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Shahjahanpur News: बुखार के 6995 मरीज मिले, लैब में कोई पॉजिटिव नहीं
Thu, 24 Apr 2025 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 24 Apr 2025 12:49 AM IST
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शाहजहांपुर। एक से 30 अप्रैल तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घरों में जाकर मरीजों को तलाश रही हैं। अभियान के तहत अभी तक बुखार के 6995 मरीज मिले हैं, जबकि लैब में कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला। दूसरी ओर राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ लग रही है।
गर्मी के मौसम में संचारी रोग से निपटने के लिए 11 विभागों को जिम्मा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर बुखार की जानकारी ले रही है। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभी तक बुखार के 6995 मरीज विभाग को मिले हैं। एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के दौरान मरीजों की जांच कराई गई, जिसमें कोई भी डेंगू, मलेरिया आदि से पीड़ित नहीं पाया गया। वहीं, दूसरी ओर राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ट्राॅमा सेंटर में बेड मिलना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते एक बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार किया जा रहा है।
जिले में इस समय बुखार फैला हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र की अधिकतर पीएचसी में डॉक्टर की कमी और जांच की सुविधा न होने के कारण मरीजों को सीएचसी में आना पड़ता है। इस कारण गांव में सक्रिय झोलाछाप की शरण में मरीज जाते हैं। कई बार गलत इलाज के कारण मरीजों की जान पर बन आती है।
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गर्मी के मौसम में संचारी रोग से निपटने के लिए 11 विभागों को जिम्मा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर बुखार की जानकारी ले रही है। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभी तक बुखार के 6995 मरीज विभाग को मिले हैं। एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के दौरान मरीजों की जांच कराई गई, जिसमें कोई भी डेंगू, मलेरिया आदि से पीड़ित नहीं पाया गया। वहीं, दूसरी ओर राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ट्राॅमा सेंटर में बेड मिलना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते एक बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार किया जा रहा है।
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जिले में इस समय बुखार फैला हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र की अधिकतर पीएचसी में डॉक्टर की कमी और जांच की सुविधा न होने के कारण मरीजों को सीएचसी में आना पड़ता है। इस कारण गांव में सक्रिय झोलाछाप की शरण में मरीज जाते हैं। कई बार गलत इलाज के कारण मरीजों की जान पर बन आती है।
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