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अंधविश्वास में फंसीं नौ जानें: तीन दिन से बंद था मकान, पुलिस ने खोला दरवाजा तो दंग रह गए लोग, बेहोश मिले बच्चे

Tue, 04 Apr 2023 05:32 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 04 Apr 2023 05:32 PM IST
सार

शाहजहांपुर के तिलहर क्षेत्र में अंधविश्वास का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बहादुरगंज में स्थित एक मकान में परिवार के नौ लोग बंद मिले। इनमें पांच बच्चों समेत सात बेहोशी की हालत में थे। सभी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। 

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a family worshiping after closing the room for three days children found unconscious in the house
कमरे में महिलाएं बदहवास और पांच बच्चे बेहोश मिले - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में अंधविश्वास का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। तिलहर थाना क्षेत्र के बहादुरगंज में रहने वाली संतो पत्नी बनारसी के घर का दरवाजा पिछले तीन दिन से नहीं खुला था। कोई आहट न मिलने पर मंगलवार को पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। 

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पुलिसकर्मी जब ताला तोड़कर कमरे में दाखिल हुए तो दंग रह गए। कमरे में शीतल और उसकी मां संतो पूजा-पाठ करतीं मिलीं, जबकि पांच बच्चों समेत सात अन्य लोग अर्द्ध बेहोशी की हालत में मिले। पुलिस ने सभी को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। 

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आत्मा के चक्कर में मुश्किल में डाला परिवार 

शीतल के पति विशाल की मौत फंदे से लटकने से चार साल पहले हो गई थी। शीतल का कहना है कि उसके पति की आत्मा उसके पास आती थी। पुलिस के अनुसार नवरात्रि का व्रत रखने के बाद शीतल ने रामनवमी पर हवन, पूजन के लिए घर के अंदर चौकी स्थापित की थी। 

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पिछले तीन दिन से मकान का कमरा बंद था। पिता बनारसी चूरन बेचने का काम करते हैं। वह चार दिन से बाहर गए हुए थे। घर में पत्नी संतो, बेटी प्रीति, शीतल, अंजलि (18), सुजाता (15), कामनी (14) बेटा संजय (12), आकाश (8) और प्रकाश (सात) थे। 

बेहोशी की अवस्था में मिले बच्चे 

मोहल्ले वालों की सूचना पर पुलिस ने मकान के अंदर प्रवेश किया तो संतो और शीतल लेटी हुईं थीं। जय मां दुर्गा, जय बालाजी कह रहीं थीं। वहीं बच्चे भी बेहोशी की अवस्था में थे। उन्हें एंबुलेंस से पहले सीएचसी फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। 

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर के मुताबिक सभी ने पिछले दो-तीन दिन से कुछ खाया-पिया नहीं है। मारपीट के भी निशान हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है। एसपी ग्रामीण संजीव कुमार वाजपेयी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। 
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