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उर्वरक प्रतिष्ठानों पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने मारा छापा
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शाहजहांपुर। रबी सीजन की फसलों में उर्वरकों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता बनाए रखने को कृषि विभाग के अधिकारियों ने शासन के आदेश पर बृहस्पतिवार को जिले की सभी तहसीलों में एक साथ उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। इस दौरान अधिकारियों ने कुल 35 प्रतिष्ठानों से विभिन्न उर्वरकों के 15 नमूने गुणवत्ता जांच को सील किए।
एक साथ छापामारी के लिए अधिकारियों की तहसीलवार चार टीमें गठित की गईं। सदर क्षेत्र में सक्रिय टीम की कमान जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने स्वयं संभाली। इसी तरह तिलहर तहसील में उप कृषि निदेशक आनंद कुमार त्रिपाठी, पुवायां में जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर गौतम और जलालाबाद एवं कलान तहसील में अपर जिला कृषि अधिकारी मेराज अहमद ने टीम का नेतृत्व किया। जलालाबाद व कलान तहसील में सर्वाधिक 714 प्रतिष्ठानों पर छापे पड़े और वहां से यूरिया, डीएपी, एसएसपी, पोटाश आदि उर्वरकों के नौ नमूने सील किए गए।
इसी तरह पुवायां और तिलहर क्षेत्र में आठ-आठ प्रतिष्ठान चेक करके वहां से दो-दो नमूने लिए गए। सदर तहसील में शहर समेत कांट और मदनापुर के पांच प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर उर्वरकों के दो नमूने संग्रहीत किए गए। बता देें कि जनपद में उर्वरक की थोक और फुटकर बिक्री करने वाले एक हजार से अधिक लाइसेंसी हैं, लेकिन उनमें से केवल 946 प्रतिष्ठान संचालित हैं। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार छापा कार्रवाई के दौरान जो उर्वरक प्रतिष्ठान बंद पाए गए, उन्हेें संदिग्ध मानते हुए चिन्हित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए इन प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध स्टॉक का अभिलेखों से मिलान करने पर कोई गड़बड़ी नहीं पाई, लेकिन यदि कोई नमूना जांच में फेल होता है तो संबंधित विक्रेता पर उर्वरक अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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एक साथ छापामारी के लिए अधिकारियों की तहसीलवार चार टीमें गठित की गईं। सदर क्षेत्र में सक्रिय टीम की कमान जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने स्वयं संभाली। इसी तरह तिलहर तहसील में उप कृषि निदेशक आनंद कुमार त्रिपाठी, पुवायां में जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर गौतम और जलालाबाद एवं कलान तहसील में अपर जिला कृषि अधिकारी मेराज अहमद ने टीम का नेतृत्व किया। जलालाबाद व कलान तहसील में सर्वाधिक 714 प्रतिष्ठानों पर छापे पड़े और वहां से यूरिया, डीएपी, एसएसपी, पोटाश आदि उर्वरकों के नौ नमूने सील किए गए।
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इसी तरह पुवायां और तिलहर क्षेत्र में आठ-आठ प्रतिष्ठान चेक करके वहां से दो-दो नमूने लिए गए। सदर तहसील में शहर समेत कांट और मदनापुर के पांच प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर उर्वरकों के दो नमूने संग्रहीत किए गए। बता देें कि जनपद में उर्वरक की थोक और फुटकर बिक्री करने वाले एक हजार से अधिक लाइसेंसी हैं, लेकिन उनमें से केवल 946 प्रतिष्ठान संचालित हैं। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार छापा कार्रवाई के दौरान जो उर्वरक प्रतिष्ठान बंद पाए गए, उन्हेें संदिग्ध मानते हुए चिन्हित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए इन प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध स्टॉक का अभिलेखों से मिलान करने पर कोई गड़बड़ी नहीं पाई, लेकिन यदि कोई नमूना जांच में फेल होता है तो संबंधित विक्रेता पर उर्वरक अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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