{"_id":"123-93813","slug":"Shahjahanpur-93813-123","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटों की मौत से मां राजवती बदहवास ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटों की मौत से मां राजवती बदहवास
Shahjahanpur
Updated Thu, 15 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। अपने दो सगे बेटों, दुर्गेश और संतराम के शव देखकर राजवती चीख-चीख कर रो रही थी। उनके पति रामदीन गंभीर हालत में बेहोश अस्पताल में बेड पर पड़े हैं। राजवती ने दस महीने पहले बरेली के गुर्रऊ गांव की राजवाला से छोटे बेटे दुर्गेश की शादी की थी। वहीं बडे़ बेटे संतराम की पत्नी कमला और चार बेटे 10 वर्षीय शिवम्, आठ वर्षीय सत्यम्, चार वर्षीय प्रियांशु और दो वर्ष का अमित हैं। राजवती के पांच बेटों में संतराम सबसे बड़ा था। उसके बाद दूसरे नंबर पर दुर्गेश था। दोनों भाई इकलौती 17 वर्षीय बहन कृष्णा की शादी के लिए लड़के की तलाश कर रहे थे।
धूप के चलते राजीव ने पत्नी
बेटे को टेंपो में बैठाया था
धूप तेज होने की वजह से राजीव ने पत्नी मीना और पांच महीने के बेटे रजत को टेंपो में बैठा दिया। वह अपने साढ़ू रामू के साथ बाइक से टेंपो के पीछे-पीछे चल रहे थे। बेटे का शव देखकर मीना बेहोश हो गई। नानी विद्या जिला अस्पताल में रजत का शव अपनी गोद में लिए बैठी थी। नाती का शव देख-देख उनका बुरा हाल हो गया था। रजत के पिता राजीव अस्पताल में गुमसुम बैठे हुए थे। एक तो इकलौते बेटे की मौत का दुख और दूसरी तरफ जिंदगी-मौत से जूझ रही पत्नी की हालत से चिंता है। वह अफसोस भी कर रहे थे कि काश बेटे और पत्नी को टेंपो में न बैठाया होता। हादसा होने के बाद राजीव ने अपने साढ़ू रामू के साथ मिलकर घायलों को टेंपो से निकला था।
एसडीएम सदर और सीएमओ अस्पताल पहुंचे
घटना की खबर लगने के बाद एसडीएम सदर जयनाथ यादव और सीएमओ डॉ. डीके सोनकर अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने घायलों की हालत जानी। एसडीएम ने पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
पत्नी से विवाद होने पर
सोनू ने खाया था जहर
मंगलवार को सोनू का पत्नी प्रेमा से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी से नाराज होकर सोनू ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर सोनू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके ठीक होने के बाद परिवार वाले उसे घर ले जा रहे थे।
विज्ञापन
धूप के चलते राजीव ने पत्नी
बेटे को टेंपो में बैठाया था
धूप तेज होने की वजह से राजीव ने पत्नी मीना और पांच महीने के बेटे रजत को टेंपो में बैठा दिया। वह अपने साढ़ू रामू के साथ बाइक से टेंपो के पीछे-पीछे चल रहे थे। बेटे का शव देखकर मीना बेहोश हो गई। नानी विद्या जिला अस्पताल में रजत का शव अपनी गोद में लिए बैठी थी। नाती का शव देख-देख उनका बुरा हाल हो गया था। रजत के पिता राजीव अस्पताल में गुमसुम बैठे हुए थे। एक तो इकलौते बेटे की मौत का दुख और दूसरी तरफ जिंदगी-मौत से जूझ रही पत्नी की हालत से चिंता है। वह अफसोस भी कर रहे थे कि काश बेटे और पत्नी को टेंपो में न बैठाया होता। हादसा होने के बाद राजीव ने अपने साढ़ू रामू के साथ मिलकर घायलों को टेंपो से निकला था।
विज्ञापन
एसडीएम सदर और सीएमओ अस्पताल पहुंचे
घटना की खबर लगने के बाद एसडीएम सदर जयनाथ यादव और सीएमओ डॉ. डीके सोनकर अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने घायलों की हालत जानी। एसडीएम ने पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
पत्नी से विवाद होने पर
सोनू ने खाया था जहर
मंगलवार को सोनू का पत्नी प्रेमा से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी से नाराज होकर सोनू ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर सोनू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके ठीक होने के बाद परिवार वाले उसे घर ले जा रहे थे।