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Shahjahanpur News: बकाया भुगतान नहीं करने पर बजाज चीनी मिल का गोदाम सील
Sun, 18 May 2025 01:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 18 May 2025 01:15 AM IST
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सील करने के लिए बजाज चीनी मिल पहुंची अधिकारियों की टीम। स्रोत: सूचना विभाग
- फोटो : mathura
शाहजहांपुर। कई बार नोटिस देने के बाद भी किसानों का भुगतान न करने पर बंडा के मकसूदापुर स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड के चीनी मिल गोदाम को प्रशासन ने सील कर दिया। पूरा भुगतान न होने तक मिल का करीब एक लाख क्विंटल चीनी का स्टाक बंद रहेगा।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने शनिवार को टीम के साथ चीनी मिल के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की। मकसूदापुर चीनी मिल ने पेराई सत्र 2024-25 में किसानों का 169 करोड़ 83 लाख रुपये के एवज में मात्र 43 करोड़ पांच लाख रुपये का ही भुगतान किया था। चीनी मिल पर किसानों का 126 करोड़ 78 लाख रुपये भुगतान बकाया है। इसके अतिरिक्त इस चीनी मिल पर वर्ष 2020-21 में गन्ना मूल्य के विलंबित भुगतान पर 16 करोड़ 70 लाख रुपये ब्याज का बाकी है। इस पेराई सत्र में 27 नवंबर, 2024 तक का किसानों का भुगतान किया गया है।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र, एसडीएम पुवायां चित्रा निर्वाल शनिवार दोपहर चीनी मिल पहुंचे। मिल में रखी चीनी, शीरा आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद गोदाम को सील कर दिया गया। सील किए गए गोदाम में एक लाख क्विंटल चीनी है, जिसकी कीमत 40 करोड़ रुपये है।
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एडीएम ने बताया कि प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास एवं आयुक्त गन्ना और डीएम द्वारा लगातार समीक्षा करने के बावजूद चीनी मिल प्रबंधकों ने अवशेष भुगतान के प्रयास नहीं किए। गन्ना क्षेत्र आवंटन कम कराए जाने के लिए गन्ना आयुक्त के लिए भी प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान यूनिट हेड आरबी खोखर समेत अन्य चीनी मिल अधिकारी मौजूद रहे।
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28 फरवरी को खत्म हुआ था पेराई सत्र बजाज चीनी मिल का पेराई सत्र 2024-25 पांच नवंबर से शुरू होकर 28 फरवरी को खत्म हुआ था। कुल 46.20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई। चीनी मिल ने शाहजहांपुर, पीलीभीत, पुवायां, पूरनपुर, बीसलपुर समितियों व 37 क्रय केंद्रों से 21 हजार किसानों से गन्ना की खरीद की। चीनी मिल द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान न किए जाने के कारण किसानों में काफी आक्रोश था। किसान भुगतान के लिए डीएम से लेकर तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। जरूरत के समय किसानों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। किसान गन्ने की जगह अन्य फसलों की खेती की तरफ रुख करने लगे। किसानों का आरोप है कि चीनी मिल के द्वारा क्षेत्र में गन्ना विकास कार्यों में न कोई सहयोग किया जाता है और न अनुदान दिया जाता है।
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बजाज चीनी मिल प्रबंधन द्वारा जब तक किसानों के अवशेष भुगतान की कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक चीनी मिल गोदाम सील रहेगा। किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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अधिकारियों ने मिल का चीनी गोदाम बंद किया है। किसानों के बकाया गन्ना भुगतान में तेजी लाने के लिए आदेश दिया गया है। चीनी बिक्री के हिसाब से किसानों को पहले से ही भुगतान किया जा रहा है।
-- आरबी खोखर, यूनिट हेड, बजाज चीनी मिल
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एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने शनिवार को टीम के साथ चीनी मिल के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की। मकसूदापुर चीनी मिल ने पेराई सत्र 2024-25 में किसानों का 169 करोड़ 83 लाख रुपये के एवज में मात्र 43 करोड़ पांच लाख रुपये का ही भुगतान किया था। चीनी मिल पर किसानों का 126 करोड़ 78 लाख रुपये भुगतान बकाया है। इसके अतिरिक्त इस चीनी मिल पर वर्ष 2020-21 में गन्ना मूल्य के विलंबित भुगतान पर 16 करोड़ 70 लाख रुपये ब्याज का बाकी है। इस पेराई सत्र में 27 नवंबर, 2024 तक का किसानों का भुगतान किया गया है।
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डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र, एसडीएम पुवायां चित्रा निर्वाल शनिवार दोपहर चीनी मिल पहुंचे। मिल में रखी चीनी, शीरा आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद गोदाम को सील कर दिया गया। सील किए गए गोदाम में एक लाख क्विंटल चीनी है, जिसकी कीमत 40 करोड़ रुपये है।
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एडीएम ने बताया कि प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास एवं आयुक्त गन्ना और डीएम द्वारा लगातार समीक्षा करने के बावजूद चीनी मिल प्रबंधकों ने अवशेष भुगतान के प्रयास नहीं किए। गन्ना क्षेत्र आवंटन कम कराए जाने के लिए गन्ना आयुक्त के लिए भी प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान यूनिट हेड आरबी खोखर समेत अन्य चीनी मिल अधिकारी मौजूद रहे।
28 फरवरी को खत्म हुआ था पेराई सत्र बजाज चीनी मिल का पेराई सत्र 2024-25 पांच नवंबर से शुरू होकर 28 फरवरी को खत्म हुआ था। कुल 46.20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई। चीनी मिल ने शाहजहांपुर, पीलीभीत, पुवायां, पूरनपुर, बीसलपुर समितियों व 37 क्रय केंद्रों से 21 हजार किसानों से गन्ना की खरीद की। चीनी मिल द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान न किए जाने के कारण किसानों में काफी आक्रोश था। किसान भुगतान के लिए डीएम से लेकर तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। जरूरत के समय किसानों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। किसान गन्ने की जगह अन्य फसलों की खेती की तरफ रुख करने लगे। किसानों का आरोप है कि चीनी मिल के द्वारा क्षेत्र में गन्ना विकास कार्यों में न कोई सहयोग किया जाता है और न अनुदान दिया जाता है।
बजाज चीनी मिल प्रबंधन द्वारा जब तक किसानों के अवशेष भुगतान की कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक चीनी मिल गोदाम सील रहेगा। किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
अधिकारियों ने मिल का चीनी गोदाम बंद किया है। किसानों के बकाया गन्ना भुगतान में तेजी लाने के लिए आदेश दिया गया है। चीनी बिक्री के हिसाब से किसानों को पहले से ही भुगतान किया जा रहा है।