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मौसम के हालात अनुकूल होने के बावजूद बारिश को ब्रेक
Updated Tue, 10 Jul 2018 11:28 PM IST
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मौसम अनुकूल फिर भी बरस नहीं रहे बदरा
तापमान घटने और आर्द्रता बढ़ने से बरसात की बढ़ी उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मौसम के हालात पिछले 24 घंटे से बरसात के अनुकूल बने हुए हैं। आसपास के जनपदों में हुई बारिश और जिले के ग्रामीण अंचलों में मंगलवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी के कारण आर्द्रता बढ़ने के साथ ठंडी हवा चलने से पिछले 24 घंटे में तापमान भी लगभग एक डिग्री गिर गया, लेकिन बारिश को दिन भर ब्रेक लगा रहा। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों ने मौसम की स्थितियां बरसात के अनुकूल बताई हैं, लेकिन बादलों की चाल से मौसम के जानकार भी हैरान हैं।
गत एक सप्ताह सेे मानसून एक्सप्रेस को ब्रेक लगा होनेे से वे सभी किसान बेहद परेशान हैं, जिन्होंने मानसून की पहली झमाझम बरसात पर भरोसा करके धान की रोपाई का काम निपटा लिया है। गत एक जुलाई की रात से तीन जुलाई की दोपहर तक 48 घंटे में रिकार्ड 165.4 मिमी बरसात से खेत लबालब हो गए थे। इससे किसानों ने यह मान लिया कि मानसून एक्सप्रेस अब चल निकली है और आगे भी बारिश का दौर जारी रहेगा। तब से बरसात की कौन कहे, लोग बूंदाबांदी को भी तरस रहे हैं।
किसानों को यह चिंता परेशान कर रही है कि खेतों की नमी सूखने के बाद उनके आगे सिंचाई का संकट पैदा हो जाएगा। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह केे अनुसार सुबह के समय आर्द्रता 85 प्रतिशत रिकार्ड की गई और तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट बहुत जल्द बारिश होने का संकेत है।
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तापमान घटने और आर्द्रता बढ़ने से बरसात की बढ़ी उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मौसम के हालात पिछले 24 घंटे से बरसात के अनुकूल बने हुए हैं। आसपास के जनपदों में हुई बारिश और जिले के ग्रामीण अंचलों में मंगलवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी के कारण आर्द्रता बढ़ने के साथ ठंडी हवा चलने से पिछले 24 घंटे में तापमान भी लगभग एक डिग्री गिर गया, लेकिन बारिश को दिन भर ब्रेक लगा रहा। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों ने मौसम की स्थितियां बरसात के अनुकूल बताई हैं, लेकिन बादलों की चाल से मौसम के जानकार भी हैरान हैं।
गत एक सप्ताह सेे मानसून एक्सप्रेस को ब्रेक लगा होनेे से वे सभी किसान बेहद परेशान हैं, जिन्होंने मानसून की पहली झमाझम बरसात पर भरोसा करके धान की रोपाई का काम निपटा लिया है। गत एक जुलाई की रात से तीन जुलाई की दोपहर तक 48 घंटे में रिकार्ड 165.4 मिमी बरसात से खेत लबालब हो गए थे। इससे किसानों ने यह मान लिया कि मानसून एक्सप्रेस अब चल निकली है और आगे भी बारिश का दौर जारी रहेगा। तब से बरसात की कौन कहे, लोग बूंदाबांदी को भी तरस रहे हैं।
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किसानों को यह चिंता परेशान कर रही है कि खेतों की नमी सूखने के बाद उनके आगे सिंचाई का संकट पैदा हो जाएगा। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह केे अनुसार सुबह के समय आर्द्रता 85 प्रतिशत रिकार्ड की गई और तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट बहुत जल्द बारिश होने का संकेत है।
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