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सीएचसी की पैथोलॉजी लैब चल रही रैनबसेरा में

Fri, 15 Mar 2013 05:32 AM IST
Shahjahanpur
Shahjahanpur Updated Fri, 15 Mar 2013 05:32 AM IST
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अरसे से नहीं है पैथालॉजिस्ट की तैनाती
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- संविदा पर तैनात कर्मी से लिया जाता है काम
अमर उजाला नेटवर्क
तिलहर। अरसे से पैथोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से सीएचसी में संचालित पैथोलॉजी लैब रोगियों के लिए सफेद हाथी बनकर रह गई है। स्थिति यह है कि जांच कराने पहुंचने वाले रोगियों को कई-कई दिनों तक रिपोर्ट आने का इंतजार करना पड़ता है।
ज्ञात रहे कि भाजपा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे डॉ. दिनेश जौहरी ने हाइवे किनारे स्थित सीएचसी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कर समस्त रोगों के लिए विशेषज्ञों के साथ ही सुसज्जित पैथोलॉजी लैब और आपरेशन कक्ष स्थापित कराया था, लेकिन उनकी सरकार के पतन के साथ ही सारी सुविधायें धीरे-धीरे प्रतीकात्मक रूप में ही शेष हैं।
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वर्तमान में हालात यह हैं कि यहां सर्जन और विशेषज्ञों की तैनाती नहीं है, बल्कि रोगों की जांच के लिए बना टीबी जांच केन्द्र, तीमारदारों के लिए बनाए गये रैनबसेरा भवन में चल रहा है। अस्पताल पहुंचने वाले रोगियों को सर्दी, गर्मी और बरसात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ता है।
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हाल ही में यहां आए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जीसी नौगाई ने चौबीस घंटे में रैनबसेरा खाली कराकर टीबी लैब को दूसरे स्थान पर बनाने के आदेश दिए थे। यहां संचालित पैथोलॉजी लैब में हीमोग्लोबिन, गर्भाधान, यूरीन, शुगर, मलेरिया सहित अनेक जांचों की सुविधा उपलब्ध है।
संविदा पर तैनात लैब टेक्नीशियन सैफ खान ने बताया कि परीक्षण के बाद स्थानीय स्तर पर तैनात चिकित्सकों को परीक्षण परिणामों से अवगत करा दिया जाता है, लेकिन रिपोर्ट जिला अस्पताल से ही जारी हो पाती है।
दिसंबर 2012 में 33, जनवरी 2013 में 70 और फरवरी 2013 में 290 जांचें की गईं। यहां हीमोग्लोबिन जांच के लिए तीन रुपये, गर्भाधान जांच के लिए बीस रुपये, यूरिन के पांच तथा शुगर के तीस रुपये शुल्क निर्धारित है। टीबी की जांच नि:शुल्क की जाती है। पैथोलॉजिस्ट न होने से जांच सुविधा होने के बावजूद रोगियों के लिए सीएचसी सफेद हाथी साबित बनकर रह गई है।


‘टीबी लैब का भवन जीर्णशीर्ण होने के कारण रैन बसेरा में अस्थाई रूप से चलाया जा रहा है। संयुक्त निदेशक द्वारा तत्काल रैन बसेरा खाली करके लैब को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है। जल्द ही लैब को दूसरे स्थान पर स्थानान्तरित कर दी जाएगी।’
ृ- डॉ. संजय अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी
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