खुदागंज में चला बुलडोजर: हाईवे चौड़ीकरण में बाधक अतिक्रमण ध्वस्त, 228 भवन किए गए चिन्हित
शाहजहांपुर के खुदागंज में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण में बाधक बन रहे 228 भवनों को चिन्हित किया गया है। प्रशासन की टीम ने बृहस्पतिवार से अतिक्रमण तोड़ने का काम भी शुरू कर दिया।
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शाहजहांपुर के खुदागंज में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण में बाधक बन रहे 228 भवनों को तोड़ने का काम प्रशासन ने शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार मनु माथुर के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जेसीबी से कुछ भवनों को ध्वस्त कराया। टीम ने दुकानदारों से खुद ही निर्माण कार्य तोड़ लेने की अपील की है। अन्यथा प्रशासन जेसीबी से भवन गिरा देगा।
मैनपुरी से जलालाबाद, कटरा, खुदागंज होते हुए पीलीभीत तक राष्ट्रीय राजमार्ग 730 के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। खुदागंज क्षेत्र में 228 भवन चौड़ीकरण के कार्य में बाधक बन रहे हैं। इनमें अधिकतर भवनों में दुकानें हैं। व्यापारी लगातार समय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार की विश्व बैंक से पोषित परियोजना में देरी होते देख प्रशासन कई बार भवनस्वामियों को चेतावनी जारी कर चुका है।
व्यापारियों से मांगी थी मोहलत
रविवार को सभी भवनों पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन में अतिक्रमण हटाने की अंतिम चेतावनी दी थी। सोमवार को स्थानीय व्यापारी डीएम से मिले थे और मार्च तक का समय देने की मांग की थी। हालांकि उन्हें कोई राहत नहीं मिली। समय सीमा खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार को तिलहर के नायब तहसीलदार मनु माथुर एनएचएआई की टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जेसीबी से कई भवनों को ढहा दिया गया। इस दौरान लोगों से कहा गया कि वे 19 फरवरी तक अपना अतिक्रमण पूर्ण रूप से हटा लें। अन्यथा प्रशासन भवनों को ढहा देगा।
तहसीलदार जयप्रकाश यादव ने बताया कि करीब दस प्रतिशत लोगों ने अपना अतिक्रमण पूरी तरह से हटा लिया है। पांच-सात प्रतिशत लोग अतिक्रमण तोड़ रहे हैं। सभी लोगों को समझाया गया है कि वे खुद अपना अतिक्रमण जल्द से जल्द हटा लें। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य जल्द कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशासन अगर अतिक्रमण हटाएगा तो ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहती है।