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...फिर तो यहां भी केरल जैसा होगा मनोरम दृश्य
Updated Mon, 30 Oct 2017 06:42 PM IST
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शाहजहांपुर। मिर्जापुर और कलान क्षेत्र से निकली गंगा और रामगंगा का हरियाली से श्रृंगार किया जाएगा। इसके लिए दोनों किनारों पर पौधरोपण का खाका वन विभाग ने तैयार किया है। आसपास के गांव के किसानों का सहयोग मिला तो जल्द ही यहां गंगा और रामगंगा के किनारे मनोरम हो जाएंगे। कल-कल बहती गंगा लोगों के आकर्षण का केंद्र होगी।
केंद्र सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए रूपरेखा तैयार कर रखी है। इसी के तहत जिले की सीमा से होकर गुजरने वाली गंगा और रामगंगा को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। मिर्जापुर और कलान क्षेत्र से गुजरी गंगा और रामगंगा का शीघ्र ही कायाकल्प होगा। कल-कल बहती गंगा के किनारे रेतों के बीच मिट्टी वाली जमीन पर कुछ दिनों बाद हरियाली नजर आएगी। इसके लिए गंगा किनारे दोनों और पौधरोपण कराया जाएगा। गंगा किनारे बसे गांव के लोगों से वनविभाग राय-मशविरा कर रहा है क्योंकि सबसे अहम जरूरत पौधरोपण के बाद उनके देखभाल की है और यह काम आसपास गांव के सहयोग के बिना नहीं हो सकता है। वन विभाग ने गंगा के किनारे करीब दो लाख से अधिक पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ग्राम प्रधानों को नोडल बनाया गया है।
कटान भी रुकेगा पौधरोपण के बाद
गंगा और रामगंग किनारे पौधरोपण हो जाने के कटान की स्थित से भी आसपास गांव के लोगों को जूझना नहीं पड़ेगा। क्योंकि पेड़ों की जड़ों से चिपकी मिट्टी इतनी आसानी ने नहीं कट पाएगी और यहां पर बांध बनाने में आसानी रहेगी।
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ढाईघाट को भी किया जाएगा पक्का
मिर्जापुर के पास से होकर गुजरी गंगा किनारे ढाईघाट को भी पक्का किए जाने की योजना है। कार्तिक मास में हर साल यहां पर मेला लगता है और लोग यहां कई-कई दिन रुक कर गंगा स्नान के साथ पूजा पाठ करते हुए मां गंगा की आरती उतारते हैं। ढाई घाट को भी पक्का बनाने के साथ ही और भी तमाम परियोजनाएं अमल में लाई जाएंगी। इसके लिए वन विभाग ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से सहयोग मांगा है।
इन गांवों के किनारे होगा पौधरोपण
गंगा और रामगंगा के किनारे बसे मिर्जापुर और कलान क्षेत्र के छह गांव अलमादपुर चक, जहानाबाद खमरिया, हेतमपुर, मोहनपुर कलुआपुर, पैलानी उत्तर और दोषपुर थोक में पौधारोपण किया जाएगा।
योजनाओं के लिए फंडिंग करेगा वन विभाग
डीएफओ मनोज खरे के मुताबिक जो किसान नमामि गंगे योजना में सहयोग करते हुए अपनी जमीन विभाग को देंगे उनके लिए वन विभाग विभिन्न प्रकार की खेती के लिए फंडिग करेगा। इसमें हल्दी की खेती और दवाओं के पौधे अहम हैं। वन विभाग अपनी देखरेख में इन योजनाओं का क्रियान्वयन करेगा।
योजना के मुख्य उद्देश्य
गंगा व उसकी सहायक नदियों का संरक्षण
सिल्टेशन को रोकने के लिए पौधरोपण
प्रदूषण को रोका जाना
नदियों में गिर रहे नालों के लिए सीनियस ट्रीटमेंट प्लान, ताकि खाद बनाई जा सके
भूमि संरक्षण की कवायद
नमामि गंगे योजना के अंतर्गत पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, प्रदूषण निय़ंत्रण विभाग से सहयोग मांगा गया है। विभाग ने तो अपना प्रोजेक्ट तैयार कर दिया है। अन्य विभागों का प्रोजेक्ट नहीं मिला है। उनका प्रोजेक्ट मिलते ही योजना पर काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस योजना से गंगा को प्रदूषित होने से तो बचाया ही जाएगा साथ ही कटान भी रुकेगा।
