकर घरों के अंदर घुसकर सामान उठा ले जाते हैं। भगाने का प्रयास करने पर यह हमला भी कर देते हैं जिससे कई लोग घायल हो चुके हैं।
विज्ञापन
12 दिनों से बंद है बंदर पकड़ने का काम
- बंदर पकड़ने के लिए जिस ठेकेदार को ठेका दिया गया है वह 12 दिनों से अपने घर चले गए हैं। नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि बंदरों को पकड़ने वाले ठेकेदार व उनके लोगों ने एक सप्ताह में वापस आने की बात कही है। जैसे ही वह आएंगे, बंदरों को जाल के अंदर करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जून में बंदरों को पकड़ने का काम शुरू हुआ था। अब तक 617 बंदर पकड़े जा चुके हैं। बंदरों को पकड़ने वाले ठेकेदार व उनकी टीम अभी बाहर है। उसके वापस आने पर दोबारा काम शुरू कराया जाएगा। - पवन कुमार, सफाई एवं स्वास्थ्य निरीक्षक, नगर निगम