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कृष्ण जन्म की लीला देख दर्शक भाव विभोर
Updated Fri, 15 Sep 2017 05:59 PM IST
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जेंबा/पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव अगौना में चल रही रासलीला में बृहस्पतिवार रात कृष्ण जन्म और पूतना वध की लीला का मंचन किया गया। दर्शकों ने लीला के सुंदर मंचन पर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कलाकारों ने लीला प्रस्तुत कर दिखाया कि कंस अपनी बहन देवकी का विवाह धूमधाम से करता है। देवकी को ससुराल ले जाते समय आकाशवाणी होती है कि देवकी का आठवां पुत्र उसका काल होगा। यह सुनकर कंस देवकी और बहनोई वासुदेव को कारागृह में डाल देता है। देवकी के सात बच्चों को कंस मार देता है, लेकिन आठवें पुत्र के रूप में भगवान विष्णु के अवतार लेते ही कारागृह के ताले अपने आप खुल जाते हैं, और वासुदेव कृष्ण को गोकुल में माता यशोदा के पास पहुंचा देते हैं।
इसके कुछ समय बाद कंस को कृष्ण जन्म के बारे में जानकारी मिलती है, तो वह अपनी बहन पूतना को कृष्ण को मारने के लिए भेजता है, लेकिन भगवान कृष्ण पूतना को मार देते हैं। रासलीला के आयोजन में गांव के तमाम लोगों का सहयोग रहा।
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कलाकारों ने लीला प्रस्तुत कर दिखाया कि कंस अपनी बहन देवकी का विवाह धूमधाम से करता है। देवकी को ससुराल ले जाते समय आकाशवाणी होती है कि देवकी का आठवां पुत्र उसका काल होगा। यह सुनकर कंस देवकी और बहनोई वासुदेव को कारागृह में डाल देता है। देवकी के सात बच्चों को कंस मार देता है, लेकिन आठवें पुत्र के रूप में भगवान विष्णु के अवतार लेते ही कारागृह के ताले अपने आप खुल जाते हैं, और वासुदेव कृष्ण को गोकुल में माता यशोदा के पास पहुंचा देते हैं।
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इसके कुछ समय बाद कंस को कृष्ण जन्म के बारे में जानकारी मिलती है, तो वह अपनी बहन पूतना को कृष्ण को मारने के लिए भेजता है, लेकिन भगवान कृष्ण पूतना को मार देते हैं। रासलीला के आयोजन में गांव के तमाम लोगों का सहयोग रहा।
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