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बहगुल नदी पर सितंबर तक बन जाएगा पुल, हजारों लोगों को मिलेगी राहत

Thu, 21 Apr 2022 12:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 12:16 AM IST
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Bridge will be built on Bahgul river by September
जलालाबाद के गांव तिकोला में बहगुल नदी पर निमाणजधीन पुल - फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद। रामगंगा और बहगुल नदियों के बीच बसे एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों को जल्द ही तहसील मुख्यालय से जुड़ जाएंगे। बहगुल नदी पर निर्माणाधीन पुल पर इस साल सितंबर तक आवागमन शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने तय समय में पुल निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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गांव तिकोला के पास बहगुल नदी पर 15 करोड़ की लागत से पुल बन रहा है। पिछले साल 22 मई को निर्माण कार्य शुरू हुआ था। डेढ़ सौ मीटर की लंबाई वाले इस पुल के सभी छह पिलर बन चुके हैं। सिर्फ तीन पिलर के बीच जुड़ाव (स्पैन) का कार्य शेष है। निर्माणदायी संस्था सेतु निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार सितंबर तक पुल बनकर तैयार हो जाएगा।
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इन गांवों के लोगों को होगा फायदा
बहगुल नदी के पार बसे उइला, थाथरमई, ढका डांडी, चितरऊ, रामपुर, नगला किशन, संगाहा, कीलापुर खुर्द, शेरपुर व हवा मड़ैया सहित करीब एक दर्जन से ज्यादा गांव तहसील मुख्यालय से जुड़ जाएंगे। अभी तक यहां के ग्रामीण चितरऊ गांव के समीप बनने वाले पैंटून पुल से आते-जाते थे। बारिश से पहले पैंटून पुल टूट जाने के बाद करीब चार महीने इन गांवों का संपर्क तहसील से टूट जाता था।
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लंबे समय से समस्या से जूझते रहे हैं ग्रामीण
ये सभी गांव उत्तर दिशा में बहगुल और दक्षिण में बहने वाली रामगंगा के बीच बसे हुए हैं। बरसात के चार महीने ये गांव पूरी तरह टापू में बदल जाते हैं। यहां के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग को लेकर वर्षों तक संघर्ष किया। धरना-प्रदर्शन से लेकर चुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार भी किया। पिछली भाजपा सरकार में इस पुल को मंजूरी मिली थी। यह पुल बन जाने के बाद ग्रामीणों को आवागमन के अलावा बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा भी आसानी से मिलने लगेगी।

रामगंगा नदी पर पुल बनने से मिलेगा पूरा फायदा
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पूरा फायदा दूसरी तरफ रामगंगा नदी पर पुल बनने के बाद मिलेगा। तमाम लोगों की कृषि योग्य जमीन और रिश्तेदारियां रामगंगा पार है। कीलापुर खुर्द और थाथरमई को छोड़कर शेष गांव थाना मिर्जापुर में लगते हैं। कोई घटना होने पर ग्रामीणों को मिर्जापुर थाना जाना पड़ता है। पुलिस को भी इन गांवों तक आने-जाने के लिए पहले जलालाबाद आना होता है। पुल न होने से इन गांवों से मिर्जापुर की दूरी 17 से 18 किलोमीटर है, जबकि रामगंगा पर पुल बनने के बाद यह दूरी मात्र छह से सात किलोमीटर रह जाएगी।
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