{"_id":"5eb986298ebc3e906d3ce41b","slug":"agricultur-shahjahanpur-news-bly4055213160","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रय केंद्रों पर घपलों की पोल खुली तो किसानों को मनाने घर दौड़े सेंटर इचार्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रय केंद्रों पर घपलों की पोल खुली तो किसानों को मनाने घर दौड़े सेंटर इचार्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों से छनाई शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की खबर अमर उजाला में छपी तो केंद्र प्रभारियों में खलबली मच गई है। बंडा और जैतीपुर के ऐसे ही दो मामलों में आरएफसी के केंद्र प्रभारियों ने सोमवार को शिकायत करने वाले किसानों के घर जाकर उन्हें मनाने की कोशिश की। बंडा के किसान का तौल के दौरान कटौती किया गया 1.5 क्विंटल गेहूं का भुगतान भी केंद्र प्रभारी ने स्वीकृत कर दिया।
सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि आढ़तों पर 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिक रहा था। सरकारी खरीद शुरू हुई तो क्रय केंद्रों पर किसानों से नमी ज्यादा बताकर और 20 रुपये प्रति क्विंटल छनाई शुल्क वसूला जाने लगा। साथ ही कम रेट में किसानों को तौल कराने पर मजबूर किया जाने लगा। क्रय केंद्रों पर किसानों से अवैध वसूली के मामले अमर उजाला में रविवार और सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित हुए तो घपलेबाज क्रय केंद्र प्रभारियों को अपनी गर्दन फंसती नजर आई। खरीद में घपलों को लेकर जवाबदेह सेंटर इंचार्ज अपने बचाव की मुद्रा में आ गए हैं।
बंडा। क्षेत्र के गांव बंडी निवासी राहुल सिंह का कहना था कि उन्होंने बंडा मंडी स्थल पर खुले आरएफसी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेचा था। तौल होने से पहले केंद्र प्रभारी ने 45 रुपये प्रति क्विंटल खर्चा मांगा और कटौती के रुपये नहीं देने पर अभिलेखों में उनका 1.5 क्विंटल गेहूं कम दर्ज किया। अधिकारियों से इसकी शिकायत होने पर मामला अमर उजाला में प्रकाशित हुआ तो केंद्र प्रभारी बैकफुट पर आ गए। राहुल सिंह के अनुसार मंगलवार को केंद्र प्रभारी उनसे मिले और कटौती किए गए गेहूं की एंट्री करके उसका भुगतान स्वीकृत कर दिया।
विज्ञापन
जैतीपुर। क्षेत्र के गांव पिपरथरा जरगवां निवासी महेश पाल पृथ्वीपुर गांव मेें लगे आरएफसी के सेंटर पर गत 13 अप्रैल को समर्थन मूल्य पर 57 क्विंटल गेहूं की तौल कराई। महेश पाल के अनुसार केंद्र के कर्मचारियों ने उन्हें 52 क्विंटल गेहूं की रसीद दी। बिक्री किए गए पांच क्विंटल गेहूं का हिसाब मांगने पर कर्मचारियों ने कहा कि यह गेहूं अन्य खर्चों की पूर्ति के लिए काट लिया गया। मामला उजागर होने के बाद मंगलवार को सेंटर इंचार्ज महेश पाल के घर पहुंचे और जल्द पूरा भुगतान कराने का वायदा किया।
क्रय केंद्रों पर किसानों के स्तर से किसी को छनाई शुल्क नहीं देना है। किसान अपने स्तर से गेहूं की छनाई कराकर लेबर को स्वयं देंगे। छनाई शुल्क की धनराशि का किसानों को सरकार के स्तर से भुगतान किए जाने के बारे में अभी शासन से कोई आदेश नहीं मिला है। गेहूं तौल में कोई दिक्कत होने पर किसान कंट्रोल रूम अथवा सीधे मुझे सूचित करें ताकि ऐसे मामलों पर कार्रवाई हो सके। - गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी अधिकारी खरीद
विज्ञापन
सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि आढ़तों पर 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिक रहा था। सरकारी खरीद शुरू हुई तो क्रय केंद्रों पर किसानों से नमी ज्यादा बताकर और 20 रुपये प्रति क्विंटल छनाई शुल्क वसूला जाने लगा। साथ ही कम रेट में किसानों को तौल कराने पर मजबूर किया जाने लगा। क्रय केंद्रों पर किसानों से अवैध वसूली के मामले अमर उजाला में रविवार और सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित हुए तो घपलेबाज क्रय केंद्र प्रभारियों को अपनी गर्दन फंसती नजर आई। खरीद में घपलों को लेकर जवाबदेह सेंटर इंचार्ज अपने बचाव की मुद्रा में आ गए हैं।
विज्ञापन
बंडा। क्षेत्र के गांव बंडी निवासी राहुल सिंह का कहना था कि उन्होंने बंडा मंडी स्थल पर खुले आरएफसी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेचा था। तौल होने से पहले केंद्र प्रभारी ने 45 रुपये प्रति क्विंटल खर्चा मांगा और कटौती के रुपये नहीं देने पर अभिलेखों में उनका 1.5 क्विंटल गेहूं कम दर्ज किया। अधिकारियों से इसकी शिकायत होने पर मामला अमर उजाला में प्रकाशित हुआ तो केंद्र प्रभारी बैकफुट पर आ गए। राहुल सिंह के अनुसार मंगलवार को केंद्र प्रभारी उनसे मिले और कटौती किए गए गेहूं की एंट्री करके उसका भुगतान स्वीकृत कर दिया।
विज्ञापन
जैतीपुर। क्षेत्र के गांव पिपरथरा जरगवां निवासी महेश पाल पृथ्वीपुर गांव मेें लगे आरएफसी के सेंटर पर गत 13 अप्रैल को समर्थन मूल्य पर 57 क्विंटल गेहूं की तौल कराई। महेश पाल के अनुसार केंद्र के कर्मचारियों ने उन्हें 52 क्विंटल गेहूं की रसीद दी। बिक्री किए गए पांच क्विंटल गेहूं का हिसाब मांगने पर कर्मचारियों ने कहा कि यह गेहूं अन्य खर्चों की पूर्ति के लिए काट लिया गया। मामला उजागर होने के बाद मंगलवार को सेंटर इंचार्ज महेश पाल के घर पहुंचे और जल्द पूरा भुगतान कराने का वायदा किया।
क्रय केंद्रों पर किसानों के स्तर से किसी को छनाई शुल्क नहीं देना है। किसान अपने स्तर से गेहूं की छनाई कराकर लेबर को स्वयं देंगे। छनाई शुल्क की धनराशि का किसानों को सरकार के स्तर से भुगतान किए जाने के बारे में अभी शासन से कोई आदेश नहीं मिला है। गेहूं तौल में कोई दिक्कत होने पर किसान कंट्रोल रूम अथवा सीधे मुझे सूचित करें ताकि ऐसे मामलों पर कार्रवाई हो सके। - गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी अधिकारी खरीद