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हत्याभियुक्त पिता और तीन पुत्रों को उम्रकैद
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:11 PM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम फराह मतलूब ने बुधवार को आठ साल पुराने हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर पिता और उसके तीन बेटों को उम्रकैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम से दो लाख रुपये मृतक के परिजनों को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश भी कोर्ट ने दिया है।
खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव दिवरिया अरविंद सिंह 7-8 दिसंबर 2008 की रात अपने भाई बदन सिंह और गांव के राज कुमार के साथ गांव के बाहर तालाब पर सिंघाड़े की फसल की रखवाली कर रहे थे।
रात में करीब दो बजे गांव का राज बहादुर सिंह अपने बेटों राज कुमार, शिवनंदन और अभिनंदन के साथ हाथों में कांता, तमंचा और चाकू लेकर वहां पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच एक साल से रंजिश चल रही थी। चारों आरोपियों ने तमंचे से उनपर फायर कर दिया और चाकू से हमला किया। इसमें बदन सिंह की मौत हो गई।
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वादी अरविंद की तहरीर पर पुलिस ने राज बहादुर सिंह, राज कुमार, शिवनंदन और अभिनंदन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के दौरान नौ दिसंबर को अभियुक्त अभिनंदन को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बदन सिंह की हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया। 11 दिसंबर को शिवनंदन की भी गिरफ्तारी कर ली गई। विवेचना पूरी कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश फराह मतलूब ने गवाहों के बयान सुने, पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन और सरकारी वकीन उमेश चंद्र गुर्जर के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी राज बहादुर सिंह उसके पुत्र राज कुमार, शिवनंदन और अभिनंदन को बदन सिंह की हत्या का दोषी करार देते हुए उम्र कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। आरोपी शिवनंदन और अभिनंदन को कोर्ट ने अलग से आर्म्स एक्ट के तहत तीन-तीन साल कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा भी सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव दिवरिया अरविंद सिंह 7-8 दिसंबर 2008 की रात अपने भाई बदन सिंह और गांव के राज कुमार के साथ गांव के बाहर तालाब पर सिंघाड़े की फसल की रखवाली कर रहे थे।
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रात में करीब दो बजे गांव का राज बहादुर सिंह अपने बेटों राज कुमार, शिवनंदन और अभिनंदन के साथ हाथों में कांता, तमंचा और चाकू लेकर वहां पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच एक साल से रंजिश चल रही थी। चारों आरोपियों ने तमंचे से उनपर फायर कर दिया और चाकू से हमला किया। इसमें बदन सिंह की मौत हो गई।
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वादी अरविंद की तहरीर पर पुलिस ने राज बहादुर सिंह, राज कुमार, शिवनंदन और अभिनंदन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के दौरान नौ दिसंबर को अभियुक्त अभिनंदन को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बदन सिंह की हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया। 11 दिसंबर को शिवनंदन की भी गिरफ्तारी कर ली गई। विवेचना पूरी कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश फराह मतलूब ने गवाहों के बयान सुने, पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन और सरकारी वकीन उमेश चंद्र गुर्जर के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी राज बहादुर सिंह उसके पुत्र राज कुमार, शिवनंदन और अभिनंदन को बदन सिंह की हत्या का दोषी करार देते हुए उम्र कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। आरोपी शिवनंदन और अभिनंदन को कोर्ट ने अलग से आर्म्स एक्ट के तहत तीन-तीन साल कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा भी सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।