{"_id":"65f4a650d49bb8be770e7837","slug":"big-commission-agents-and-rice-millers-will-not-be-able-to-keep-more-than-5000-quintals-of-stock-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1002-115129-2024-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: 5000 क्विंटल से अधिक स्टाॅक नहीं रख सकेंगे बड़े आढ़ती और राइस मिलर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: 5000 क्विंटल से अधिक स्टाॅक नहीं रख सकेंगे बड़े आढ़ती और राइस मिलर्स
Sat, 16 Mar 2024 01:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 16 Mar 2024 01:19 AM IST
विज्ञापन
रोजा मंडी स्थित क्रय केंद्र। संवाद
शाहजहांपुर। गेहूं खरीद में गड़बड़ी न हो इसके लिए प्रशासन ने बिचौलियों पर लगाम लगाने को शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन के अधिकारी राइस मिलर्स और आढ़तियों के साथ बैठक कर रहे हैं। किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वह क्रय केंद्र पर ही गेहूं की बिक्री करें।
जिले को इस बार गेहूं खरीद के लिए तीन लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए 200 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव खाद्य विभाग की जिले के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। इसमें लक्ष्य को पूरा करने व किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जाए। इसी के तहत शुक्रवार को एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय ने फ्लोर मिलर्स और आढ़तियों के साथ बैठक की।
एडीएम ने निर्देश दिए गए हैं कि बड़े आढ़ती और मिलर्स 5000 क्विंटल से अधिक का स्टाॅक नहीं कर सकते हैं। छोटे आढ़ती 1000 क्विंटल से अधिक गेहूं का स्टाक नहीं कर सकते हैं। इससे अधिक गेहूं पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
-- -- -- --
गेहूं क्रय नीति में किसानों के हित में नवीन प्रावधान
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने 29 फरवरी 2024 को जारी गेहूं क्रय नीति में किसानों के हित में नवीन प्रावधान किया है। इसके तहत बटाईदार किसानों से खरीद किए जाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि जनपद में 100 क्विंटल तक गेहूं बिक्री करने वाले किसानों को सत्यापन प्रक्रिया से मुक्त किया गया है। जनपद में कृषि विभाग से प्राप्त गेहूं की औसत उत्पादकता का 140 प्रतिशत तक व मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से भी गेहूं क्रय किए जाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा क्रय केंद्रों पर गेहूं की उतराई, सफाई के 20 रुपये क्विंटल लिए जाते हैं। इसको समर्थन मूल्य 2275 में 20 जोड़कर 2095 प्रति क्विंटल रुपये किसानों के खातों में भेजा जाएगा।
विज्ञापन
जिले को इस बार गेहूं खरीद के लिए तीन लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए 200 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव खाद्य विभाग की जिले के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। इसमें लक्ष्य को पूरा करने व किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जाए। इसी के तहत शुक्रवार को एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय ने फ्लोर मिलर्स और आढ़तियों के साथ बैठक की।
विज्ञापन
एडीएम ने निर्देश दिए गए हैं कि बड़े आढ़ती और मिलर्स 5000 क्विंटल से अधिक का स्टाॅक नहीं कर सकते हैं। छोटे आढ़ती 1000 क्विंटल से अधिक गेहूं का स्टाक नहीं कर सकते हैं। इससे अधिक गेहूं पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
गेहूं क्रय नीति में किसानों के हित में नवीन प्रावधान
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने 29 फरवरी 2024 को जारी गेहूं क्रय नीति में किसानों के हित में नवीन प्रावधान किया है। इसके तहत बटाईदार किसानों से खरीद किए जाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि जनपद में 100 क्विंटल तक गेहूं बिक्री करने वाले किसानों को सत्यापन प्रक्रिया से मुक्त किया गया है। जनपद में कृषि विभाग से प्राप्त गेहूं की औसत उत्पादकता का 140 प्रतिशत तक व मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से भी गेहूं क्रय किए जाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा क्रय केंद्रों पर गेहूं की उतराई, सफाई के 20 रुपये क्विंटल लिए जाते हैं। इसको समर्थन मूल्य 2275 में 20 जोड़कर 2095 प्रति क्विंटल रुपये किसानों के खातों में भेजा जाएगा।