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दोपहर तक गर्मी और उमस के बाद बारिश से सुहाना हुआ मौसम
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शाहजहांपुर। वायुदाब में कमी के कारण शाम से ऊंचाई पर छाए बादलों ने आधी रात के बाद हल्की बूंदाबांदी की, लेकिन उमस के कारण रात में न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री बढ़कर 28 डिग्री सेल्सियस हो गया। शनिवार दोपहर दो बजे के बाद अचानक बादल घने हो गए और बारिश के साथ ठंडी हवा चली तो मौसम सुहाना हो गया और दिन में अधिकतम तापमान एक डिग्री घटकर 32 डिग्री सेल्सियस हो गया। हालांकि, शहर के नाले-नालियां उफनाए तो कई जगह जलभराव और कीचड़ हो गया।
बारिश के आसार रात में भी बने, लेकिन इस दौरान रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। शुक्रवार रात एक बजे कुछ देर को तेज बौछारें गिरीं लेकिन बाद में हवा चलने पर बादल उड़ने के साथ हल्के पड़ गए। सुबह तक तेज बारिश नहीं होने से रात में लोगों को गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ा। सूर्योदय के बाद धूप ने बादलों पर दबाव बनाया तो वातावरण में उमस बढ़ने से लोगों को पसीना आने लगा। दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट बदली और पश्चिमी दिशा से आसमान काले बादलों से ढंका तो शाम जैसी महसूस होने लगी।
इसी के साथ हवा चलने लगी और तेज बूंदाबांदी होने लगी। कुछ ही देर में बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। करीब आधा घंटा तक झमाझम बरसात के साथ ठंडी हवा चली तो गर्मी के साथ उमस का सफाया हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दोपहर 17 मिमी बारिश से आर्द्रता बढ़कर 70 प्रतिशत हो गई और इसीलिए हवा में ठंडक बढ़ गई। उन्होंने बताया कि बारिश होने से पहले तक अधिकतम तापमान 33 डिग्री बना रहा, लेकिन तब तक उमस ज्यादा होने से 40 डिग्री जैसी गर्मी महसूस हुई। उनका कहना है कि वायुदाब में कमी को देखते अगले 24 घंटे तक मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।
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कीचड़ और जलभराव से परेशानी
बारिश थमने पर जो लोग घर के कामों से बाहर निकले, उन्हें सड़कों पर कई जगह जलभराव और कीचड़ से हुई फिसलन का सामना करना पड़ा। टाउनहाल में नगर निगम कार्यालय के पास, मोहम्मद जई, खलीलशर्की में अंबा टाकीज वाली गली, लोहारों का चौराहा आदि कई स्थानों पर बारिश थमने के बाद देर तक सड़कों पर पानी भरा रहा। उधर, बहादुरगंज गल्ला मंडी के जर्जर रास्ते पर इतनी कीचड़ हो गई कि कई दुपहिया वाहन सवार फिसल गए।
ओवरलोडिंग से हाईटेंशन लाइनों के जले इंसुलेटर, घंटों गुल रही बत्ती
शाहजहांपुर। देर रात बूंदाबांदी थमने के बाद उमस का प्रकोप बढ़ा और घरों में एसी, कूलर आदि चलने शुरू हुए तो शहर की 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइनें ओवरलोड होने से ट्रिप होने लगीं। गोविंदगंज उपकेंद्र के टाउनहाल फीडर की लाइन का इंसुलेटर जल गया। इसी तरह तारीन टिकली, खिरनीबाग (आंशिक) आदि क्षेत्रों की लाइनें देर रात से सुबह दस बजे के बाद तक ट्रिपिंग से बार-बार बंद होती रहीं। ककरा उपकेंद्र के आनंदपुरम, अब्दुल्लागंज उपकेंद्र के जियाखेल और चारखंभा और निगोही रोड गदियाना उपकेंद्र के ऐमनजई जलालनगर फीडर से जुड़े इलाकों के लोगों को सुबह से दोपहर बाद तक घंटों बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
टाउनहाल फीडर में शुक्रवार देर शाम आई खराबी रात करीब 12 बजे ठीक हो सकी। ककरा उपकेंद्र के आनंदपुरम फीडर से पूरी रात बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रही, लेकिन सुबह नौ बजे से हर आधा घंटे के अंतराल पर बत्ती गुल होने लगी। कर्मचारियों ने लाइन की पेट्रोलिंग की तो दो जगह तार आपस में मिलने से शार्ट सर्किट की समस्या निकली। गदियाना और ऐमनजई जलालनगर के लोगों को पूरी रात बिजली संकट झेलने के बाद सुबह बिजली आपूर्ति सामान्य होने से थोड़ी राहत मिली लेकिन दोपहर में हुई बारिश के बाद वहां की 11 केवी लाइन जंपर जलने से बंद हो गई। प्रभारी अवर अभियंताओं के अनुसार बारिश में बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए लाइनमैनों को ढीले तार कसने में जुटाया गया है।
