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ट्यूबवेल की कोठरी गिरने से किसान की मौत
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:20 AM IST
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राहत नहीं अब जान लेवा हुई बारिश
नलकूप की कोठरी गिरने से किसान की मौत
जानवरों फसल की रखवाली के बाद सो गया था कोठरी में
रात तीन बजे हुआ हादसा, राजस्व विभाग की टीम ने किया मुआयना
फोटो-33,खेत में बनी कोठरी का मलबा
अमर उजाला ब्यूरो
कलान। खेत पर बनी ट्यूबवेल की कोठरी गिरने से उसके मलबे में दबकर किसान की मौत की हो गई। सूचना पर तहसील से पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी। तहसील प्रशासन ने मृतक आश्रितों को चार लाख की आर्थिक सहायता को मंजूरी दे दी है।
क्षेत्र के गांव सथरा धर्मपुर निवासी 46 वर्षीय रामऔतार शुक्रवार रात जानवरों से धान फसल की रखवाली करने रोजाना की तरह खेत पर गए थे। जानवरों से फसल सुरक्षित जानकर वह वहीं खेत में बनी ट्यूबवेल की कोठरी में सो गए। रात करीब तीन बजे अचानक तीन तरफ की दीवारें धंस गईं और इससे मलबे में रामऔतार दब गया। कोठरी धंसने की आवाज सुनकर पड़ोस के खेत में मौजूद चेतराम ने टार्च की रोशनी डालकर देखा तब उन्हें रामऔतार के दबने की जानकारी हुई और गांव पहुंचकर परिवार के लोगों को सूचना दी। गांव से पहुंचे परिवार व ग्रामीणों ने मिलकर मलबे के नीचे दबे रामऔतार को बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर लेखपाल, कानूनगो मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना कर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी। तहसील प्रशासन ने दैवी आपदा के तहत चार लाख रुपये मंजूर किए गए। तहसीलदार ने बताया मृतक आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता कल तक मिल जाएगी। रामऔतार की मौत पर उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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कलान। खेत पर बनी ट्यूबवेल की कोठरी गिरने से उसके मलबे में दबकर किसान की मौत की हो गई। सूचना पर तहसील से पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी। तहसील प्रशासन ने मृतक आश्रितों को चार लाख की आर्थिक सहायता को मंजूरी दे दी है।
क्षेत्र के गांव सथरा धर्मपुर निवासी 46 वर्षीय रामऔतार शुक्रवार रात जानवरों से धान फसल की रखवाली करने रोजाना की तरह खेत पर गए थे। जानवरों से फसल सुरक्षित जानकर वह वहीं खेत में बनी ट्यूबवेल की कोठरी में सो गए। रात करीब तीन बजे अचानक तीन तरफ की दीवारें धंस गईं और इससे मलबे में रामऔतार दब गया। कोठरी धंसने की आवाज सुनकर पड़ोस के खेत में मौजूद चेतराम ने टार्च की रोशनी डालकर देखा तब उन्हें रामऔतार के दबने की जानकारी हुई और गांव पहुंचकर परिवार के लोगों को सूचना दी। गांव से पहुंचे परिवार व ग्रामीणों ने मिलकर मलबे के नीचे दबे रामऔतार को बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर लेखपाल, कानूनगो मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना कर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी। तहसील प्रशासन ने दैवी आपदा के तहत चार लाख रुपये मंजूर किए गए। तहसीलदार ने बताया मृतक आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता कल तक मिल जाएगी। रामऔतार की मौत पर उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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