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ओडीएफ की रफ्तार तेज, जिले में 8320 शौचालय स्वीकृत
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:57 PM IST
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शाहजहांपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में 8320 स्वच्छ शौचालयों को मंजूरी मिल गई है। इससे ओडीएफ की रफ्तार तेजी होगी। इन शौचालयों का निर्माण गेहूं कटान शुरू होने से पहले किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। सोमवार को गांधी भवन में बैठक के दौरान सीडीओ संजीव सिंह ने सभी बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारी और प्रधानों को इस संबंध में जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले को पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि बेस लाइन सूची का दोबारा से सत्यापन करा शौचालय निर्माण कराया जाएगा।
बैठक के दौरान सीडीओ ने प्रधानों से कहा कि वह गांव के प्रथम प्रतिनिधि हैं। ऐसे में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। खुले में शौच जाने से लोगों को रोकने के लिए निगरानी समितियां बनाई गई हैं। अगर यह निगरानी समितियां सक्रिय होकर काम करें तो निश्चित ही जिला ओडीएफ हो जाएगा। खुले में शौच जाने वालों को बताएं कि इससे बीमारियां होती हैं। गंदगी से बच्चों में कुपोषण होता है। सीडीओ ने कहा कि हर गांव में समय-समय पर बीएचएमडी कैंप का आयोजन किया जाता है। इसमें बच्चे, गर्भवती महिलाएं आदि की मानीटरिंग टीकाकरण के साथ पुष्टाहार का वितरण किया जाता है। इन कैंपों में मौजूर रहकर काम कराएं। गांवों में खुली बैठक कराकर बेसलाइन सूची पढ़कर सुनाते हुए गांव में जो सबसे गरीब पात्र व्यक्ति हों उनका नाम सूची में जोड़ दें। शौचालय मानक के अनुसार बनवाया जाएं। पानी का निकास ठीक होने के साथ शौचालय देखने में भी अच्छा होना चाहिए। बैठक में डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार सभी खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, सचिव और प्रधान आदि रहे।
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बैठक के दौरान सीडीओ ने प्रधानों से कहा कि वह गांव के प्रथम प्रतिनिधि हैं। ऐसे में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। खुले में शौच जाने से लोगों को रोकने के लिए निगरानी समितियां बनाई गई हैं। अगर यह निगरानी समितियां सक्रिय होकर काम करें तो निश्चित ही जिला ओडीएफ हो जाएगा। खुले में शौच जाने वालों को बताएं कि इससे बीमारियां होती हैं। गंदगी से बच्चों में कुपोषण होता है। सीडीओ ने कहा कि हर गांव में समय-समय पर बीएचएमडी कैंप का आयोजन किया जाता है। इसमें बच्चे, गर्भवती महिलाएं आदि की मानीटरिंग टीकाकरण के साथ पुष्टाहार का वितरण किया जाता है। इन कैंपों में मौजूर रहकर काम कराएं। गांवों में खुली बैठक कराकर बेसलाइन सूची पढ़कर सुनाते हुए गांव में जो सबसे गरीब पात्र व्यक्ति हों उनका नाम सूची में जोड़ दें। शौचालय मानक के अनुसार बनवाया जाएं। पानी का निकास ठीक होने के साथ शौचालय देखने में भी अच्छा होना चाहिए। बैठक में डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार सभी खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, सचिव और प्रधान आदि रहे।
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