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रिश्वत लेते धरा गया लेखपाल
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 28 Sep 2015 11:51 PM IST
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बरेली की एंटी करप्शन टीम ने शिकायत मिलने पर रविवार की शाम को तहसील में एक लेखपाल को पांच हजार रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली में कागजी कार्रवाई की जा रही है।
थाना कुरशैली कांट क्षेत्र के वीरेश सिंह के ताऊ शंकर लाल की एक साल पहले मौत हो गई। ताऊ की शादी नहीं हुई थी। उनके नाम 35 बीघा जमीन थी। ताऊ की जमीन की विरासत पिता भगवानदास के नाम होनी थी। हल्के के लेखपाल रमेश चंद्र ने ऐसा करने की एवज में पांच हजार रुपये की मांग की। वीरेश ने रुपये देने में असमर्थता जताई। इसके बाद वीरेश जून से लगातार लेखपाल के पास चक्कर लगाता रहा। एक बार वीरेश ने काम करने के लिए लेखपाल को पांच सौ रुपये दिए। लेखपाल ने पांच सौ रुपये फेंक दिए और कहा कि इतने रुपये में काम नहीं होगा। वीरेश ने किसी तरह से एंटी करप्शन टीम बरेली से संपर्क किया। एंटी करप्शन की टीम ने रविवार को ऑपरेशन करने का दिन दे दिया। रविवार की शाम वीरेश ने लेखपाल को फोन करके बताया कि वह अपना काम कराने के लिए पांच हजार रुपये देने को तैयार है। लेखपाल ने शाम को तहसील गेट के पास वीरेश को बुला लिया। वीरेश ने इसकी सूचना एंटी करप्शन टीम को दे दी। रुपये देते समय एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को रंगहाथों गिरफ्तार कर लिया। उसके हाथ से पांच सौ रुपये भी बरामद किए गए हैं। टीम ने लेखपाल को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। टीम कागजी कार्रवाई कर मुकदमा लिखवाने की तैयारी कर रही है।
वीरेश के ताऊ की मौत के बाद उसकी विरासत कराने के लिए लेखपाल ने पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। वीरेश ने इसके बाद एंटी करप्शन की टीम से संपर्क किया। लेखपाल को रिश्वत लेते रंगहाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
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- धर्मवीर सिंह, प्रभारी एंटी करप्शन बरेली
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थाना कुरशैली कांट क्षेत्र के वीरेश सिंह के ताऊ शंकर लाल की एक साल पहले मौत हो गई। ताऊ की शादी नहीं हुई थी। उनके नाम 35 बीघा जमीन थी। ताऊ की जमीन की विरासत पिता भगवानदास के नाम होनी थी। हल्के के लेखपाल रमेश चंद्र ने ऐसा करने की एवज में पांच हजार रुपये की मांग की। वीरेश ने रुपये देने में असमर्थता जताई। इसके बाद वीरेश जून से लगातार लेखपाल के पास चक्कर लगाता रहा। एक बार वीरेश ने काम करने के लिए लेखपाल को पांच सौ रुपये दिए। लेखपाल ने पांच सौ रुपये फेंक दिए और कहा कि इतने रुपये में काम नहीं होगा। वीरेश ने किसी तरह से एंटी करप्शन टीम बरेली से संपर्क किया। एंटी करप्शन की टीम ने रविवार को ऑपरेशन करने का दिन दे दिया। रविवार की शाम वीरेश ने लेखपाल को फोन करके बताया कि वह अपना काम कराने के लिए पांच हजार रुपये देने को तैयार है। लेखपाल ने शाम को तहसील गेट के पास वीरेश को बुला लिया। वीरेश ने इसकी सूचना एंटी करप्शन टीम को दे दी। रुपये देते समय एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को रंगहाथों गिरफ्तार कर लिया। उसके हाथ से पांच सौ रुपये भी बरामद किए गए हैं। टीम ने लेखपाल को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। टीम कागजी कार्रवाई कर मुकदमा लिखवाने की तैयारी कर रही है।
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वीरेश के ताऊ की मौत के बाद उसकी विरासत कराने के लिए लेखपाल ने पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। वीरेश ने इसके बाद एंटी करप्शन की टीम से संपर्क किया। लेखपाल को रिश्वत लेते रंगहाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
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- धर्मवीर सिंह, प्रभारी एंटी करप्शन बरेली