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गर्मी आते ही शुरू हो गई पेयजल की किल्लत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Mon, 02 Apr 2018 08:38 PM IST
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गर्मी का मौसम आते ही भूगर्भ जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है। पेयजल के लिए लगे छोटे हैंडपंपों ने अभी से पानी देना कम कर दिया है। मई जून के महीने में पेयजल की किल्लत बढ़ जाएगी।
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ग्रामीण क्षेत्र में भूगर्भ जलस्तर के लगातार गिरने का मुख्य कारण तालाबों और नदियों का सूख जाना है। सूखे तालाबों की जमीनों पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर भवन निर्माण करवा लिए हैं, जबकि सूखी नदियों के बहाव क्षेत्र में खेती की जा रही है। कोलाघाट पुल के नीचे रामगंगा और ढाई गांव के समीप सोत नदी पूरी तरह सूख चुकी है। सूखी नदियों की सैकड़ों बीघा जमीन पर माफिया खेती कर रहे हैं।
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प्रदेश सरकार की एंटी भू माफिया टीम भी तालाबों और नदियों की भूमि को माफिया के अवैध कब्जे से मुक्त नहीं करवा सकी है। जिसका दंश आम नागरिकों को पेयजल के रूप में भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि संपन्न लोगों ने सिंचाई के लिए खेतों और पेयजल की अलग-अलग व्यवस्थाएं कर ली हैं ,लेकिन गरीबों को पेयजल के लिए मोहल्ले में लगे एकाध इंडिया मार्का हैंडपंपों का ही सहारा रह गया है।
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इस संबंध में एसडीएम कलान विजयपाल सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।