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उपेक्षा से नाराज भाकिमयू कार्यकताओं ने शुरू किया जेल भरो आंदोलन
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बिजौरा बिजौरिया में धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : POWAYAN
शाहजहांपुर। एक माह से खिरनीबाग के जीआईसी मैदान पर किसानों की मांगों को लेकर धरना दे रहे भारतीय किसान मजदूर यूनियन (राष्ट्रवादी) के कार्यकर्ताओं का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। किसानों के हित की मांगों पर प्रशासन स्तर से कोई तवज्जो नहीं दिए जाने के विरोध में यूनियन के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर पहले दिन पुवायां तहसील से आए करीब 200 कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दी। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
जिले के विभिन्न गांवों में सार्वजनिक महत्व की जमीनों से भू-माफिया को बेदखल कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने, कृभको खाद फैक्ट्ररी से हटाए गए किसान परिवारों के ट्रक चालकों को दोबारा काम पर लिए जाने, कई गांवों में जर्जर हो चुकीं सड़कों की मरम्मत कराने, ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए पुरानी लाइनों के नवीनीकरण आदि मांगों को लेकर भाकिमयू के कार्यकर्ता गत एक वर्ष से प्रयासरत हैं। कई बार धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए, लेकिन हर बार उन्हेें आश्वासन देकर चलता करने के बाद अधिकारिक स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: उन्होंने गत एक दिसंबर से जीआईसी मैदान पर टेंट लगाकर बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
गत सप्ताह अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता कर 24 दिसंबर तक मांगों के निस्तारण का भरोसा दिया लेकिन यह तारीख निकलने पर भी समस्याएं जस की तस बनी रहीं। इसी के विरोध में यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तीखे तेवर अपना लिए। पुवायां क्षेत्र से आए कार्यकर्ताओं के साथ पहले प्रदर्शन किया। पहले से तैनात पुलिस ने कलक्ट्रेट जाने से रोका तो वहीं पर अपनी गिरफ्तारी देने का एलान कर दिया। पुलिस उन्हें वाहनों से लेकर पुलिसलाइन पहुंची। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तारी देने वाले करीब 200 कार्यकर्ताओं की सूची उपलब्ध कराई। वहां उन्हें करीब दो घंटे तक बिठाए रखने के बाद छोड़ दिया गया। जिला प्रभारी शिशुपाल सिंह, ब्रज मोहन गौतम, सौदान सिंह यादव, क्रांति सिंह, संत कुमार मिश्रा आदि ने कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया।
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जिले के विभिन्न गांवों में सार्वजनिक महत्व की जमीनों से भू-माफिया को बेदखल कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने, कृभको खाद फैक्ट्ररी से हटाए गए किसान परिवारों के ट्रक चालकों को दोबारा काम पर लिए जाने, कई गांवों में जर्जर हो चुकीं सड़कों की मरम्मत कराने, ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए पुरानी लाइनों के नवीनीकरण आदि मांगों को लेकर भाकिमयू के कार्यकर्ता गत एक वर्ष से प्रयासरत हैं। कई बार धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए, लेकिन हर बार उन्हेें आश्वासन देकर चलता करने के बाद अधिकारिक स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: उन्होंने गत एक दिसंबर से जीआईसी मैदान पर टेंट लगाकर बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
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गत सप्ताह अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता कर 24 दिसंबर तक मांगों के निस्तारण का भरोसा दिया लेकिन यह तारीख निकलने पर भी समस्याएं जस की तस बनी रहीं। इसी के विरोध में यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तीखे तेवर अपना लिए। पुवायां क्षेत्र से आए कार्यकर्ताओं के साथ पहले प्रदर्शन किया। पहले से तैनात पुलिस ने कलक्ट्रेट जाने से रोका तो वहीं पर अपनी गिरफ्तारी देने का एलान कर दिया। पुलिस उन्हें वाहनों से लेकर पुलिसलाइन पहुंची। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तारी देने वाले करीब 200 कार्यकर्ताओं की सूची उपलब्ध कराई। वहां उन्हें करीब दो घंटे तक बिठाए रखने के बाद छोड़ दिया गया। जिला प्रभारी शिशुपाल सिंह, ब्रज मोहन गौतम, सौदान सिंह यादव, क्रांति सिंह, संत कुमार मिश्रा आदि ने कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया।
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