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असिस्टेंट प्रोफेसर हत्याकांड: आलोक के पहचानते ही सबसे पहले शहरोज ने किया था वार, कातिल का सनसनीखेज कबूलनामा
Sat, 23 Sep 2023 10:14 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 23 Sep 2023 10:14 AM IST
सार
Professor Alok Murder Case News: असिस्टेंट प्रोफेसर हत्याकांड में गिरफ्तार दूसरे आरोपी शहरोज ने बड़ा खुलासा किया है। प्रोफेसर आलोक ने घर में घुसे बदमाशों में से कुछ को पहचान लिया था। यह बात समझते ही बदमाश शहरोज ने चाकू से वार कर दिया, फिर साथियों ने भी दबोचकर अंधाधुंध वार किए। पुलिस ने शहरोज की भूमिका का खुलासा करते हुए उसे जेल भेज दिया।
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Shahjahanpur Alok Gupta murder case
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा के मोहल्ला घेर बाजार में चार दिन पहले असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक की हत्या के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी शहरोज को गिरफ्तार कर लिया है। उससे आलोक की पत्नी खुशबू उर्फ सोनम का पर्स, पायल, अंगूठी आदि बरामद हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, आलोक ने घर में घुसे बदमाशों में से कुछ को पहचान लिया था। यह बात समझते ही बदमाश शहरोज ने चाकू से वार कर दिया, फिर साथियों ने भी दबोचकर अंधाधुंध वार किए। शहरोज की भूमिका का खुलासा करते हुए उसे जेल भेज दिया।
शहरोज का एक साथी शाहबाज घटना के दिन ही पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया था। 19 सितंबर को सुबह करीब साढ़े तीन बजे व्यापारी सुधीर गुप्ता के घर में डकैती के इरादे से बदमाश घुसे थे। बदमाशों ने सुधीर के पुत्र आलोक गुप्ता की चाकु से गोदकर हत्या कर दी थी।
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साथ ही अन्य परिजनों को चाकू मारकर घायल कर दिया था। शोर-शराबा होने पर मोहल्ला सराय निवासी शाहबाज को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। उसके अन्य साथी भाग गए थे।
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पुलिस के अनुसार, आलोक ने घर में घुसे बदमाशों में से कुछ को पहचान लिया था। यह बात समझते ही बदमाश शहरोज ने चाकू से वार कर दिया, फिर साथियों ने भी दबोचकर अंधाधुंध वार किए। शहरोज की भूमिका का खुलासा करते हुए उसे जेल भेज दिया।
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शहरोज का एक साथी शाहबाज घटना के दिन ही पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया था। 19 सितंबर को सुबह करीब साढ़े तीन बजे व्यापारी सुधीर गुप्ता के घर में डकैती के इरादे से बदमाश घुसे थे। बदमाशों ने सुधीर के पुत्र आलोक गुप्ता की चाकु से गोदकर हत्या कर दी थी।
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साथ ही अन्य परिजनों को चाकू मारकर घायल कर दिया था। शोर-शराबा होने पर मोहल्ला सराय निवासी शाहबाज को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। उसके अन्य साथी भाग गए थे।
हत्या के बाद बवाल, रोड जाम व बाजार बंदी के बाद पुलिस ने तिलहर-कटरा रोड पर बतलैया गांव के पास गन्ने के खेत में शाहबाज को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इसके बाद से ही चर्चा रही कि शाहबाज ने मरने से पहले मोहल्ला कायस्थान के शहरोज का नाम लिया था। उसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था।
हालांकि, आलोक की पत्नी की ओर से दर्ज मुकदमे में शहरोज का जिक्र नहीं था। रिपोर्ट में शाहबाज और सगीर खां डभौरा वाले समेत आठ से दस अज्ञात लोगों को शामिल बताया गया था।
शुक्रवार को कटरा थाने के इंस्पेक्टर पवन पांडेय ने रेलवे स्टेशन के पास ईंट भट्ठे से शहरोज को गिरफ्तार किया जाना बताया। एसपी देहात संजीव वाजपेयी ने बताया कि पुलिस ने शहरोज के पास से आलोक की पत्नी खुशबू गुप्ता की सोने की अंगूठी, चांदी की पायल बरामद कर ली है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि वे लोग डाका डालने के लिए घुसे थे। आलोक ने उसे पहचान लिया था इसलिए उस पर हमला कर दिया। चाकू लगते ही आलोक ने उसे धक्का दिया, जिससे वह गिर गया। तब अन्य बदमाशों ने आलोक को चाकू मारे।
उसने बताया कि इससे पहले उसने शाहबाज के साथ 23 जनवरी की रात को मोहल्ला सराय में सपा नेता सरताज खां की भी हत्या की थी।
शहबाज के बाद ही शहरोज को हिरासत में लिया, पर तीन दिन पुलिस ने किया इन्कार
शहबाज से पूछताछ के बाद शहरोज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। तीन दिन से पुलिस हिरासत में होने से इन्कार कर रही थी। पुलिस उसकी भूमिका के सवाल पर टालमटोल भी कर रही थी। चार दिन के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर पवन पांडेय ने बताया कि शहरोज रोज अपना ठिकाना बदल रहा था।
शहबाज से पूछताछ के बाद शहरोज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। तीन दिन से पुलिस हिरासत में होने से इन्कार कर रही थी। पुलिस उसकी भूमिका के सवाल पर टालमटोल भी कर रही थी। चार दिन के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर पवन पांडेय ने बताया कि शहरोज रोज अपना ठिकाना बदल रहा था।