{"_id":"123-55648","slug":"Shahjahanpur-55648-123","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्रकार के अपहरण में चार आरोपियों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्रकार के अपहरण में चार आरोपियों को उम्रकैद
Shahjahanpur
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
दौरान-ए-मुकदमा एक आरोपी की हुई मौत
- आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। अष्ट्म अपर जिला जज सैय्यद वाइज ने पत्रकार के अपहरण के मुकदमे में चार आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मुकदमे के एक आरोपी हरिओम उर्फ चेला की मृत्यु दौरान-ए-मुकदमा हो गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खुटार के मोहल्ला पूर्वी गढ़ी निवासी पत्रकार अखिलेश मिश्र ने अपना अपहरण करने में जैतीपुर क्षेत्र के गांव कटहा निवासी रामपाल, भट्टा निवासी आमोद, मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव पिपरी निवासी हरिओम उर्फ चेला एवं दो अज्ञात के विरुद्घ एक सितंबर 2003 को थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 30 अगस्त 2003 की शाम चिनौर निवासी हर्षवर्धन श्रीवास्तव के घर से वह खुटार जाने के लिए टाटा सूमो में बैठे। हर्षवर्धन अखिलेश को बैठाने के बाद घर चले गए। आगे कुछ समय बाद गाड़ी में बैठे लोगों ने उसके हाथ-पैर और मुंह बांध दिया। तीन-चार घंटे बाद उसे कहीं ले जाकर एक कोठरी में बंद कर दिया। हाथ खोल दिए। दो लाख रुपये की फिरौती पत्र मां के नाम लिखवाया। उसके विज्ञापन संबंधी कागजात ले लिए। अगले दिन सुबह उसे जबरदस्ती पूड़ी खिलाई फिर हाथ-पैर बांध दिए गए। बाद में अखिलेश ने किसी तरह अपने हाथ-पैर खोल लिए। रामपाल, हरिओम और आमोद के सो जाने पर वह कोठरी से भाग निकले। यह लोग तमंचा लेकर दौड़े। चिल्लाने पर राहगीर आ गए, जिन्होंने उन्हें बचा लिया। उस वक्त वह थाना जैतीपुर के पास थे। उन्होंने थाने पर घटना बताई तो सूचना खुटार थानाध्यक्ष को दी गई। उसके बाद उनके घर पर सूचना पहुंची। रात में जैतीपुर पुलिस ने उन्हें उनके परिवार वालों को सौंपा। वहां पर कई पत्रकार एवं खुटार थाने के सिपाही मौजूद थे। उसके बाद उन्होंने थाना सदर बाजार में एफआईआर लिखाई। पुलिस ने इस मामले में विवेचना के उपरांत इन आरोपियों के अलावा जैतीपुर-तिलहर रोड निवासी प्रेमचंद्र मिश्रा, जैतीपुर क्षेत्र के गांव करकौर निवासी मुकेश गुप्ता के विरुद्घ आरोप पत्र अदालत भेजा।
विज्ञापन
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील उमेश चंद्र गुर्जर के तर्कों को सुनने के बाद जज ने इन आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी हरिओम उर्फ चेला की मृत्यु दौरान-ए-मुकदमा हो गई।
विज्ञापन
- आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। अष्ट्म अपर जिला जज सैय्यद वाइज ने पत्रकार के अपहरण के मुकदमे में चार आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मुकदमे के एक आरोपी हरिओम उर्फ चेला की मृत्यु दौरान-ए-मुकदमा हो गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खुटार के मोहल्ला पूर्वी गढ़ी निवासी पत्रकार अखिलेश मिश्र ने अपना अपहरण करने में जैतीपुर क्षेत्र के गांव कटहा निवासी रामपाल, भट्टा निवासी आमोद, मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव पिपरी निवासी हरिओम उर्फ चेला एवं दो अज्ञात के विरुद्घ एक सितंबर 2003 को थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार 30 अगस्त 2003 की शाम चिनौर निवासी हर्षवर्धन श्रीवास्तव के घर से वह खुटार जाने के लिए टाटा सूमो में बैठे। हर्षवर्धन अखिलेश को बैठाने के बाद घर चले गए। आगे कुछ समय बाद गाड़ी में बैठे लोगों ने उसके हाथ-पैर और मुंह बांध दिया। तीन-चार घंटे बाद उसे कहीं ले जाकर एक कोठरी में बंद कर दिया। हाथ खोल दिए। दो लाख रुपये की फिरौती पत्र मां के नाम लिखवाया। उसके विज्ञापन संबंधी कागजात ले लिए। अगले दिन सुबह उसे जबरदस्ती पूड़ी खिलाई फिर हाथ-पैर बांध दिए गए। बाद में अखिलेश ने किसी तरह अपने हाथ-पैर खोल लिए। रामपाल, हरिओम और आमोद के सो जाने पर वह कोठरी से भाग निकले। यह लोग तमंचा लेकर दौड़े। चिल्लाने पर राहगीर आ गए, जिन्होंने उन्हें बचा लिया। उस वक्त वह थाना जैतीपुर के पास थे। उन्होंने थाने पर घटना बताई तो सूचना खुटार थानाध्यक्ष को दी गई। उसके बाद उनके घर पर सूचना पहुंची। रात में जैतीपुर पुलिस ने उन्हें उनके परिवार वालों को सौंपा। वहां पर कई पत्रकार एवं खुटार थाने के सिपाही मौजूद थे। उसके बाद उन्होंने थाना सदर बाजार में एफआईआर लिखाई। पुलिस ने इस मामले में विवेचना के उपरांत इन आरोपियों के अलावा जैतीपुर-तिलहर रोड निवासी प्रेमचंद्र मिश्रा, जैतीपुर क्षेत्र के गांव करकौर निवासी मुकेश गुप्ता के विरुद्घ आरोप पत्र अदालत भेजा।
विज्ञापन
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील उमेश चंद्र गुर्जर के तर्कों को सुनने के बाद जज ने इन आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी हरिओम उर्फ चेला की मृत्यु दौरान-ए-मुकदमा हो गई।