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Shahjahanpur News: सात साल बाद कुंडरिया गांव की ओर फिर लौटी रामगंगा
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परौर में नदी किनारे तट पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
परौर। सात साल पहले तक कुंडरिया गांव के लिए तबाही का सबब बनती रही रामगंगा की धारा अब फिर गांव के करीब लौट आई है। खेतों के पास छोड़ी गई जगह में पानी के तेज बहाव से किसान भूमि कटान से चिंतित हैं। कई किसान रात में सोने के बजाय खेतों की देखभाल में जुटे हैं। खेत कटने से बचाने के लिए ग्रामीणों ने शनिवार को नदी तट पर प्रदर्शन भी किया।
कुंडरिया के बड़े-बुजुर्गों के अनुसार, वर्ष 1960 में रामगंगा में आई भयंकर बाढ़ ने पूरा गांव काटकर तबाह कर दिया था। इसके बाद रामगंगा की धारा चपरा गांव के पास चली गई। वर्ष 2018 में बाढ़ के दौरान जमीनें कटने से रामगंगा ने दोबारा बहाव की दिशा बदली और गांव के पास आ गई और आधे से ज्यादा गांव बाढ़ में कट गया।
बाद में रामगंगा की धारा मुड़कर बोझी गांव के पास चली गई। अब रामगंगा फिर कुंडरिया गांव के पास पुरानी जगह आ गई है। रामगंगा में पानी सामान्य से अधिक होने से आसपास की जमीन भी कट रही है। वहां बांस-बल्लियों से बनाई गई कच्ची ठोकरें डूब चुकी हैं। इसलिए ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से नदी और गांव के बीच तट पर पक्की ठोकरें जल्द बनवाने की मांग की है।
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इस मांग को लेकर गांव वालों ने शनिवार को रामगंगा तट पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रिंस कुमार, राजेश कुमार, अनिल सिंह, राजीव कुमार, हरिश्चंद्र सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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तिलहर और खुदागंज में बाढ़ प्रभावितों को बांटी राहत सामग्री
तिलहर/ खुदागंज। विधानसभा क्षेत्र में गर्रा की बाढ़ से प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से शनिवार को कैंप लगाकर राहत सामग्री बांटी गई। तहसीलदार दीपेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार मनु माथुर, कानूनगो व लेखपाल के साथ ईश्वरा गांव पहुंचे। विधायक सलोना कुशवाहा के साथ 45 परिवारों को राशन किटें वितरित की गईं। खुदागंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत म्यूना के मजरा रामेश्वर गंज गौंटिया में आयोजित कैंप में बाढ़ प्रभावितों को पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने राहत सामग्री दी। इस दौरान एसडीएम डॉ. रवींद्र कुमार, नायब तहसीलदार पूनम मधुकर, लेखपाल अरविंद अग्निहोत्री, बिजेंद्र कश्यप आदि मौजूद रहे। संवाद
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कुंडरिया के बड़े-बुजुर्गों के अनुसार, वर्ष 1960 में रामगंगा में आई भयंकर बाढ़ ने पूरा गांव काटकर तबाह कर दिया था। इसके बाद रामगंगा की धारा चपरा गांव के पास चली गई। वर्ष 2018 में बाढ़ के दौरान जमीनें कटने से रामगंगा ने दोबारा बहाव की दिशा बदली और गांव के पास आ गई और आधे से ज्यादा गांव बाढ़ में कट गया।
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बाद में रामगंगा की धारा मुड़कर बोझी गांव के पास चली गई। अब रामगंगा फिर कुंडरिया गांव के पास पुरानी जगह आ गई है। रामगंगा में पानी सामान्य से अधिक होने से आसपास की जमीन भी कट रही है। वहां बांस-बल्लियों से बनाई गई कच्ची ठोकरें डूब चुकी हैं। इसलिए ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से नदी और गांव के बीच तट पर पक्की ठोकरें जल्द बनवाने की मांग की है।
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इस मांग को लेकर गांव वालों ने शनिवार को रामगंगा तट पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रिंस कुमार, राजेश कुमार, अनिल सिंह, राजीव कुमार, हरिश्चंद्र सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
तिलहर और खुदागंज में बाढ़ प्रभावितों को बांटी राहत सामग्री
तिलहर/ खुदागंज। विधानसभा क्षेत्र में गर्रा की बाढ़ से प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से शनिवार को कैंप लगाकर राहत सामग्री बांटी गई। तहसीलदार दीपेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार मनु माथुर, कानूनगो व लेखपाल के साथ ईश्वरा गांव पहुंचे। विधायक सलोना कुशवाहा के साथ 45 परिवारों को राशन किटें वितरित की गईं। खुदागंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत म्यूना के मजरा रामेश्वर गंज गौंटिया में आयोजित कैंप में बाढ़ प्रभावितों को पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने राहत सामग्री दी। इस दौरान एसडीएम डॉ. रवींद्र कुमार, नायब तहसीलदार पूनम मधुकर, लेखपाल अरविंद अग्निहोत्री, बिजेंद्र कश्यप आदि मौजूद रहे। संवाद