Chandra Grahan: 102 साल बाद होली के दिन लग रहा चंद्र ग्रहण, गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखने की सलाह
इस बार फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लग रहा है। शाहजहांपुर के श्री रुद्र बालाजी धाम के पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल के मुताबिक 102 साल बाद ऐसा हो रहा है, जब होली के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है।
विस्तार
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण तीन मार्च को होली के दिन लग रहा है। 102 साल बाद फाल्गुन पूर्णिमा होली के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। इसका सूतक काल भी मान्य होगा। शाहजहांपुर के श्री रुद्र बालाजी धाम के पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। चंद्रमा जब अशुभ होता है या फिर इस पर ग्रहण की स्थिति बनती है तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, भ्रम, स्मरण शक्ति कमजोर होती है। इसके साथ ही मां की सेहत को भी हानि पहुंचाती है। गर्भवती महिलाएं पेट में गाय के गोबर का पतला लेप या गेरू का लेप लगाएं और अपने नियमों का पालन करें।
मान्यता के अनुसार ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां हावी होने लगती हैं। जिसकी वजह से गर्भवती महिलाओं पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि ग्रहण के दौरान यात्रा आदि करने से बचना चाहिए, विवाद और कलह से दूर रहना चाहिए, बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ग्रहण के समय भगवान का स्मरण और भजन करना चाहिए। किसी भी गर्भवती महिला को चंद्र ग्रहण को देखने से बचना चाहिए और ना ही उसे ग्रहण के समय घर से बाहर निकलना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि वह हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम, आदित्य हृदय स्त्रोत, विष्णु अष्टाक्षरी मंत्र और पंचाक्षरी मंत्र का जप करें।
ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल के मुताबिक यह ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र तथा सिंह राशि में घटित हो रहा है , इसलिए इस राशि एवं नक्षत्र में उत्पन्न जातकों को चंद्रमा -राहु तथा राशि स्वामी सूर्य का जप दान करना कल्याणकारी रहेगा।
ग्रहण का लोक भविष्य एवं प्रभाव
चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास में घटित होने से नाचने गाने वालों,संगीत से जुड़े व्यक्तियों, श्रेष्ठ स्त्रियों,क्षत्रियों तक तपस्या करने वालों सन्यासी संत समाज कोआदि को पीड़ा एवं कष्टदायक होगा।
ग्रहण का समय
- भारत में चंद्रोदय से दिखाई देगा ग्रहण
- चंद्रोदय 6.20 से प्रारंभ होगा
- ग्रहण का मोक्ष 6.47 पर समाप्त
- पर्वकाल 27 मिनट
- ग्रहण का सूतक 3 मार्च को 9 घंटा पहले सुबह 9.20 पर प्रारंभ हो जाएगा।