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एटीएम खाली, बैंकों में भी भुगतान का संकट
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Fri, 12 May 2017 11:42 PM IST
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कैश
- फोटो : अमर उजाला
सहालगी सीजन में गेहूं और गन्ना पेमेंट का दबाव
बैंक शाखाओं को रोजाना दस करोड़ की जरूरत
आरबीआई से मांग के सापेक्ष नहीं मिल रहा कैश
बैंकों में कैश की किल्लत कम होती नजर नहीं आ रही है। आलम यह है कि शादी-विवाह के लिए भी लोगों को खाते से रुपये निकालने में पसीना छूट रहा है। इधर, गेहूं और गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर किसानों समेत जनसामान्य को जरूरत के अनुसार खाते से रुपया नहीं मिल पा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक से पर्याप्त कैश नहीं मिल पाने से शहर समेत जिले के तमाम एटीएम शुक्रवार को भी खाली रहे। यही नहीं, जिन एटीएम में नोट भरे जा रहे हैं, वे भी लगातार नकदी निकासी के चलते दो-तीन घंटे में ही खाली हो रहे हैं।
जिले में राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र की 31 बैंकों की कुल 255 शाखाएं हैं। इनमें अग्रणी बैंक के नाते बैंक ऑफ बड़ौदा की सर्वाधिक 68 शाखाएं हैं और एसबीआई 33 शाखाओं के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं दे रही है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की 50 शाखाओं पर भी भुगतान का दबाव बढ़ गया है। प्रत्येक माह के पहले और दूूसरे सप्ताह में विभिन्न विभागों के राजकीय कर्मचारियों का वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन मद में कैश की मांग बढ़ जाती है।
इधर, गत दो सप्ताह से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के बदले किसानों को आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान उनके खातों में पहुुंच रहा है। सरकार के सख्त रुख के चलते चीनी मिलें भी बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही है और यह धनराशि भी डिजिटल फॉर्मेट से किसानों के खातों में पहुंच रही है, लेकिन उन्हें घरेलू खर्च की पूर्ति के लिए न तो बैंकों से मांग के अनुरूप कैश मिल रहा है और न ही एटीएम से।
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बैंक अधिकारी भी मानते हैं कि इन दिनों रोजाना कम से कम दस करोड़ रुपये भुगतान के लिए जरूरत है, लेकिन आरबीआई से सीमित नगदी कुछ दिनों के अंतराल पर मिलने से पेमेंट में दिक्कतें आ रही हैं। बॉब की मंडी चौक शाखा के मुख्य प्रबंधक एसके टंडन और एसबीआई चौक की घंटाघर स्थित शाखा के प्रबंधक अपूर्व गुप्ता के अनुसार नगदी का संकट है, लेकिन लोगों की जरूरत का आकलन कर उन्हें भुगतान के लिए डिपाजिट होने वाली रकम पर निर्भर रहना पड़ रहा है। प्रबंधक के अनुसार फिलहाल जनता का रुपया जनता में बांटा जा रहा है। बॉब की विकास भवन शाखा के एकाउंटेंट हरीश मिश्रा के अनुसार कम धनराशि मांगने वालों को भुगतान में इसलिए वरीयता दी जा रही है कि अधिकतम लोगों को रुपया मिल सके। खास यह है कि बैंकों की पॉकेट कही जाने वाली चेस्ट शाखाएं भी कैश की कमी का सामना कर रही हैं। बॉब की पुवायां चेस्ट ब्रांच में रोकड़ की कमी से न सिर्फ जनपद बल्कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और हरदोई जिले की बॉब शाखाओं को कैश की कमी से जूझना पड़ रहा है।
विधायक के कहने पर डीएम ने कराया भुगतान
निगोही की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से 25 हजार रुपये का भुगतान पाने के लिए खातेदार रामकृष्ण ने क्षेत्रीय विधायक रोशनलाल वर्मा से गुहार लगाई। विधायक ने डीएम नरेंद्र सिंह से संपर्क साधा तो इस प्रकरण में लीड बैंक प्रबंधक वीएम गुप्ता ने हस्तक्षेप करके तत्काल शाखा प्रबंधक को फोन करके खातेदार को भुगतान कराया।