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बारिश के आसार रात में भी बने, लेकिन इस दौरान रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। शुक्रवार रात एक बजे कुछ देर को तेज बौछारें गिरीं लेकिन बाद में हवा चलने पर बादल उड़ने के साथ हल्के पड़ गए। सुबह तक तेज बारिश नहीं होने से रात में लोगों को गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ा। सूर्योदय के बाद धूप ने बादलों पर दबाव बनाया तो वातावरण में उमस बढ़ने से लोगों को पसीना आने लगा। दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट बदली और पश्चिमी दिशा से आसमान काले बादलों से ढंका तो शाम जैसी महसूस होने लगी।
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इसी के साथ हवा चलने लगी और तेज बूंदाबांदी होने लगी। कुछ ही देर में बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। करीब आधा घंटा तक झमाझम बरसात के साथ ठंडी हवा चली तो गर्मी के साथ उमस का सफाया हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दोपहर 17 मिमी बारिश से आर्द्रता बढ़कर 70 प्रतिशत हो गई और इसीलिए हवा में ठंडक बढ़ गई। उन्होंने बताया कि बारिश होने से पहले तक अधिकतम तापमान 33 डिग्री बना रहा, लेकिन तब तक उमस ज्यादा होने से 40 डिग्री जैसी गर्मी महसूस हुई। उनका कहना है कि वायुदाब में कमी को देखते अगले 24 घंटे तक मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।
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कीचड़ और जलभराव से परेशानी
बारिश थमने पर जो लोग घर के कामों से बाहर निकले, उन्हें सड़कों पर कई जगह जलभराव और कीचड़ से हुई फिसलन का सामना करना पड़ा। टाउनहाल में नगर निगम कार्यालय के पास, मोहम्मद जई, खलीलशर्की में अंबा टाकीज वाली गली, लोहारों का चौराहा आदि कई स्थानों पर बारिश थमने के बाद देर तक सड़कों पर पानी भरा रहा। उधर, बहादुरगंज गल्ला मंडी के जर्जर रास्ते पर इतनी कीचड़ हो गई कि कई दुपहिया वाहन सवार फिसल गए।
ओवरलोडिंग से हाईटेंशन लाइनों के जले इंसुलेटर, घंटों गुल रही बत्ती
शाहजहांपुर। देर रात बूंदाबांदी थमने के बाद उमस का प्रकोप बढ़ा और घरों में एसी, कूलर आदि चलने शुरू हुए तो शहर की 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइनें ओवरलोड होने से ट्रिप होने लगीं। गोविंदगंज उपकेंद्र के टाउनहाल फीडर की लाइन का इंसुलेटर जल गया। इसी तरह तारीन टिकली, खिरनीबाग (आंशिक) आदि क्षेत्रों की लाइनें देर रात से सुबह दस बजे के बाद तक ट्रिपिंग से बार-बार बंद होती रहीं। ककरा उपकेंद्र के आनंदपुरम, अब्दुल्लागंज उपकेंद्र के जियाखेल और चारखंभा और निगोही रोड गदियाना उपकेंद्र के ऐमनजई जलालनगर फीडर से जुड़े इलाकों के लोगों को सुबह से दोपहर बाद तक घंटों बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
टाउनहाल फीडर में शुक्रवार देर शाम आई खराबी रात करीब 12 बजे ठीक हो सकी। ककरा उपकेंद्र के आनंदपुरम फीडर से पूरी रात बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रही, लेकिन सुबह नौ बजे से हर आधा घंटे के अंतराल पर बत्ती गुल होने लगी। कर्मचारियों ने लाइन की पेट्रोलिंग की तो दो जगह तार आपस में मिलने से शार्ट सर्किट की समस्या निकली। गदियाना और ऐमनजई जलालनगर के लोगों को पूरी रात बिजली संकट झेलने के बाद सुबह बिजली आपूर्ति सामान्य होने से थोड़ी राहत मिली लेकिन दोपहर में हुई बारिश के बाद वहां की 11 केवी लाइन जंपर जलने से बंद हो गई। प्रभारी अवर अभियंताओं के अनुसार बारिश में बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए लाइनमैनों को ढीले तार कसने में जुटाया गया है।