{"_id":"123-55533","slug":"Shahjahanpur-55533-123","type":"story","status":"publish","title_hn":"इच्छा नवमी को महिलाओं ने मांगा अक्षय सुहाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इच्छा नवमी को महिलाओं ने मांगा अक्षय सुहाग
Shahjahanpur
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। महिलाओं ने गुरुवार को अक्षय नवमी (इच्छा नौमी) को आंवले की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्घि की कामना की।
महिलाओं ने सुबह स्नान-ध्यान से निवृत्त होकर बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, मारवाड़ी पाठशाला आदि स्थानों पर लगेे आंवला के वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मान्यता हैे कि इस दिन आंवला के वृक्ष पर भगवान विष्णु का वास होता है और अन्य देव भी उनकी स्तुति करने का वृक्ष पर एकत्र होते हैं। इस दिन जोेे लोग आंवला की पूजा करतेे हैं, उन्हें मनचाहा वरदान मिलता है। महिलाएं अक्षय नवमी पर अक्षय सुहाग की कामना करती हैं और साथ ही परिवार की सुख-शांति और समृद्घि भी मांगती हैं। परंपरानुसार महिलाओं ने आंवला वृक्ष की रोेेेेेली, अक्षत, फल, पुष्प, मिष्ठान आदि से पूजा कर धागा भी पेड़ पर लपेटा। बाद में उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर उपवास खोेेला।
विज्ञापन
महिलाओं ने सुबह स्नान-ध्यान से निवृत्त होकर बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, मारवाड़ी पाठशाला आदि स्थानों पर लगेे आंवला के वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मान्यता हैे कि इस दिन आंवला के वृक्ष पर भगवान विष्णु का वास होता है और अन्य देव भी उनकी स्तुति करने का वृक्ष पर एकत्र होते हैं। इस दिन जोेे लोग आंवला की पूजा करतेे हैं, उन्हें मनचाहा वरदान मिलता है। महिलाएं अक्षय नवमी पर अक्षय सुहाग की कामना करती हैं और साथ ही परिवार की सुख-शांति और समृद्घि भी मांगती हैं। परंपरानुसार महिलाओं ने आंवला वृक्ष की रोेेेेेली, अक्षत, फल, पुष्प, मिष्ठान आदि से पूजा कर धागा भी पेड़ पर लपेटा। बाद में उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर उपवास खोेेला।