आरबीआई को भेजेंगे 100 करोड़ की डिमांड
आरबीआई से पर्याप्त कैश नहीं मिलने और बाजार से रकम की वापसी नहीं होने से बैंक शाखाओें से भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं और इसी वजह से एटीएम नहीं चल पा रहे हैं। डीएम के माध्यम से आरबीआई को पत्र भेजकर जिले को 100 करोड़ रुपये कैश की मांग भेजी जा रही है।
-वीएम गुप्ता, अग्रणी बैंक प्रबंधक
एटीएम पर कहीं सन्नाटा तो कहीं लगी लाइनें
पूर्वांह 11.20 बजे।
टाउनहाल स्थित एसबीआई की टाउनहाल मेन ब्रांच में कैश काउंटर के आगे कई लोगों में भुगतान पाने की बेताबी देखी गई, क्योंकि बाहर लगा एटीएम खाली होने से वहां सन्नाटा पसरा था।
पूर्वांह 11.30 बजे।
टाउनहाल स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम चालू हालत में मिला। वहां कैश निकलते देख भुगतान लेने आए लोग फोन पर अपने परिचितों को बुलाते देेखे गए।
दोपहर 2.45 बजे।
सेठ एन्क्लेव में बॉब का एटीएम सुबह से खाली होने के कारण वहां कैश पेमेंट ठप मिला। एटीएम के एसी रूम में कुछ लोग गर्मी से कुछ देर को निजात पाने के लिए वहां बैलेंस चेक करने के बहाने खड़े मिलेे।
दोपहर 2.50 बजे
कचहरी के पास सेठ एन्क्लेव की एक्सिस बैंक शाखा का एटीएम सुबह से दोपहर तक बंद रहने के बाद मशीन की कैसेट में कैश भरे जाते ही भुगतान की आस में वहां लोग पहुंचने लगे। कुछ ही देर में वहां कतारें लग गईं।
शाम 3.00 बजे।
जेल रोड पर कृष्णानगर में फायर स्टेशन के पास सिथत बॉब का एटीएम रूम भी सूना पड़ा मिला। नगदी की आस में वहां पहुंचने वाले लोग मशीन में कैश नहीं का बोर्ड लटका देख आगे बढ़ लिए।
शाम 3.15 बजे।
बैंक ऑफ बड़ौदा की मंडी चौक शाखा में भुगतान काउंटर पर कई लोग खड़े दिखे जबकि बैंक के गेट पर स्थापित एटीएम का शटर गिरा मिला। बैंक स्टाफ के मुताबिक एटीएम बंद होने से काउंटर पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही।
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बैंक शाखाओं को रोजाना दस करोड़ की जरूरत
आरबीआई से मांग के सापेक्ष नहीं मिल रहा कैश
बैंकों में कैश की किल्लत कम होती नजर नहीं आ रही है। आलम यह है कि शादी-विवाह के लिए भी लोगों को खाते से रुपये निकालने में पसीना छूट रहा है। इधर, गेहूं और गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर किसानों समेत जनसामान्य को जरूरत के अनुसार खाते से रुपया नहीं मिल पा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक से पर्याप्त कैश नहीं मिल पाने से शहर समेत जिले के तमाम एटीएम शुक्रवार को भी खाली रहे। यही नहीं, जिन एटीएम में नोट भरे जा रहे हैं, वे भी लगातार नकदी निकासी के चलते दो-तीन घंटे में ही खाली हो रहे हैं।
जिले में राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र की 31 बैंकों की कुल 255 शाखाएं हैं। इनमें अग्रणी बैंक के नाते बैंक ऑफ बड़ौदा की सर्वाधिक 68 शाखाएं हैं और एसबीआई 33 शाखाओं के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं दे रही है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की 50 शाखाओं पर भी भुगतान का दबाव बढ़ गया है। प्रत्येक माह के पहले और दूूसरे सप्ताह में विभिन्न विभागों के राजकीय कर्मचारियों का वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन मद में कैश की मांग बढ़ जाती है।
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इधर, गत दो सप्ताह से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के बदले किसानों को आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान उनके खातों में पहुुंच रहा है। सरकार के सख्त रुख के चलते चीनी मिलें भी बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही है और यह धनराशि भी डिजिटल फॉर्मेट से किसानों के खातों में पहुंच रही है, लेकिन उन्हें घरेलू खर्च की पूर्ति के लिए न तो बैंकों से मांग के अनुरूप कैश मिल रहा है और न ही एटीएम से।