मनोज खरे, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग, शाहजहांपुर
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केंद्र सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए रूपरेखा तैयार कर रखी है। इसी के तहत जिले की सीमा से होकर गुजरने वाली गंगा और रामगंगा को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। मिर्जापुर और कलान क्षेत्र से गुजरी गंगा और रामगंगा का शीघ्र ही कायाकल्प होगा। कल-कल बहती गंगा के किनारे रेतों के बीच मिट्टी वाली जमीन पर कुछ दिनों बाद हरियाली नजर आएगी। इसके लिए गंगा किनारे दोनों और पौधरोपण कराया जाएगा। गंगा किनारे बसे गांव के लोगों से वनविभाग राय-मशविरा कर रहा है क्योंकि सबसे अहम जरूरत पौधरोपण के बाद उनके देखभाल की है और यह काम आसपास गांव के सहयोग के बिना नहीं हो सकता है। वन विभाग ने गंगा के किनारे करीब दो लाख से अधिक पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ग्राम प्रधानों को नोडल बनाया गया है।
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कटान भी रुकेगा पौधरोपण के बाद
गंगा और रामगंग किनारे पौधरोपण हो जाने के कटान की स्थित से भी आसपास गांव के लोगों को जूझना नहीं पड़ेगा। क्योंकि पेड़ों की जड़ों से चिपकी मिट्टी इतनी आसानी ने नहीं कट पाएगी और यहां पर बांध बनाने में आसानी रहेगी।
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ढाईघाट को भी किया जाएगा पक्का
मिर्जापुर के पास से होकर गुजरी गंगा किनारे ढाईघाट को भी पक्का किए जाने की योजना है। कार्तिक मास में हर साल यहां पर मेला लगता है और लोग यहां कई-कई दिन रुक कर गंगा स्नान के साथ पूजा पाठ करते हुए मां गंगा की आरती उतारते हैं। ढाई घाट को भी पक्का बनाने के साथ ही और भी तमाम परियोजनाएं अमल में लाई जाएंगी। इसके लिए वन विभाग ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से सहयोग मांगा है।
इन गांवों के किनारे होगा पौधरोपण
गंगा और रामगंगा के किनारे बसे मिर्जापुर और कलान क्षेत्र के छह गांव अलमादपुर चक, जहानाबाद खमरिया, हेतमपुर, मोहनपुर कलुआपुर, पैलानी उत्तर और दोषपुर थोक में पौधारोपण किया जाएगा।
योजनाओं के लिए फंडिंग करेगा वन विभाग
डीएफओ मनोज खरे के मुताबिक जो किसान नमामि गंगे योजना में सहयोग करते हुए अपनी जमीन विभाग को देंगे उनके लिए वन विभाग विभिन्न प्रकार की खेती के लिए फंडिग करेगा। इसमें हल्दी की खेती और दवाओं के पौधे अहम हैं। वन विभाग अपनी देखरेख में इन योजनाओं का क्रियान्वयन करेगा।
योजना के मुख्य उद्देश्य
गंगा व उसकी सहायक नदियों का संरक्षण
सिल्टेशन को रोकने के लिए पौधरोपण
प्रदूषण को रोका जाना
नदियों में गिर रहे नालों के लिए सीनियस ट्रीटमेंट प्लान, ताकि खाद बनाई जा सके
भूमि संरक्षण की कवायद
नमामि गंगे योजना के अंतर्गत पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, प्रदूषण निय़ंत्रण विभाग से सहयोग मांगा गया है। विभाग ने तो अपना प्रोजेक्ट तैयार कर दिया है। अन्य विभागों का प्रोजेक्ट नहीं मिला है। उनका प्रोजेक्ट मिलते ही योजना पर काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस योजना से गंगा को प्रदूषित होने से तो बचाया ही जाएगा साथ ही कटान भी रुकेगा।
मनोज खरे, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग, शाहजहांपुर