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सांप के डसने के बाद कराते रहे झाड़-फूंक, युवक की चली गई जान
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शाहजहांपुर। तिलहर थाना क्षेत्र के गांव रैना निवासी 26 वर्षीय रमेश जाटव की सांप के डसने के 11 दिन बाद जान चली गई। उसे 11 जून की सुबह सांप ने डस लिया था। परिजन शुरू में तीन दिन झाड़फूंक ही कराते रहे। बाद में अस्पताल लेकर पहुंचे तो तबीयत काफी बिगड़ चुकी थी। बुधवार रात उसकी मौत हो गई।
11 जून की सुबह सात बजे खेत में पानी चलाते समय रमेश के पैर में सांप ने काट लिया। रमेश ने घर पहुंचकर परिजन को जानकारी दी। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की बजाय तिलहर क्षेत्र के लकवा गांव में झाड़फूंक करने वाले के पास ले गए। उसने पैर में चीरा लगाते हुए पट्टी बांध दी, साथ ही देसी दवाई पिलाकर घर भेज दिया। शाम पांच बजे फिर से रमेश की तबीयत बिगड़ने पर एक झोलाछाप के पास लेकर पहुंचे। उसने इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। भाई एवन पाल ने बताया कि हालत में सुधार न होने पर बिलसंडा में झाड़फूंक कराने ले गए थे। वहां से भी कोई फायदा नहीं होने पर परिजन ने सीएचसी पर भर्ती कराया जहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां भी हालत लगातार बिगड़ने पर परिजन उसे लखनऊ लेकर गए। चार दिन पहले रमेश को परिजन वापस घर ले आए थे। यहां बुधवार रात रमेश की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
सांप काटे तो ये बरतें सावधानी
-सांप अमूमन हाथ और पैर में काटता है, इसलिए उस अंग का मूवमेंट कम करें।
-जहरीले जंतु के काटने पर झाड़फूंक वाले के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे करीबी अस्पताल लेकर जाए।
-अस्पतालों में एंटी वीनम इंजेक्शन का प्रयोग जहर का असर कम करने के लिए किया जाता है।
-20 प्रतिशत सांप जैसे कोबरा, क्राप और वाइपर के काटने से इंसान की मृत्यु हो सकती है।
-80 प्रतिशत सांप अधिक जहरीले नहीं होने कारण झाड़फूंक वाले फायदा उठाते हैं।
-सांप के डसने पर संबंधित जगह पर बंध लगा सकते हैं पर चीरा न लगाएं।
तत्काल लाएं अस्पताल
राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि जहरीले सांप के काटने के बाद तत्काल बाद या समय रहते मरीज को अस्पताल लाया जाता है तो उसकी जान बचाई जा सकती है। झाड़फूंक के चक्कर में गोल्डन पीरियड निकल जाता है और फिर डॉक्टर भी कुछ नहीं कर पाते।
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सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है वैक्सीन
राजकीय मेडिकल कॉलेज व सभी सीएचसी में एंटी वेनिम इंजेक्शन उपलब्ध हैं। कई बार सांप के करीब से गुजरने या छू जाने पर लोगों को भ्रम हो जाता है कि सांप ने काट लिया है। इसलिए काटने की पुुष्टि के बाद ही मरीज को वैक्सीन दी जाती है जो काफी हद तक कारगर रहती है। सांप के डसने पर कोई चीरा लगाने का प्रयास न करें, इससे स्थिति बिगड़ सकती है। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ
सांप काटने के दस दिन बाद युवक का शव किया दफन
- निगोही के महुरतला गांव में 18 वर्षीय शिवओम को 13 जून को दिल्ली में सांप ने काट लिया था। दिल्ली और बरेली में डॉक्टर ने शिवओम को मृत घोषित कर दिया था। उसके बाद परिजन ने खेत में गड्ढा खोदकर युवक के शव पर गोबर का लेप लगाकर दबा दिया था। झाड़फूंक करने वालों ने बेटे को जिंदा करने का वादा किया था। दस दिन बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। निगोही थाना प्रभारी ने बताया कि युवक के शव को दफना दिया गया।
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11 जून की सुबह सात बजे खेत में पानी चलाते समय रमेश के पैर में सांप ने काट लिया। रमेश ने घर पहुंचकर परिजन को जानकारी दी। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की बजाय तिलहर क्षेत्र के लकवा गांव में झाड़फूंक करने वाले के पास ले गए। उसने पैर में चीरा लगाते हुए पट्टी बांध दी, साथ ही देसी दवाई पिलाकर घर भेज दिया। शाम पांच बजे फिर से रमेश की तबीयत बिगड़ने पर एक झोलाछाप के पास लेकर पहुंचे। उसने इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। भाई एवन पाल ने बताया कि हालत में सुधार न होने पर बिलसंडा में झाड़फूंक कराने ले गए थे। वहां से भी कोई फायदा नहीं होने पर परिजन ने सीएचसी पर भर्ती कराया जहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां भी हालत लगातार बिगड़ने पर परिजन उसे लखनऊ लेकर गए। चार दिन पहले रमेश को परिजन वापस घर ले आए थे। यहां बुधवार रात रमेश की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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सांप काटे तो ये बरतें सावधानी
-सांप अमूमन हाथ और पैर में काटता है, इसलिए उस अंग का मूवमेंट कम करें।
-जहरीले जंतु के काटने पर झाड़फूंक वाले के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे करीबी अस्पताल लेकर जाए।
-अस्पतालों में एंटी वीनम इंजेक्शन का प्रयोग जहर का असर कम करने के लिए किया जाता है।
-20 प्रतिशत सांप जैसे कोबरा, क्राप और वाइपर के काटने से इंसान की मृत्यु हो सकती है।
-80 प्रतिशत सांप अधिक जहरीले नहीं होने कारण झाड़फूंक वाले फायदा उठाते हैं।
-सांप के डसने पर संबंधित जगह पर बंध लगा सकते हैं पर चीरा न लगाएं।
तत्काल लाएं अस्पताल
राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि जहरीले सांप के काटने के बाद तत्काल बाद या समय रहते मरीज को अस्पताल लाया जाता है तो उसकी जान बचाई जा सकती है। झाड़फूंक के चक्कर में गोल्डन पीरियड निकल जाता है और फिर डॉक्टर भी कुछ नहीं कर पाते।
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सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है वैक्सीन
राजकीय मेडिकल कॉलेज व सभी सीएचसी में एंटी वेनिम इंजेक्शन उपलब्ध हैं। कई बार सांप के करीब से गुजरने या छू जाने पर लोगों को भ्रम हो जाता है कि सांप ने काट लिया है। इसलिए काटने की पुुष्टि के बाद ही मरीज को वैक्सीन दी जाती है जो काफी हद तक कारगर रहती है। सांप के डसने पर कोई चीरा लगाने का प्रयास न करें, इससे स्थिति बिगड़ सकती है। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ
सांप काटने के दस दिन बाद युवक का शव किया दफन
- निगोही के महुरतला गांव में 18 वर्षीय शिवओम को 13 जून को दिल्ली में सांप ने काट लिया था। दिल्ली और बरेली में डॉक्टर ने शिवओम को मृत घोषित कर दिया था। उसके बाद परिजन ने खेत में गड्ढा खोदकर युवक के शव पर गोबर का लेप लगाकर दबा दिया था। झाड़फूंक करने वालों ने बेटे को जिंदा करने का वादा किया था। दस दिन बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। निगोही थाना प्रभारी ने बताया कि युवक के शव को दफना दिया गया।