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बैंक अधिकारी भी मानते हैं कि इन दिनों रोजाना कम से कम दस करोड़ रुपये भुगतान के लिए जरूरत है, लेकिन आरबीआई से सीमित नगदी कुछ दिनों के अंतराल पर मिलने से पेमेंट में दिक्कतें आ रही हैं। बॉब की मंडी चौक शाखा के मुख्य प्रबंधक एसके टंडन और एसबीआई चौक की घंटाघर स्थित शाखा के प्रबंधक अपूर्व गुप्ता के अनुसार नगदी का संकट है, लेकिन लोगों की जरूरत का आकलन कर उन्हें भुगतान के लिए डिपाजिट होने वाली रकम पर निर्भर रहना पड़ रहा है। प्रबंधक के अनुसार फिलहाल जनता का रुपया जनता में बांटा जा रहा है। बॉब की विकास भवन शाखा के एकाउंटेंट हरीश मिश्रा के अनुसार कम धनराशि मांगने वालों को भुगतान में इसलिए वरीयता दी जा रही है कि अधिकतम लोगों को रुपया मिल सके। खास यह है कि बैंकों की पॉकेट कही जाने वाली चेस्ट शाखाएं भी कैश की कमी का सामना कर रही हैं। बॉब की पुवायां चेस्ट ब्रांच में रोकड़ की कमी से न सिर्फ जनपद बल्कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और हरदोई जिले की बॉब शाखाओं को कैश की कमी से जूझना पड़ रहा है।
विधायक के कहने पर डीएम ने कराया भुगतान
निगोही की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से 25 हजार रुपये का भुगतान पाने के लिए खातेदार रामकृष्ण ने क्षेत्रीय विधायक रोशनलाल वर्मा से गुहार लगाई। विधायक ने डीएम नरेंद्र सिंह से संपर्क साधा तो इस प्रकरण में लीड बैंक प्रबंधक वीएम गुप्ता ने हस्तक्षेप करके तत्काल शाखा प्रबंधक को फोन करके खातेदार को भुगतान कराया।
आरबीआई को भेजेंगे 100 करोड़ की डिमांड
आरबीआई से पर्याप्त कैश नहीं मिलने और बाजार से रकम की वापसी नहीं होने से बैंक शाखाओें से भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं और इसी वजह से एटीएम नहीं चल पा रहे हैं। डीएम के माध्यम से आरबीआई को पत्र भेजकर जिले को 100 करोड़ रुपये कैश की मांग भेजी जा रही है।
-वीएम गुप्ता, अग्रणी बैंक प्रबंधक
एटीएम पर कहीं सन्नाटा तो कहीं लगी लाइनें
पूर्वांह 11.20 बजे।
टाउनहाल स्थित एसबीआई की टाउनहाल मेन ब्रांच में कैश काउंटर के आगे कई लोगों में भुगतान पाने की बेताबी देखी गई, क्योंकि बाहर लगा एटीएम खाली होने से वहां सन्नाटा पसरा था।
पूर्वांह 11.30 बजे।
टाउनहाल स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम चालू हालत में मिला। वहां कैश निकलते देख भुगतान लेने आए लोग फोन पर अपने परिचितों को बुलाते देेखे गए।
दोपहर 2.45 बजे।
सेठ एन्क्लेव में बॉब का एटीएम सुबह से खाली होने के कारण वहां कैश पेमेंट ठप मिला। एटीएम के एसी रूम में कुछ लोग गर्मी से कुछ देर को निजात पाने के लिए वहां बैलेंस चेक करने के बहाने खड़े मिलेे।
दोपहर 2.50 बजे
कचहरी के पास सेठ एन्क्लेव की एक्सिस बैंक शाखा का एटीएम सुबह से दोपहर तक बंद रहने के बाद मशीन की कैसेट में कैश भरे जाते ही भुगतान की आस में वहां लोग पहुंचने लगे। कुछ ही देर में वहां कतारें लग गईं।
शाम 3.00 बजे।
जेल रोड पर कृष्णानगर में फायर स्टेशन के पास सिथत बॉब का एटीएम रूम भी सूना पड़ा मिला। नगदी की आस में वहां पहुंचने वाले लोग मशीन में कैश नहीं का बोर्ड लटका देख आगे बढ़ लिए।
शाम 3.15 बजे।
बैंक ऑफ बड़ौदा की मंडी चौक शाखा में भुगतान काउंटर पर कई लोग खड़े दिखे जबकि बैंक के गेट पर स्थापित एटीएम का शटर गिरा मिला। बैंक स्टाफ के मुताबिक एटीएम बंद होने से काउंटर पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही।