{"_id":"123-81057","slug":"Shahjahanpur-81057-123","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में ब्लड बैंक इंडोर पैथालॉजी सेवाएं बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक इंडोर पैथालॉजी सेवाएं बहाल
Shahjahanpur
Updated Fri, 22 Nov 2013 05:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्मियों ने दसवें दिन भी जारी रखी हड़ताल
- प्रांतीय नेतृत्व से शासन स्तर पर वार्ता का बेसब्री से इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और राज्य कर्मचारी महासंघ के साझा संगठन राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के बैनर तले विभिन्न विभागों के राज्य कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल बृहस्पतिवार को दसवें दिन भी जारी रखकर कलक्ट्रेट पर धरना दिया। हालांकि, इस बीच इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मंशा और प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार कर्मचारी नेताओं ने बृहस्पतिवार से ही जिला अस्पताल में ब्लड बैंक और इंडोर पैथालॉजी की बंद सेवाएं फिर से बहाल कर दीं।
प्रदेश सरकार की हड़ताल के विरुद्घ अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाने और हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर कराने जैसी धमकियों से हड़ताली कर्मचारी आज भी पूरी तरह बेखौफ नजर आए। धरना स्थल पर हुई सभा में कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट भी किया कि वे केवल न्यायालय और प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर ही कोई कदम उठाएंगे, शासन-प्रशासन के दबाव में आने वाले नहीं। सरकार ने अगर उत्पीड़न किया तो कर्मचारी संगठन भी न्यायालय जाने को बाध्य हो जाएंगे।
मंच के अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि न्यायालय की भावना का सम्मान करते हुए जनहित में जिला अस्पताल की हड़ताल से प्रभावित सेवाएं बहाल कर दिए जाने का प्रशासन यह आशय नहीं निकाले कि हड़ताली कर्मचारी किसी दबाव में हैं। हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि हाईकोर्ट केनिर्देशानुसार सरकार प्रांतीय नेतृत्व से शासन के किसी सक्षम अधिकारी की वार्ता नहीं कराती। सभा में विभिन्न घटक संगठनों केपदाधिकारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर हड़ताल जारी रखने का संकल्प दोहराया।
विज्ञापन
धरना व सभा में पीडब्ल्यूडी डिप्लोमा संघ केमंडलीय अध्यक्ष एचएन मिश्र, राजकीय कुष्ठ चिकित्सा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रमोद अग्निहोत्री, भूप सिंह, केपी सिंह, राम कुमार, अनिरुद्घ प्रताप सिंह, राज सिंह, ओमकार नाथ शुक्ला, उमेश प्रताप सिंह, पिंकी तोमर, अंशू बाजपेयी, मीना देवी, शहनाज, अम्बरीष कुमार शुक्ला, शराफत अली मंसूरी, जितेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, देवेंद्र कुमार, राम औतार वर्मा आदि कर्मचारी नेताओं ने हिस्सेदारी की। मंच केसचिव दिनेश चंद्र सक्सेना ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
- प्रांतीय नेतृत्व से शासन स्तर पर वार्ता का बेसब्री से इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और राज्य कर्मचारी महासंघ के साझा संगठन राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के बैनर तले विभिन्न विभागों के राज्य कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल बृहस्पतिवार को दसवें दिन भी जारी रखकर कलक्ट्रेट पर धरना दिया। हालांकि, इस बीच इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मंशा और प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार कर्मचारी नेताओं ने बृहस्पतिवार से ही जिला अस्पताल में ब्लड बैंक और इंडोर पैथालॉजी की बंद सेवाएं फिर से बहाल कर दीं।
प्रदेश सरकार की हड़ताल के विरुद्घ अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाने और हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर कराने जैसी धमकियों से हड़ताली कर्मचारी आज भी पूरी तरह बेखौफ नजर आए। धरना स्थल पर हुई सभा में कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट भी किया कि वे केवल न्यायालय और प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर ही कोई कदम उठाएंगे, शासन-प्रशासन के दबाव में आने वाले नहीं। सरकार ने अगर उत्पीड़न किया तो कर्मचारी संगठन भी न्यायालय जाने को बाध्य हो जाएंगे।
विज्ञापन
मंच के अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि न्यायालय की भावना का सम्मान करते हुए जनहित में जिला अस्पताल की हड़ताल से प्रभावित सेवाएं बहाल कर दिए जाने का प्रशासन यह आशय नहीं निकाले कि हड़ताली कर्मचारी किसी दबाव में हैं। हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि हाईकोर्ट केनिर्देशानुसार सरकार प्रांतीय नेतृत्व से शासन के किसी सक्षम अधिकारी की वार्ता नहीं कराती। सभा में विभिन्न घटक संगठनों केपदाधिकारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर हड़ताल जारी रखने का संकल्प दोहराया।
विज्ञापन
धरना व सभा में पीडब्ल्यूडी डिप्लोमा संघ केमंडलीय अध्यक्ष एचएन मिश्र, राजकीय कुष्ठ चिकित्सा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रमोद अग्निहोत्री, भूप सिंह, केपी सिंह, राम कुमार, अनिरुद्घ प्रताप सिंह, राज सिंह, ओमकार नाथ शुक्ला, उमेश प्रताप सिंह, पिंकी तोमर, अंशू बाजपेयी, मीना देवी, शहनाज, अम्बरीष कुमार शुक्ला, शराफत अली मंसूरी, जितेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, देवेंद्र कुमार, राम औतार वर्मा आदि कर्मचारी नेताओं ने हिस्सेदारी की। मंच केसचिव दिनेश चंद्र सक्सेना ने सभी का आभार जताया।