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Shahjahanpur News: टेंडर में फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र लगाने पर फर्म के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश
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शाहजहांपुर। नगर पालिका परिषद तिलहर में निर्माण कार्यों के टेंडर में फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र लगाए जाने का मामला सामने आया है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने मामले में संबंधित फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने समेत अन्य कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई नगर पालिका परिषद तिलहर के सभासद कय्यूम खान की ओर से की गई शिकायत के बाद हुई जांच के आधार पर की गई है।
फर्म मथुरा कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार तिलहर के नितगंजा मोहल्ले के रहने वाले प्रदीप कुमार गुप्ता हैं। सभासद की शिकायत के बाद मथुरा कंस्ट्रक्शन की ओर से डाले गए टेंडरों में लगाए गए चरित्र प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई। जांच में क्रमांक 03, 04, 05, 06, 09 और 10 में दर्शाए गए प्रमाणपत्र कार्यालय से निर्गत नहीं पाए गए।
जांच अधिकारी ने इन्हें कूटरचित ढंग से तैयार किए जाने की बात अपनी रिपोर्ट में कही। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित मामलों में अलग-अलग कूटरचित व फर्जी दस्तावेज तैयार करने और टेंडर में प्रस्तुत कर धोखाधड़ी करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी 15 दिन में पूरी की जाए।
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इसके अलावा जांच के बाद फर्म की जमानत राशि आदि की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करते हुए धनराशि की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता की ओर से एफडीआर का सत्यापन कराए जाने की मांग भी की गई थी। डीएम ने अधिशासी अधिकारी को एफडीआर का सत्यापन कराकर आख्या उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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प्रमाणपत्रों की हुई जांच
जांच रिपोर्ट में वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक मथुरा कंस्ट्रक्शन के नाम स्वीकृत निर्माण कार्यों में लगाए गए चरित्र प्रमाणपत्रों का विवरण दिया गया है। इसमें सड़क निर्माण, सामुदायिक केंद्र, नाली निर्माण, विद्यालयों में कार्य, पाइपलाइन लीकेज रिपेयरिंग सामग्री की आपूर्ति और अन्य कार्य शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुछ प्रमाणपत्र सही पाए गए, जबकि छह प्रमाणपत्र कार्यालय से जारी नहीं होने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कार्यालय से जारी वास्तविक चरित्र प्रमाणपत्रों की क्रम संख्या और फर्म की ओर से प्रस्तुत प्रमाणपत्रों में अंतर मिला।
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फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। फर्म को ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। फर्म के नगर निगम में कुछ टेंडर हासिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। पत्रावली की जांच की जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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फर्म मथुरा कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार तिलहर के नितगंजा मोहल्ले के रहने वाले प्रदीप कुमार गुप्ता हैं। सभासद की शिकायत के बाद मथुरा कंस्ट्रक्शन की ओर से डाले गए टेंडरों में लगाए गए चरित्र प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई। जांच में क्रमांक 03, 04, 05, 06, 09 और 10 में दर्शाए गए प्रमाणपत्र कार्यालय से निर्गत नहीं पाए गए।
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जांच अधिकारी ने इन्हें कूटरचित ढंग से तैयार किए जाने की बात अपनी रिपोर्ट में कही। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित मामलों में अलग-अलग कूटरचित व फर्जी दस्तावेज तैयार करने और टेंडर में प्रस्तुत कर धोखाधड़ी करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी 15 दिन में पूरी की जाए।
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इसके अलावा जांच के बाद फर्म की जमानत राशि आदि की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करते हुए धनराशि की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता की ओर से एफडीआर का सत्यापन कराए जाने की मांग भी की गई थी। डीएम ने अधिशासी अधिकारी को एफडीआर का सत्यापन कराकर आख्या उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
प्रमाणपत्रों की हुई जांच
जांच रिपोर्ट में वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक मथुरा कंस्ट्रक्शन के नाम स्वीकृत निर्माण कार्यों में लगाए गए चरित्र प्रमाणपत्रों का विवरण दिया गया है। इसमें सड़क निर्माण, सामुदायिक केंद्र, नाली निर्माण, विद्यालयों में कार्य, पाइपलाइन लीकेज रिपेयरिंग सामग्री की आपूर्ति और अन्य कार्य शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुछ प्रमाणपत्र सही पाए गए, जबकि छह प्रमाणपत्र कार्यालय से जारी नहीं होने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कार्यालय से जारी वास्तविक चरित्र प्रमाणपत्रों की क्रम संख्या और फर्म की ओर से प्रस्तुत प्रमाणपत्रों में अंतर मिला।
फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। फर्म को ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। फर्म के नगर निगम में कुछ टेंडर हासिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। पत्रावली की जांच की जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम