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वतन के इश्क में हद से गुजर गया बेटा
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तिलहर। मदरसा अंजुमन इस्लाम मौजमपुर में गुलशन ए मुख्तार हिंदी उर्दू साहित्यिक संस्था की ओर से उवैस खां और हसन तिलहरी के सहयोग से एक अजिमुश्शान मुशायरे का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय शायरों के अलावा दूर दराज से आए शायरों ने भी कलाम पेश किए। इस दौरान पुलवामा कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि पेश की गई । देर रात तक चले मुशायरे में कव्वालों ने खूब तालियां बटोरी।
शहीदों की शहादत पर वाजिद हुसैन वाजिद ने कलाम- वतन के इश्क में हद से गुजर गया बेटा, ये जा के मां से न कहना के मर गया बेटा..., डॉ. अर्शी पिहान्वी- हमेशा इश्क़ के जज्बों को आइना रक्खा... जर्रार तिलहरी ने कुछ फरमाया- बड़े जिगर का उन्हें भी तो दीजिए तमगा, वो जिनके लाडले सरहद से घर नहीं आते। शरीफ अमीन ने कहा- मेरे जख्मों में अभी ताब है आ और लगा, तेरे हाथों में अभी और नमक बाकी है...। असलम तारिक ने फरमाया- मजबूर हो गए थे मुहब्बत में इस क़दर..., साजिद सफदर ने कलाम पेश करते हुए कहा- अजब माहौल बख्शा है सितमगारो ने सरहद पर, जिन्हें काबिल बनाना था उन्हें कातिल बना डाला।
इसके अलावा मुख्तार तिलहरी, हाशिम तिलहरी, हमीद तिलहरी, मुहम्मद रिजवान शाहजहांपुरी, शोईद खैरपुरी, शिफ़ा तिलहरी, हसन तिलहरी, अशहर तिलहरी, सरताज शाहजहांपुरी ने भी अपने कलाम पेश किए। मुशायरा रात तीन बजे तक चलता रहा। इस दौरान सौरभ गुप्ता, प्रमोद मिश्रा, रानू शर्मा, देवेंद्र गुप्ता, हाजी आरिफ हुसैन, जमील खां सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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शहीदों की शहादत पर वाजिद हुसैन वाजिद ने कलाम- वतन के इश्क में हद से गुजर गया बेटा, ये जा के मां से न कहना के मर गया बेटा..., डॉ. अर्शी पिहान्वी- हमेशा इश्क़ के जज्बों को आइना रक्खा... जर्रार तिलहरी ने कुछ फरमाया- बड़े जिगर का उन्हें भी तो दीजिए तमगा, वो जिनके लाडले सरहद से घर नहीं आते। शरीफ अमीन ने कहा- मेरे जख्मों में अभी ताब है आ और लगा, तेरे हाथों में अभी और नमक बाकी है...। असलम तारिक ने फरमाया- मजबूर हो गए थे मुहब्बत में इस क़दर..., साजिद सफदर ने कलाम पेश करते हुए कहा- अजब माहौल बख्शा है सितमगारो ने सरहद पर, जिन्हें काबिल बनाना था उन्हें कातिल बना डाला।
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इसके अलावा मुख्तार तिलहरी, हाशिम तिलहरी, हमीद तिलहरी, मुहम्मद रिजवान शाहजहांपुरी, शोईद खैरपुरी, शिफ़ा तिलहरी, हसन तिलहरी, अशहर तिलहरी, सरताज शाहजहांपुरी ने भी अपने कलाम पेश किए। मुशायरा रात तीन बजे तक चलता रहा। इस दौरान सौरभ गुप्ता, प्रमोद मिश्रा, रानू शर्मा, देवेंद्र गुप्ता, हाजी आरिफ हुसैन, जमील खां सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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