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सर्द पछुआ हवाओं से बढ़ी गलन, 4.3 डिग्री लुढ़का पारा
Updated Sun, 16 Dec 2018 07:23 PM IST
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सर्द पछुआ हवाओं से बढ़ी गलन, 4.3 डिग्री लुढ़का पारा
शाहजहांपुर। पहाड़ों पर बर्फ बारी का असर जिले के मौसम पर हावी होने लगा है। दो दिन पहले धुंध और बादल छाए रहने से तापमान में आई करीब 4.3 डिग्री की गिरावट के बाद से सर्दी पैर पसारने लगी है। दिन मेें धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन शाम होते ही पछुआ हवा के झोंके सर्द थपेड़ों में बदलकर लोगों को ठिठुरने पर मजबूर करने लगे हैं। ठंडी हवा से बढ़ी गलन के कारण धूप की गरमाहट भी कम होने लगी है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर से लेकर उत्तराखंड की पहाड़ियों पर हो रहे हिमपात के चलते पश्चिमी विक्षोभ के कारण चल रही पछुआ हवाएं भी बर्फीली हो गई हैं। शनिवार शाम से हवा का वेग बढ़ा तो वातावरण में ठंडक बढ़ने से थर्मामीटर का पारा भी नीचे गिरने लगा है। सर्द पछुआ हवा के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान 9.6 से 4.3 डिग्री गिरकर 5.3 डिग्री सेल्सियस रह गया। हालांकि, दिन में धूप निकलने से लोगों, विशेषकर सर्दी से ठिठुरते गरीबों को थोड़ी राहत मिली।
गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. जे सिंह के अनुसार ठंडी पछुआ हवा चलने के कारण रात के तापमान में गिरावट आई है। इन दिनों आसमान साफ होने के दौरान हवा चलने से सर्दी बढ़ना सामान्य मौसमी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि जिस तरह तापमान बढ़ने पर गन्ना फसल में कल्ले तेजी से निकलते हैं। उसी तरह सर्दी बढ़ने के साथ तापमान जितना कम होगा, गेहूं पौध में कल्ले भी तेजी से निकलेंगे। निदेशक के अनुसार फिलहाल आसमान साफ रहने से रात में सर्दी बढ़ने के संकेत हैं।
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शाहजहांपुर। पहाड़ों पर बर्फ बारी का असर जिले के मौसम पर हावी होने लगा है। दो दिन पहले धुंध और बादल छाए रहने से तापमान में आई करीब 4.3 डिग्री की गिरावट के बाद से सर्दी पैर पसारने लगी है। दिन मेें धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन शाम होते ही पछुआ हवा के झोंके सर्द थपेड़ों में बदलकर लोगों को ठिठुरने पर मजबूर करने लगे हैं। ठंडी हवा से बढ़ी गलन के कारण धूप की गरमाहट भी कम होने लगी है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर से लेकर उत्तराखंड की पहाड़ियों पर हो रहे हिमपात के चलते पश्चिमी विक्षोभ के कारण चल रही पछुआ हवाएं भी बर्फीली हो गई हैं। शनिवार शाम से हवा का वेग बढ़ा तो वातावरण में ठंडक बढ़ने से थर्मामीटर का पारा भी नीचे गिरने लगा है। सर्द पछुआ हवा के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान 9.6 से 4.3 डिग्री गिरकर 5.3 डिग्री सेल्सियस रह गया। हालांकि, दिन में धूप निकलने से लोगों, विशेषकर सर्दी से ठिठुरते गरीबों को थोड़ी राहत मिली।
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गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. जे सिंह के अनुसार ठंडी पछुआ हवा चलने के कारण रात के तापमान में गिरावट आई है। इन दिनों आसमान साफ होने के दौरान हवा चलने से सर्दी बढ़ना सामान्य मौसमी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि जिस तरह तापमान बढ़ने पर गन्ना फसल में कल्ले तेजी से निकलते हैं। उसी तरह सर्दी बढ़ने के साथ तापमान जितना कम होगा, गेहूं पौध में कल्ले भी तेजी से निकलेंगे। निदेशक के अनुसार फिलहाल आसमान साफ रहने से रात में सर्दी बढ़ने के संकेत हैं।
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