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कार बेकाबू होकर खाई में गिरी, चालक की मौत
शाहजहांपुर
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:53 PM IST
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कार
- फोटो : अमर उजाला
कार बेकाबू होकर खाई में गिरी, चालक की मौत
निगोही। शाहजहांपुर-पीलीभीत मार्ग पर मंगलवार रात डेढ़ बजे खनंका पुल व ईंटगांव रजवाहा के बीच सामने आ रहे वाहन को बचाने के चक्कर में बेकाबू कार 20 फिट गहरी खाई में जा गिरी। कार खाई में एक पेड़ में फंस गई। इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए कार चालक की मौत हो गई। दम तोड़ने से पहले उसने मोबाइल पर परिजनों को सूचना दे दी थी। परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना शव बीसलपुर ले गए।
इटावा के थाना इकदिल क्षेत्र के गांव नगला गौहतोत निवासी रामसेवक पीलीभीत के बीसलपुर चीनी मिल में फिटर के पद पर तैनात हैं। वह सपरिवार चीनी मिल आवास कालोनी में रहते हैं। मंगलवार शाम छह बजे रामसेवक का बड़ा बेटा 45 वर्षीय राकेशपाल चीनी मिल के चीफ इंजीनियर को छोड़ने के लिए मारुति कार से शाहजहांपुर गया था। रात लगभग एक बजे वह बीसलपुर के लिए वापस हो लिया। रात लगभग डेढ़ बजे वह निगोही थाना क्षे़त्र के खनंका पुल व ईटगांव रजवाहा के बीच पहुंचा, तभी सामने से तेज रफ्तार वाहन आ गया, उसे बचाने के चक्कर में उसने कार मोड़ी तो वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब बीस फिट की गहराई में खड़े पेड़ों में उलझ गई। इसी बीच कार का शीशा टूटने के बाद राकेशपाल नीचे आ गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि हिम्मत करके उसने मोबाइल पर कॉल करके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी। परिजन रात में पहुंचे लेकिन घटना स्थल की जानकारी नहीं होने पर वे लोग उसे काफी देर तक तलाश करते रहे, सुबह होने पर जब धुल्लिया गांव के लोगों ने पेड़ों के बीच कार को फंसा देखा, तब जानकारी हुई। इसी बीच तलाश करते हुए उसके परिजन भी आ गए और पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव को लेकर बीसलपुर चले गए। राकेश की मौत पर उसकी पत्नी मौसमी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके दोनों बेटे दस वर्षीय तनुज सात वर्षीय कुसुमलता, पिता रामसेवक के भी आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
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निगोही। शाहजहांपुर-पीलीभीत मार्ग पर मंगलवार रात डेढ़ बजे खनंका पुल व ईंटगांव रजवाहा के बीच सामने आ रहे वाहन को बचाने के चक्कर में बेकाबू कार 20 फिट गहरी खाई में जा गिरी। कार खाई में एक पेड़ में फंस गई। इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए कार चालक की मौत हो गई। दम तोड़ने से पहले उसने मोबाइल पर परिजनों को सूचना दे दी थी। परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना शव बीसलपुर ले गए।
इटावा के थाना इकदिल क्षेत्र के गांव नगला गौहतोत निवासी रामसेवक पीलीभीत के बीसलपुर चीनी मिल में फिटर के पद पर तैनात हैं। वह सपरिवार चीनी मिल आवास कालोनी में रहते हैं। मंगलवार शाम छह बजे रामसेवक का बड़ा बेटा 45 वर्षीय राकेशपाल चीनी मिल के चीफ इंजीनियर को छोड़ने के लिए मारुति कार से शाहजहांपुर गया था। रात लगभग एक बजे वह बीसलपुर के लिए वापस हो लिया। रात लगभग डेढ़ बजे वह निगोही थाना क्षे़त्र के खनंका पुल व ईटगांव रजवाहा के बीच पहुंचा, तभी सामने से तेज रफ्तार वाहन आ गया, उसे बचाने के चक्कर में उसने कार मोड़ी तो वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब बीस फिट की गहराई में खड़े पेड़ों में उलझ गई। इसी बीच कार का शीशा टूटने के बाद राकेशपाल नीचे आ गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि हिम्मत करके उसने मोबाइल पर कॉल करके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी। परिजन रात में पहुंचे लेकिन घटना स्थल की जानकारी नहीं होने पर वे लोग उसे काफी देर तक तलाश करते रहे, सुबह होने पर जब धुल्लिया गांव के लोगों ने पेड़ों के बीच कार को फंसा देखा, तब जानकारी हुई। इसी बीच तलाश करते हुए उसके परिजन भी आ गए और पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव को लेकर बीसलपुर चले गए। राकेश की मौत पर उसकी पत्नी मौसमी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके दोनों बेटे दस वर्षीय तनुज सात वर्षीय कुसुमलता, पिता रामसेवक के भी आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
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