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शाहजहांपुर के सुनियोजित विकास के लिए प्राधिकरण बनाने की कवायद शुरू
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शाहजहांपुर के नगर निगम के बाहर स्थापित अमर शहीदों की प्रतिमाएं । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। शहर की नगरपालिका परिषद को नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद अब जिले को जल्द विकास प्राधिकरण की सौगात की मिलेगी। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इसके लिए कवायद शुरू की है। शासन की मंशा के अनुसार डीएम की अध्यक्षता में जल्द एक उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें प्राधिकरण के गठन से पूर्व उसके क्षेत्रफल का निर्धारण किया जाएगा। अधिकारी भी मानते है कि विकास प्राधिकरण के गठन से न केवल नगर निगम की सीमा में आने वाले शाहजहांपुर शहर, बल्कि जिले के अन्य कई नगर-कस्बों में सुनियोजित तरीके से विकास के द्वार खुल जाएंगे।
जनता को आसानी से सुलभ होंगी प्राथमिक सुविधाएं
विकास प्राधिकरण बन जाने के बाद विकास के काम इस तरह होंगे कि उनसे जनता की अन्य सुविधाएं किसी भी स्तर पर प्रभावित नहीं हों। इसी तरह भवन मानचित्र स्वीकृत होने का कार्य विनियमित क्षेत्र के बजाय प्राधिकरण के स्तर से होगा। विकास प्राधिकरण अपनी कॉलोनियां विकसित करेगा। शहर के निर्माण कार्य सुनियोजित ढंग से हों, इसका ख्याल प्राधिकरण रखेगा।
औद्योगिक आस्थानों का त्वरित तरीके से होगा विकास
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार जनपद के सभी औद्योगिक आस्थान और अन्य बड़े उद्योग प्राधिकरण के सीमा क्षेत्र में लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे जिला मुख्यालय पर स्थित रोजा और जमौर औद्योगिक आस्थानों में तमाम ऐसे काम हो सकेंगे, जो अगले एक-दो दशक तक काम आएंगे। बिजली, पानी, सड़क जैसे संसाधन विकसित होने से औद्योगिक उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में 55 किमी दूर स्थित गजरौला नगर शामिल किया गया। इसलिए जनपद के विकास प्राधिकरण में तहसील स्तरीय नगरों को भी शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
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पूर्व में शाहजहांपुर में एसडीएम रहे व लखनऊ विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि विकास प्राधिकरण के स्तर से कोई भी विकास कार्य संबंधित जिले में अगले एक-दो दशक तक के हालातों का अनुमान लगाकर कराए जाते हैं। शहरी क्षेत्रों में जो भी नए आवासीय क्षेत्र और कॉलोनियां विकसित होंगी, प्राधिकरण के स्तर से उनके नियोजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शासन में सचिव स्तर के अधिकारी से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें प्राधिकरण के गठन से पहले सीमा क्षेत्र के निर्धारण पर सम्यक विचार विमर्श करने पर बल दिया है। बहुत जल्द डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्राधिकरण का क्षेत्रफल तय किया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण बनने से नियोजित विकास होगा। विकास प्राधिकरण बनने के लिए अभी समय सीमा निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द यह धरातल पर उतरे। बड़े शहरों की तर्ज पर शाहजहांपुर का विकास होगा। शाहजहांपुर के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। -सुरेश कुमार खन्ना, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री
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जनता को आसानी से सुलभ होंगी प्राथमिक सुविधाएं
विकास प्राधिकरण बन जाने के बाद विकास के काम इस तरह होंगे कि उनसे जनता की अन्य सुविधाएं किसी भी स्तर पर प्रभावित नहीं हों। इसी तरह भवन मानचित्र स्वीकृत होने का कार्य विनियमित क्षेत्र के बजाय प्राधिकरण के स्तर से होगा। विकास प्राधिकरण अपनी कॉलोनियां विकसित करेगा। शहर के निर्माण कार्य सुनियोजित ढंग से हों, इसका ख्याल प्राधिकरण रखेगा।
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औद्योगिक आस्थानों का त्वरित तरीके से होगा विकास
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार जनपद के सभी औद्योगिक आस्थान और अन्य बड़े उद्योग प्राधिकरण के सीमा क्षेत्र में लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे जिला मुख्यालय पर स्थित रोजा और जमौर औद्योगिक आस्थानों में तमाम ऐसे काम हो सकेंगे, जो अगले एक-दो दशक तक काम आएंगे। बिजली, पानी, सड़क जैसे संसाधन विकसित होने से औद्योगिक उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में 55 किमी दूर स्थित गजरौला नगर शामिल किया गया। इसलिए जनपद के विकास प्राधिकरण में तहसील स्तरीय नगरों को भी शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
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पूर्व में शाहजहांपुर में एसडीएम रहे व लखनऊ विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि विकास प्राधिकरण के स्तर से कोई भी विकास कार्य संबंधित जिले में अगले एक-दो दशक तक के हालातों का अनुमान लगाकर कराए जाते हैं। शहरी क्षेत्रों में जो भी नए आवासीय क्षेत्र और कॉलोनियां विकसित होंगी, प्राधिकरण के स्तर से उनके नियोजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शासन में सचिव स्तर के अधिकारी से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें प्राधिकरण के गठन से पहले सीमा क्षेत्र के निर्धारण पर सम्यक विचार विमर्श करने पर बल दिया है। बहुत जल्द डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्राधिकरण का क्षेत्रफल तय किया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण बनने से नियोजित विकास होगा। विकास प्राधिकरण बनने के लिए अभी समय सीमा निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द यह धरातल पर उतरे। बड़े शहरों की तर्ज पर शाहजहांपुर का विकास होगा। शाहजहांपुर के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। -सुरेश कुमार खन्ना, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री